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आसमान पर छाए बादलों और बूंदाबांदी ने अफसरों को डराया
Updated Sat, 21 Jul 2018 11:49 PM IST
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मौसम विभाग की रिपोर्ट फेल, अफसरों की तैयारी पास
आसमान पर छाए बादलों और बूंदाबांदी नेे अफसरों को डराया
शाहजहांपुर। मोदी की रैली से एक दिन पहले बरसात के बाद मौसम विभाग की भविष्यवाणी शनिवार को फेल हो गई। वहीं पिछले कई दिनों से रैली की तैयारियों में जुटे अफसर पास हो गए।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को सुबह आसमान पर छाए बादलों से शुरू हुई बूंदाबांदी ने प्रधानमंत्री की रैली के लिए सभा स्थल पर मौजूद अधिकारियों को डरा दिया। हालांकि, दस मिनट बाद ही बूंदें गिरनी बंद हो गईं और हल्की धूप निकलने से अफसरों नेे राहत की सांस ली। हल्की बूंदाबांदी से वातावरण में नमी बढ़ने के साथ लोगों को गर्मी और उमस से भी थोड़ी राहत मिल गई। मौसम के जानकारों का कहना है कि बैरोमीटर की रीडिंग में आई कमी में सुधार के कोई संकेत नहीं होने से बारिश के आसार बरकरार हैं।
शुक्रवार का दिन में धूप निकलने से खासी उमस रही। चूंकि, रात में भी बादल छाए रहे। इसलिए उमस में कारण न्यूनतम तापमान करीब एक डिग्री बढ़ गया, लेकिन शनिवार को सुबह नौ बजे बूंदाबांदी होने के कारण नमी बढ़कर 86 प्रतिशत तक पहुंची तो दिन में थर्मामीटर का पारा 1.5 डिग्री गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस रह गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार बूंदाबांदी इतनी नहीं हो पाई कि उसे काउंट किया जा सके, लेकिन उससे उमस और गर्मी में थोड़ी कमी आ गई।
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बारिश की आशंका से खासे चिंतित थे खन्ना
शाहजहांपुर। मौसम विभाग की भविष्यवाणी से पीएम की रैली में खासे बादल मंडराते नजर आ रहे थे। चूंकि नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के विधानसभा क्षेत्र में ही रैली हो रही थी, इसलिए वह खासे चिंतित भी थे। हालांकि वह कार्यकर्ताओं के उत्साह से इतने प्रफुल्लित थे कि कह रहे थे कि आंधी-पानी का रैली पर कोई असर नहीं दिखेगा। उनकी चिंता के बाद हनुमानजी ने पलभर में छांट दिए। वह हनुमानजी के भक्त भी हैं, शायद उन्होंने निर्विघ्न रैली की कामना की हो। क्योंकि जब पीएम की सभा चल रही थी, तब बरेली में मूसलाधार बारिश हो रही थी, लेकिन शाहजहांपुर में थोड़े-बहुत बादल तो मंडराते रहे, लेकिन भविष्यवाणी के बावजूद बरसात नहीं हुई।
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मौसम विभाग की रिपोर्ट फेल, अफसरों की तैयारी पास
आसमान पर छाए बादलों और बूंदाबांदी नेे अफसरों को डराया
शाहजहांपुर। मोदी की रैली से एक दिन पहले बरसात के बाद मौसम विभाग की भविष्यवाणी शनिवार को फेल हो गई। वहीं पिछले कई दिनों से रैली की तैयारियों में जुटे अफसर पास हो गए।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को सुबह आसमान पर छाए बादलों से शुरू हुई बूंदाबांदी ने प्रधानमंत्री की रैली के लिए सभा स्थल पर मौजूद अधिकारियों को डरा दिया। हालांकि, दस मिनट बाद ही बूंदें गिरनी बंद हो गईं और हल्की धूप निकलने से अफसरों नेे राहत की सांस ली। हल्की बूंदाबांदी से वातावरण में नमी बढ़ने के साथ लोगों को गर्मी और उमस से भी थोड़ी राहत मिल गई। मौसम के जानकारों का कहना है कि बैरोमीटर की रीडिंग में आई कमी में सुधार के कोई संकेत नहीं होने से बारिश के आसार बरकरार हैं।
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शुक्रवार का दिन में धूप निकलने से खासी उमस रही। चूंकि, रात में भी बादल छाए रहे। इसलिए उमस में कारण न्यूनतम तापमान करीब एक डिग्री बढ़ गया, लेकिन शनिवार को सुबह नौ बजे बूंदाबांदी होने के कारण नमी बढ़कर 86 प्रतिशत तक पहुंची तो दिन में थर्मामीटर का पारा 1.5 डिग्री गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस रह गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार बूंदाबांदी इतनी नहीं हो पाई कि उसे काउंट किया जा सके, लेकिन उससे उमस और गर्मी में थोड़ी कमी आ गई।
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बारिश की आशंका से खासे चिंतित थे खन्ना
शाहजहांपुर। मौसम विभाग की भविष्यवाणी से पीएम की रैली में खासे बादल मंडराते नजर आ रहे थे। चूंकि नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के विधानसभा क्षेत्र में ही रैली हो रही थी, इसलिए वह खासे चिंतित भी थे। हालांकि वह कार्यकर्ताओं के उत्साह से इतने प्रफुल्लित थे कि कह रहे थे कि आंधी-पानी का रैली पर कोई असर नहीं दिखेगा। उनकी चिंता के बाद हनुमानजी ने पलभर में छांट दिए। वह हनुमानजी के भक्त भी हैं, शायद उन्होंने निर्विघ्न रैली की कामना की हो। क्योंकि जब पीएम की सभा चल रही थी, तब बरेली में मूसलाधार बारिश हो रही थी, लेकिन शाहजहांपुर में थोड़े-बहुत बादल तो मंडराते रहे, लेकिन भविष्यवाणी के बावजूद बरसात नहीं हुई।