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तुम हमारी कसम तोड़ दो, हम तुम्हारी कसम तोड़ दें

Sun, 08 Oct 2017 07:55 PM IST
Updated Sun, 08 Oct 2017 07:55 PM IST
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तुम हमारी कसम तोड़ दो, हम तुम्हारी कसम तोड़ दें
शाहजहांपुर। ओसीएफ रामलीला का समापन पूर्णाहुति के रूप में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरा से हुआ। शनिवार रात कवियों-शायरों ने अपनी रचनाओं से जहां श्रोताओं को गुदगुदाया नहीं ज्वलंत मुद्दों पर कविताएं सुनाकर चिंतन को मजबूर भी किया। पूरी रात श्रोता काव्य की गंगा में डूबते-उतराते रहे। शुभारंभ अपर महाप्रबंधक विंदेश्वर सिंह ने मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। इसके बाद उन्होंने अतिथि कवियों और शायरों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना के गीत सुनाकर सर्वाधिक तालियां बटोरीं। उन्होंने सुनाया-
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चांदनी रात में, रंग ले हाथ में, जिंदगी को नया मोड़ दें।
तुम हमारी कसम तोड़ दो, हम तुम्हारी कसम तोड़ दें।
शायर अज्म शाकिरी ने अपनी बात इस तरह कही-
लाखों सदमें ढेरों गम, फिर भी नहीं हैं आंखें नम,
एक मुद्दत से रोए नहीं, क्या पत्थर के हो गए हम।
गीतकार प्रमोद तिवारी ने इस गीत से खूब तालियां बटोरीं-
याद बहुत आते हैं गुड्डे-गुड़ियों वाले दिन,
दस पैसे में दो चूरन की पुड़ियों वाले दिन।
ओज के कवि विनीत चौहान ने सुनाया-
हां हम भूल नहीं पाए हैं बासठ वाली घातों को,
ओछे कद वालों ने की थी उन ओछी औकातों को।
बॉलीवुड के युवा गीतकार एएम तुराज ने फरमाया-
ठहरा हुआ खयाल हूं, आजाद कर मुझे।
मेरी याद आ रही है तो फिर याद कर मुझे।
डॉ. अनिल चौबे ने कहा-
नहीं कोई जोर चलता है महज रिक्वेट होता है,
इश्क में दौलत-ए-दिल का बहुत इंवेस्ट होता है।
गीतकार डॉ. सुमन दुबे ने गुनगुनाया-
खुशबुओं का चमन गुनगुनाती पवन,
इस तरह नाचती हूं मैं होके मगन।
सबको भाता है मेरा महकता बदन,
मैं सुमन, मैं सुमन, मैं सुमन।
निकहत अमरोही ने फरमाया-
कैसा जादू दिखाई देता है, मिसले उर्दू दिखाई देता है,
मैं जिधर भी नजर उठाती हूं, मुझको बस तू दिखाई देता है।
शमीम अंजुम वारसी ने सुनाया-
यही इक बात करना चाहता हूं,
मैं तेरे साथ रहना चाहता हूं।
डॉ. प्रवीण शुक्ल ने अपनी बात इस तरह रखी-
मैंने जिन्न से कहा- संभव हो तो भ्रष्टाचार मिटा दो,
जिन्न बोला- मैं बोतल में घुस रहा हूं, तुम ऊपर से ढक्कन लगा दो।
सांस्कृतिक समिति के सचिव अनुराग यादव ने आभार व्यक्त किया। सुबह तीन बजे तक चले आयोजन में ओसीएफ के अधिकारियों के साथ प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, विधायक चेतराम आदि ने पूरी रात कवि सम्मेलन का आनंद लिया
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