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क्रय केंद्रों पर ताजा गन्ना सप्लाई होने से बढ़ी चीनी की रिकवरी
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ताजा गन्ने की आपूर्ति से बढ़ी चीनी की रिकवरी
शाहजहांपुर। चालू पेराई सत्र से गन्ना पर्ची वितरण के काम से चीनी मिलों को दूर कर अन्य कई व्यवस्थाएं किए जाने से चीनी की रिकवरी 0.7 प्रतिशत बढ़ गई है। जिले में गत वर्ष चीनी रिकवरी 10.39 प्रतिशत के उच्चतम बिंदु पर रही, लेकिन अब अधिकतम रिकवरी 11 प्रतिशत से अधिक हो गई है। गन्ना शोध परिषद के निदेशक डॉ. जे सिंह के अनुसार किसानों को आउटसोर्सिंग कंपनी सहित एसएमएस से जारी पर्ची दिखाकर गन्ना सप्लाई करने की सहूलियत दिए जाने का प्रदेश में सबसे बड़ा लाभ यह मिला कि क्रय केंद्रों पर ताजा गन्ना पहुंचने लगा है और उसमें चीनी की मात्रा भी अधिक निकल रही है।
जिले में इस वर्ष 1.60 लाख सदस्य किसानों ने करीब 1.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना की बुआई की है। अभी तक समितियों से जारी किसानों की पर्चियां मिल कर्मचारी रोककर दलाल टाइप माफियाओं के गन्ना की तौल पहले करा देते थे। इससे किसानों के छिलाई किए हुए गन्ना की तौल कई दिन तक नहीं हो पाने से वह सूखने लगता था और पेराई में जूस कम निकलता था। इसे देखते प्रमुख सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग संजय आर भूसरेड्डी ने मिलों से पर्ची वितरण कार्य लेकर गन्ना विभाग को दे दिया। यही नहीं, पर्ची समय से उपलब्ध कराने के लिए आउटसोर्सिंग कंपनियां नियुक्त करने के साथ किसानों को एसएमएस पर्ची दिखाकर तौल कराने की सुविधा दे दी।
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मिल वार चीनी की रिकवरी (प्रतिशत): एक नजर
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चीनी मिल पेराई सत्र 2018-19 पेराई सत्र 2017-18
0 डालमियां मिल, निगोही 11.08 10.39
0 बजाज मिल, मकसूदापुर 10.47 9.99
0 रोजा शुगर वर्कर्स 10.92 10.02
0 तिलहर सहकारी मिल 9.40 8.69
0 पुवायां सहकारी मिल 10.61 9.88
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क्रय केंद्रों से लेकर मिल गेट पर ताजा गन्ना सप्लाई होने से मिलों को भी प्रत्यक्ष लाभ चीनी की बढ़ी हुई रिकवरी के रूप में मिल रहा है, जबकि अभी पेराई सीजन की शुरुआत है। एक माह बाद चीनी रिकवरी और बढ़ने का अनुमान है। अब तक जिले की पांचों मिलों में करीब 80 लाख क्विंटल गन्ना पेरकर 8.12 लाख क्विंटल चीनी बनाई जा चुकी है। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल पर गत पेराई सत्र का बकाया 96.79 करोड़ रुपये का किसानों को जल्द भुगतान कराने की व्यवस्था की जा रही है।
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-डॉ. खुशीराम, जिला गन्ना अधिकारी
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शाहजहांपुर। चालू पेराई सत्र से गन्ना पर्ची वितरण के काम से चीनी मिलों को दूर कर अन्य कई व्यवस्थाएं किए जाने से चीनी की रिकवरी 0.7 प्रतिशत बढ़ गई है। जिले में गत वर्ष चीनी रिकवरी 10.39 प्रतिशत के उच्चतम बिंदु पर रही, लेकिन अब अधिकतम रिकवरी 11 प्रतिशत से अधिक हो गई है। गन्ना शोध परिषद के निदेशक डॉ. जे सिंह के अनुसार किसानों को आउटसोर्सिंग कंपनी सहित एसएमएस से जारी पर्ची दिखाकर गन्ना सप्लाई करने की सहूलियत दिए जाने का प्रदेश में सबसे बड़ा लाभ यह मिला कि क्रय केंद्रों पर ताजा गन्ना पहुंचने लगा है और उसमें चीनी की मात्रा भी अधिक निकल रही है।
जिले में इस वर्ष 1.60 लाख सदस्य किसानों ने करीब 1.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना की बुआई की है। अभी तक समितियों से जारी किसानों की पर्चियां मिल कर्मचारी रोककर दलाल टाइप माफियाओं के गन्ना की तौल पहले करा देते थे। इससे किसानों के छिलाई किए हुए गन्ना की तौल कई दिन तक नहीं हो पाने से वह सूखने लगता था और पेराई में जूस कम निकलता था। इसे देखते प्रमुख सचिव गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग संजय आर भूसरेड्डी ने मिलों से पर्ची वितरण कार्य लेकर गन्ना विभाग को दे दिया। यही नहीं, पर्ची समय से उपलब्ध कराने के लिए आउटसोर्सिंग कंपनियां नियुक्त करने के साथ किसानों को एसएमएस पर्ची दिखाकर तौल कराने की सुविधा दे दी।
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मिल वार चीनी की रिकवरी (प्रतिशत): एक नजर
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चीनी मिल पेराई सत्र 2018-19 पेराई सत्र 2017-18
0 डालमियां मिल, निगोही 11.08 10.39
0 बजाज मिल, मकसूदापुर 10.47 9.99
0 रोजा शुगर वर्कर्स 10.92 10.02
0 तिलहर सहकारी मिल 9.40 8.69
0 पुवायां सहकारी मिल 10.61 9.88
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क्रय केंद्रों से लेकर मिल गेट पर ताजा गन्ना सप्लाई होने से मिलों को भी प्रत्यक्ष लाभ चीनी की बढ़ी हुई रिकवरी के रूप में मिल रहा है, जबकि अभी पेराई सीजन की शुरुआत है। एक माह बाद चीनी रिकवरी और बढ़ने का अनुमान है। अब तक जिले की पांचों मिलों में करीब 80 लाख क्विंटल गन्ना पेरकर 8.12 लाख क्विंटल चीनी बनाई जा चुकी है। बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल पर गत पेराई सत्र का बकाया 96.79 करोड़ रुपये का किसानों को जल्द भुगतान कराने की व्यवस्था की जा रही है।
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-डॉ. खुशीराम, जिला गन्ना अधिकारी