फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   जिला अस्पताल में तीसरी मंजिल से गिरकर तिमारदार की मौत

जिला अस्पताल में तीसरी मंजिल से गिरकर तिमारदार की मौत

Tue, 24 Jul 2018 12:01 AM IST
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:01 AM IST
विज्ञापन
जिला अस्पताल में तीसरी मंजिल से गिरकर तिमारदार की मौत
फोटो-24,पोस्टमार्टम हाउस पर खड़े मृतक जुगराम के परिजन
विज्ञापन


जिला अस्पताल में तीसरी मंजिल से गिरकर तीमारदार की मौत
टीबी और कैंसर बीमारी से जूझ रही पत्नी की देखभाल में लगा था जुगराम
खुली छत पर सोने के दौरान हुई घटना, परिजनों में मचा कोहराम

अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। जिला अस्पताल परिसर में रविवार रात तीसरी मंजिल की छत से एक तीमारदार गिरकर घायल हो गया। इससे अस्पताल में हड़कंप मच गया। घायल ने सोमवार तड़के इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है।
थाना पुवायां क्षेत्र के गांव बालेमऊ निवासी 60 वर्षीय जुगराम जाटव की पत्नी रामबेटी पीलिया और कैंसर की बीमारी से ग्रसित हैं। उन्हें 19 जुलाई को जिला अस्पताल के डीवीडी वार्ड में भर्ती कराया गया। रामबेटी की तीमारदारी में पति जुगराम और दामाद पीलीभीत के थाना बीसलपुर क्षेत्र के गांव लुहिचा निवासी गंगादास, नातिन 12 वर्षीय नेहा जिला अस्पताल में मौजूद थीं। रात करीब 10:30 बजे जुगराम वार्ड के बाहर खुली खिड़की से कूद कर खुली छत पर पहुंच गए। वहां और भी कुछ लोग लेटे हुए थे। रात करीब 11 बजे वह पत्नी के पास जाने के उठा, तभी असंतुलित होकर छत से नीचे फर्श पर जा गिरा। गिरने की तेज आवाज सुनकर लोग उस तरफ दौड़ पड़े, जहां पर जुगराम गिरे थे। शोरशराबा सुनकर दामाद भी मौके पर पहुंचा, तो उसने अपने ससुर के रूप में उनकी पहचान की। घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। अस्पताल चौकी की पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद जुगतराम को ट्रामा सेंटर ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उपचार करने के बाद उन्हें इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। जानकारी मिलने पर उनका बेटा सुरेंद्र भी गांव से आ गया। सोमवार तड़के करीब तीन बजे जुगराम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के एक बेटा सुरेंद्र है, वह भी शादीशुदा है। एक बेटी रामा थी, जो गंगादास को ब्याही है। रामा को एक बेटी 12 वर्ष की नेहा है। घटना के समय नेहा अपनी बीमार नानी रामबेटी के पास थी। रामबेटी की बाद में अस्पताल से छुट्टी करा ली गई।
विज्ञापन

---------
उजागर हो रही अस्पताल प्रशासन की लापरवाही
जिला अस्पताल में खुली छत पर कोई न पहुंच जाए, इसलिए गेट बंद रहता है। इसकी चाभी अस्पताल स्टाफ में जिम्मेदार लोगों के पास रहती है, ऐसा इसलिए भी है कि धोखे में किसी मरीज के तीमारदार को बच्चा खुली छत पर न चला जाए और हादसे का शिकार हो जाए लेकिन यहां तो सब कुछ भगवान के भरोस चल रहा है। खुली छत पर पहुंचने के लिए वैसे तो गेट पर ताले लगे हैं लेकिन जो खिड़कियां टूट गईं हैं, उनके सहारे कोई भी छत पर पहुंच सकता है और इसी लापरवाही की वजह से जुगराम की जान चली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
अस्पताल प्रशासन घटना से भी अंजान
जिला अस्पताल में एक महिला मरीज के तीमारदार पति के तीसरी मंजिल छत से गिरने की रविवार रात हुई घटना से सीएमओ एमपी गंगवार सोमवार दोपहर बाद तक अंजान रहे। जब उनसे घटना के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस समय खुटार आए हुए हैं और सुबह ही जिला अस्पताल से निकल आए थे, इसलिए उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed