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बुखार से छात्र समेत तीन लोगों की मौत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Sat, 22 Sep 2018 11:18 PM IST
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गांव-गांव स्वास्थ्य टीम दौड़ने के बाद भी जिले में बुखार का असर कम नहीं हो रहा है। शनिवार को भी जिले में अलग-अलग स्थानों पर छात्र समेत तीन लोगों की बुखार के चलते मौत हो गई। इनमें बंडा में एक और कलान क्षेत्र में दो की जान चली गई। हालांकि जिला अस्पताल में शनिवार को भी बुखार पीड़ितों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही।
बंडा नगर के मोहल्ला मुरादपुर निवासी यूसुफ का 12 वर्षीय पुत्र हारुन एवरग्रीन मॉडल स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। उसे पांच दिन से बुखार आ रहा था। यूसुफ ने बताया कि सरकारी अस्पताल से दवा लेने के बाद लाभ नहीं होने पर वह निजी डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। शनिवार को इलाज के दौरान हारुन की मौत हो गई। लोगों ने कसबे में कैंप लगाकर बुखार के रोगियों का रक्त परीक्षण कराने और दवा वितरण कराने की मांग की है। इधर, कलान क्षेत्र के गांव वजीरगंज निवासी 25 वर्षीय वीरभान पुत्र मेकराम दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था, वहीं उसको बुखार आया उसने दिल्ली में दवा ली लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शुक्रवार शाम को उसकी मौत हो गई। परिजन उसका शव लेकर गांव आ गए। दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं मलेवा गांव निवासी रामनिवास के तीन वर्षीय बेटे मालिकराम उर्फ शिवम को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था, परिजन उसका इलाज एक झोलाछाप डॉक्टर के यहां करा रहे थे। शुक्रवार शाम को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मालिकराम तीन भाई बहन था। मालिकराम सबसे छोटा होने के कारण परिवार में बहुत ही प्यारा था, उसकी मौत के बाद माता प्रेमवती का रो रोकर बुरा हाल है।
झोलाछाप से इलाज कराने को हो रहे मजबूर
कलान। तहसील क्षेत्र में दो दर्जन लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र में जगह-जगह कैंप भी लगाए जा रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मदद नाकाफी साबित हो रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भीड़भाड़ के कारण लोग झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने पर मजबूर हैं।
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स्वच्छता अभियान केवल कागजों पर
परौर। बाढ़ के कारण परौर में संक्रामक रोगों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। यहां स्वच्छता अभियान केवल कागजों पर चल रहा है। परौर में बीते दिन दो बच्चों अमन और सुहानी की मौत के बाद खंड विकास अधिकारी अर्पित वर्मा ने एडीओ पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी अजीत सिंह यादव को परौर में फागिंग कराने व टीम लगाकर साफ सफाई कराने के निर्देश दिए लेकिन इस पर अमल नहीं हो पा रहा है। नालियों में कीचड़ व गलियों में भारी गंदगी है। ब्यूरो
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बंडा नगर के मोहल्ला मुरादपुर निवासी यूसुफ का 12 वर्षीय पुत्र हारुन एवरग्रीन मॉडल स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था। उसे पांच दिन से बुखार आ रहा था। यूसुफ ने बताया कि सरकारी अस्पताल से दवा लेने के बाद लाभ नहीं होने पर वह निजी डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। शनिवार को इलाज के दौरान हारुन की मौत हो गई। लोगों ने कसबे में कैंप लगाकर बुखार के रोगियों का रक्त परीक्षण कराने और दवा वितरण कराने की मांग की है। इधर, कलान क्षेत्र के गांव वजीरगंज निवासी 25 वर्षीय वीरभान पुत्र मेकराम दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था, वहीं उसको बुखार आया उसने दिल्ली में दवा ली लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शुक्रवार शाम को उसकी मौत हो गई। परिजन उसका शव लेकर गांव आ गए। दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं मलेवा गांव निवासी रामनिवास के तीन वर्षीय बेटे मालिकराम उर्फ शिवम को एक सप्ताह से बुखार आ रहा था, परिजन उसका इलाज एक झोलाछाप डॉक्टर के यहां करा रहे थे। शुक्रवार शाम को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मालिकराम तीन भाई बहन था। मालिकराम सबसे छोटा होने के कारण परिवार में बहुत ही प्यारा था, उसकी मौत के बाद माता प्रेमवती का रो रोकर बुरा हाल है।
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झोलाछाप से इलाज कराने को हो रहे मजबूर
कलान। तहसील क्षेत्र में दो दर्जन लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र में जगह-जगह कैंप भी लगाए जा रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मदद नाकाफी साबित हो रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भीड़भाड़ के कारण लोग झोलाछाप डॉक्टर से इलाज कराने पर मजबूर हैं।
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स्वच्छता अभियान केवल कागजों पर
परौर। बाढ़ के कारण परौर में संक्रामक रोगों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। यहां स्वच्छता अभियान केवल कागजों पर चल रहा है। परौर में बीते दिन दो बच्चों अमन और सुहानी की मौत के बाद खंड विकास अधिकारी अर्पित वर्मा ने एडीओ पंचायत व ग्राम विकास अधिकारी अजीत सिंह यादव को परौर में फागिंग कराने व टीम लगाकर साफ सफाई कराने के निर्देश दिए लेकिन इस पर अमल नहीं हो पा रहा है। नालियों में कीचड़ व गलियों में भारी गंदगी है। ब्यूरो