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विकास कार्यों से जुड़े अधिकार पाने को सड़क पर उतरे ग्राम प्रधान
Updated Tue, 17 Apr 2018 10:04 AM IST
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अधिकार के लिए सड़क पर उतरे ग्राम प्रधान
शौचालय और आवास की जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग
फोटो 02 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाआें केे तहत विकास कार्य कराने को प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधानाें को भले ही व्यापक अधिकार दिए हाें, सरकारी तंत्र उनमें तरह-तरह से अवरोध खड़े कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर जिले के ग्राम प्रधान सोमवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर से जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विपिन मिश्रा ने कहा कि सरकार एक ओर ग्राम प्रधानाें के अधिकार व्यापक करने के लिए प्रयत्नशील है, वहीं शासन स्तर से उन पर कई तरह के अनावश्यक प्रतिबंध थोपे जा रहेे हैं। जिला अध्यक्ष पवन सिंह ने कहा कि संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत चाहे शौचालयाें के निर्माण का काम हो या फिर प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य, इन सभी कामों में ग्राम प्रधानाें पर अनावश्यक रोक-टोक लागू करके उन्हीं को देरी के लिए जवाबदेह भी ठहराया जा रहा है। सभा के बाद विभिन्न ब्लॉकाें से आए ग्राम प्रधान शासन विरोधी नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे।
कहा कि जिले में शौचालय निर्माण का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में भेजने का आदेश हुआ है। इस प्रक्रिया में शौचालय निर्माण पूर्ण होने की संभावना बेहद कम है, लेकिन यह व्यवस्था लागू करनी है तो ग्राम प्रधानाें को जिम्मेदार न बनाया जाए। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास निर्माण से ग्राम प्रधानों को पृथक किए जाने के बावजूद उन्हें गलत तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जों की शिकायत करने पर ग्राम प्रधानाें के खिलाफ झूठे मुकदमे लिखाए जा रहे हैं।
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एडीएम सर्वेश कुमार ने ग्राम प्रधानाें की मांग से सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन सभी योजनाआें का क्रियान्वयन शासन की नीतियाें और दिशा निर्देशन के अनुसार करता है। उन्होंने नीतिगत मुद्दाें से जुड़ी मांगाें पर विचार विमर्श के लिए मंगलवार को डीएम से भेंट करने का ग्राम प्रधानों को सुझाव दिया। प्रदर्शन में संजीव मिश्रा, कृष्ण कांत दीक्षित, पंकज देवी, शेर सिंह, शिशुपाल सिंह, दलवीर सिंह आदि शामिल रहे।
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शौचालय और आवास की जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग
फोटो 02 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाआें केे तहत विकास कार्य कराने को प्रदेश सरकार ने ग्राम प्रधानाें को भले ही व्यापक अधिकार दिए हाें, सरकारी तंत्र उनमें तरह-तरह से अवरोध खड़े कर रहा है। इसी मुद्दे को लेकर जिले के ग्राम प्रधान सोमवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर से जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विपिन मिश्रा ने कहा कि सरकार एक ओर ग्राम प्रधानाें के अधिकार व्यापक करने के लिए प्रयत्नशील है, वहीं शासन स्तर से उन पर कई तरह के अनावश्यक प्रतिबंध थोपे जा रहेे हैं। जिला अध्यक्ष पवन सिंह ने कहा कि संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत चाहे शौचालयाें के निर्माण का काम हो या फिर प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्य, इन सभी कामों में ग्राम प्रधानाें पर अनावश्यक रोक-टोक लागू करके उन्हीं को देरी के लिए जवाबदेह भी ठहराया जा रहा है। सभा के बाद विभिन्न ब्लॉकाें से आए ग्राम प्रधान शासन विरोधी नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे।
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कहा कि जिले में शौचालय निर्माण का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में भेजने का आदेश हुआ है। इस प्रक्रिया में शौचालय निर्माण पूर्ण होने की संभावना बेहद कम है, लेकिन यह व्यवस्था लागू करनी है तो ग्राम प्रधानाें को जिम्मेदार न बनाया जाए। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास निर्माण से ग्राम प्रधानों को पृथक किए जाने के बावजूद उन्हें गलत तरीके से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जों की शिकायत करने पर ग्राम प्रधानाें के खिलाफ झूठे मुकदमे लिखाए जा रहे हैं।
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एडीएम सर्वेश कुमार ने ग्राम प्रधानाें की मांग से सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन सभी योजनाआें का क्रियान्वयन शासन की नीतियाें और दिशा निर्देशन के अनुसार करता है। उन्होंने नीतिगत मुद्दाें से जुड़ी मांगाें पर विचार विमर्श के लिए मंगलवार को डीएम से भेंट करने का ग्राम प्रधानों को सुझाव दिया। प्रदर्शन में संजीव मिश्रा, कृष्ण कांत दीक्षित, पंकज देवी, शेर सिंह, शिशुपाल सिंह, दलवीर सिंह आदि शामिल रहे।