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5.76 लाख उपभोक्ताओं में सिर्फ 65 ने खुद को अपात्र मानकर लौटाए राशन कार्ड

Sat, 30 Apr 2022 12:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 12:16 AM IST
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65 returned the ration card considering himself ineligible
शाहजहांपुर। विधानसभा चुनाव से पहले ही सरकार ने ऐसे लोगों को इस चेतावनी के साथ अपने राशन कार्ड सरेंडर करने के निर्देश दिए थे कि जांच में अपात्र पाए जाने पर उनसे लिए गए खाद्यान्न की बाजार मूल्य पर रिकवरी कराई जाएगी। इसके लिए हर दुकान से कम से कम तीन फीसदी अपात्र चिह्नित करने के निर्देश भी दिए थे। इसके बावजूद अभी तक सिर्फ 65 लोगों ने स्वयं को अपात्र मानकर राशन कार्ड विभाग को लौटाए हैं, जबकि जिले की करीब 1600 से ज्यादा उचित दर दुकानों से 5.76 लाख कार्डधारक जुड़े हैं। हालांकि, अधिकारी कहते हैं कि जांच में लगभग 200 कार्ड निरस्त हो चुके हैं और इससे कहीं अधिक नए राशनकार्ड बनाए जा चुके हैं।
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चुनाव से पहले सत्यापन में मिले चार हजार अपात्र
तहसील और ब्लॉक स्तर पर कराए गए सत्यापन कार्य में ऐसे करीब चार हजार लोग पाए जा चुके हैं, जिनके राशनकार्ड निरस्त होने योग्य हैं। इसके विपरीत जिन लोगों ने स्वेच्छा से अपने राशनकार्ड जमा किए, उनमें ग्रामीण क्षेत्र के केवल 33 लोग शामिल हैं। बाद में निर्वाचन प्रक्रिया शुरू होने पर राशनकार्डों के सत्यापन का काम रोकना पड़ा।
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निराश्रितों के बारे में आपूर्ति विभाग ने मांगी सूचना
बेघर निराश्रितों को मुफ्त खाद्यान के लिए राशनकार्ड बनाने को सर्वे में आपूर्ति विभाग के साथ राजस्व विभाग के कर्मचारी जुटाए गए हैं। साथ ही नगर निकायों के वार्ड सदस्यों और स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ताओं से भी सहयोग लिया जा रहा है।
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नए राशनकार्ड को आधार कार्ड जरूरी
बेघरों का कोई निश्चित ठिकाना नहीं होता। इसलिए पता सत्यापित नहीं होने से उनके आधार कार्ड भी नहीं बन पा रहे हैं। खास यह है कि जिन गरीब परिवारों के पहले से राशनकार्ड बने हैं, उनमें सैकड़ों लोगों के यूनिट इस कारण कट गए, क्योंकि उनके राशन कार्डों मेें दर्ज परिवार के मुखिया और यूनिट सदस्यों की आधार सीडिंग (आधार पर अंग्रेजी में दर्ज नाम की स्पेलिंग का शत-प्रतिशत मिलान) नहीं हो हो सकी है। ऐसे करीब 40 हजार यूनिट सदस्यों को मुफ्त खाद्यान्न से वंचित रहना पड़ रहा है।

आधार की फीडिंग और सीडिंग (सत्यापन) का काम पहले से कराया जा रहा है। ज्यादातर शिकायतेें राशन कार्ड से यूनिट कटने की मिल रही हैं और ऐसे मामले आधार सीडिंग से निस्तारित किए जा रहे हैं। अपात्रों को केवल राशनकार्ड जमा करने को प्रेरित किया जा रहा है, क्योंकि अभी उनसे खाद्यान्न वसूली के आदेश नहीं मिले हैं। -ओमहरि उपाध्याय, जिला आपूर्ति अधिकारी
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