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57 शिक्षकों को सेवा समाप्ति का नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Sat, 20 Aug 2016 11:43 PM IST
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नोटिस
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डीएम के निर्देश पर अग्रिम आदेशों तक रोका गया वेतन
नोटिस जारी कर तीन दिन में मांगा गया स्पष्टीकरण
चार जुलाई को जिलेभर में चलाया गया था निरीक्षण अभियान
जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह बेसिक शिक्षकों पर डीएम की नकेल कसती जा रही है। बेसिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और शासन की योजनाओं का स्कूलों में शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए डीएम के निर्देश पर जुलाई से ही निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इन निरीक्षणों में लगातार शिक्षक अनुपस्थित मिल रहे हैं। शिक्षकों पर कोई असर नहीं होते देख डीएम ने इस बार कड़ा कदम उठाने के निर्देश बीएसए को दिए हैं। डीएम के निर्देशानुसार चार जुलाई को स्कूलों में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले 57 शिक्षकों का अग्रिम आदेशों तक न सिर्फ वेतन रोक दिया गया है, बल्कि उनकी सेवा समाप्ति का नोटिस भी जारी कर दिया गया है। बीएसए ने सभी 57 शिक्षकों को तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा है। बीएसए ने कहा है कि स्पष्टीकरण के अभाव में संबंधित शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
बीएसए ने जारी नोटिस में कहा है कि चार जुलाई को डीएम के निर्देश पर चलाए गए वृहद निरीक्षण अभियान में राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग, विकास खंड स्तर पर गठित टास्क फोर्स ने मध्यान्ह भोजन और फल वितरण का भी निरीक्षण किया था, जिसमें विभिन्न विकास खंडों में 57 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अनुपस्थित पाए गए थे। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि शिक्षकों के इस रवैये से विभाग की छबि धूमिल हुई और छात्र-छात्राओं को अपूर्णनीय क्षति हुई है। शिक्षकों के लगातार अनुपस्थित रहने से स्पष्ट है कि उनकी शिक्षण कार्य में कोई रुचि नहीं है और उन्हें नौकरी की भी आवश्यकता नहीं है।
इस निरीक्षण में खुटार में तीन, निगोही में दो, सिंधौली में छह, भावलखेड़ा में दस, ददरौल में छह, कांट में दो, जलालाबाद में छह, बंडा में छह, शाहजहांपुर नगर में एक, जैतीपुर में दस, कटरा में तीन और तिलहर में दो शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अनुपस्थित मिले थे।
नोटिस जारी कर तीन दिन में मांगा गया स्पष्टीकरण
चार जुलाई को जिलेभर में चलाया गया था निरीक्षण अभियान
जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह बेसिक शिक्षकों पर डीएम की नकेल कसती जा रही है। बेसिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और शासन की योजनाओं का स्कूलों में शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए डीएम के निर्देश पर जुलाई से ही निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इन निरीक्षणों में लगातार शिक्षक अनुपस्थित मिल रहे हैं। शिक्षकों पर कोई असर नहीं होते देख डीएम ने इस बार कड़ा कदम उठाने के निर्देश बीएसए को दिए हैं। डीएम के निर्देशानुसार चार जुलाई को स्कूलों में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिले 57 शिक्षकों का अग्रिम आदेशों तक न सिर्फ वेतन रोक दिया गया है, बल्कि उनकी सेवा समाप्ति का नोटिस भी जारी कर दिया गया है। बीएसए ने सभी 57 शिक्षकों को तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा है। बीएसए ने कहा है कि स्पष्टीकरण के अभाव में संबंधित शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
बीएसए ने जारी नोटिस में कहा है कि चार जुलाई को डीएम के निर्देश पर चलाए गए वृहद निरीक्षण अभियान में राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग, विकास खंड स्तर पर गठित टास्क फोर्स ने मध्यान्ह भोजन और फल वितरण का भी निरीक्षण किया था, जिसमें विभिन्न विकास खंडों में 57 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अनुपस्थित पाए गए थे। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि शिक्षकों के इस रवैये से विभाग की छबि धूमिल हुई और छात्र-छात्राओं को अपूर्णनीय क्षति हुई है। शिक्षकों के लगातार अनुपस्थित रहने से स्पष्ट है कि उनकी शिक्षण कार्य में कोई रुचि नहीं है और उन्हें नौकरी की भी आवश्यकता नहीं है।
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इस निरीक्षण में खुटार में तीन, निगोही में दो, सिंधौली में छह, भावलखेड़ा में दस, ददरौल में छह, कांट में दो, जलालाबाद में छह, बंडा में छह, शाहजहांपुर नगर में एक, जैतीपुर में दस, कटरा में तीन और तिलहर में दो शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अनुपस्थित मिले थे।
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