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जीएसटी में पंजीकरण कराने पर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य: राम कुबेर
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:03 PM IST
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जीएसटी
- फोटो : SOCIAL MEDIA
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शाहजहांपुर। वाणिज्य कर विभाग के तत्वावधान में मनाए जा रहे जीएसटी पखवाड़ा के तहत शुक्रवार को टाउनहाल स्थित सचल दल कार्यालय में व्यापारियों की एक दिवसीय कार्यशाला हुई। इस मौके पर बरेली से आए वाणिज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त/ जीएसटी कार्यपालक राम कुबेर ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा वस्तु एवं सेवा कर के टैक्स स्लैब में किए गए बदलाव को रेखांकित करते हुए जीएसटी के सरलीकरण की रूपरेखा समझाई।
उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से व्यापारी इस व्यवस्था की जिन जटिलताओं को लेकर परेशान थे। उन्हें सरकार ने काफी हद तक दूर करने का प्रयास किया है। जीएसटी की दरों और समाधान योजना की प्रक्रिया में बदलाव का उद्देश्य यही है कि नई व्यवस्था को कारोबारियों के लिए लाभप्रद और उपयोगी बनाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि 20 लाख रुपये वार्षिक टर्नओवर वाले जिन व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें फॉर्म 3बी भरकर रिटर्न जमा करना अनिवार्य है।
दरअसल, कार्यशाला में मौजूद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल कंछल गुट के नगर अध्यक्ष सचिन बाथम ने छोटे व्यापारियों की दिक्कतों का हवाला देते हुए बताया कि ऐसे तमाम व्यापारी रिटर्न दाखिल करना जरूरी नहीं मानते। इस पर संयुक्त आयुक्त ने कहा कि ऐसे व्यापारियों को संगठन के पदाधिकारी अपने स्तर से रिटर्न जमा करने को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि व्यापारी फार्म 3बी शत-प्रतिशत जमा करें, जिससे कि कर राजस्व संग्रह में कमी नहीं आने पाए। इसी मौके पर संयुक्त आयुक्त ने 16 दिसंबर से प्रभावी हो रही ई-वे बिल की नई व्यवस्था से व्यापारियों को परिचित कराया और इस बिंदु पर उनकी जिज्ञासाएं भी शांत कीं। कार्यशाला में वाणिज्य कर उपायुक्त रमेश कुमार सिंह वैस, अमित मोहन, विशाल सिंह, अजीत सिंह समेत कंछल गुट के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता, मनोज खन्ना, अमित शर्मा, गोपाल राम, अमित गर्ग आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से व्यापारी इस व्यवस्था की जिन जटिलताओं को लेकर परेशान थे। उन्हें सरकार ने काफी हद तक दूर करने का प्रयास किया है। जीएसटी की दरों और समाधान योजना की प्रक्रिया में बदलाव का उद्देश्य यही है कि नई व्यवस्था को कारोबारियों के लिए लाभप्रद और उपयोगी बनाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि 20 लाख रुपये वार्षिक टर्नओवर वाले जिन व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें फॉर्म 3बी भरकर रिटर्न जमा करना अनिवार्य है।
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दरअसल, कार्यशाला में मौजूद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल कंछल गुट के नगर अध्यक्ष सचिन बाथम ने छोटे व्यापारियों की दिक्कतों का हवाला देते हुए बताया कि ऐसे तमाम व्यापारी रिटर्न दाखिल करना जरूरी नहीं मानते। इस पर संयुक्त आयुक्त ने कहा कि ऐसे व्यापारियों को संगठन के पदाधिकारी अपने स्तर से रिटर्न जमा करने को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि व्यापारी फार्म 3बी शत-प्रतिशत जमा करें, जिससे कि कर राजस्व संग्रह में कमी नहीं आने पाए। इसी मौके पर संयुक्त आयुक्त ने 16 दिसंबर से प्रभावी हो रही ई-वे बिल की नई व्यवस्था से व्यापारियों को परिचित कराया और इस बिंदु पर उनकी जिज्ञासाएं भी शांत कीं। कार्यशाला में वाणिज्य कर उपायुक्त रमेश कुमार सिंह वैस, अमित मोहन, विशाल सिंह, अजीत सिंह समेत कंछल गुट के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता, मनोज खन्ना, अमित शर्मा, गोपाल राम, अमित गर्ग आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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