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अप्रैल में भीषण गर्मी ने फिर बनाया रिकॉर्ड पारा 42.2 डिग्री सेल्सियस
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शाहजहांपुर में मंगलवार को दोपहर भीषण गर्मी के दौरान पानी की तलाश में हैंडपंप का पानी पीती गाय। सं
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। अप्रैल में लगातार बढ़ रही गर्मी रोज नया रिकॉर्ड बनाने पर आमादा है। वायु दाब में कमी के कारण रात में बादल छाने से उमस बढ़ी तो न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री बढ़कर 27.2 डिग्री सेल्सियस के उच्चतम बिंदु पर पहुंच गया। यही नहीं, मंगलवार को सुबह से धूप निकलने के साथ गर्म पछुआ हवा लू बनकर जनजीवन को झुलसाने लगी और दोपहर तक अधिकतम तापमान भी 0.2 डिग्री बढ़कर 42.2 डिग्री सेल्सियस हो गया जो कि गर्मी के सीजन में सर्वाधिक है।
रात में पैदा हुई उमस से सुबह तक मौसम सामान्य नहीं हो सका क्योंकि भोर होने पर भी वातावरण में आर्द्रता सिर्फ 40 प्रतिशत रही। सूर्योदय के बाद से फिर शुरू हुई भीषण गर्मी के कारण सड़कों से लेकर बाजारों तक दोपहर के वक्त चहल पहल पूरी तरह गायब दिखी। जिन लोगों को खरीदारी करने के लिए मजबूरी में घरों से निकलना पड़ा, वह सिर और चेहरे पर गमछा लपेटकर निकले। कलक्ट्रेट और जजी परिसर में भी रोजमर्रा की तरह चहल-पहल नदारद दिखी क्योंकि वादकारी और फरियादी बहुत कम पहुंचे।
मई के दूसरे सप्ताह तक गर्मी का पिछला कीर्तिमान ध्वस्त होने के आसार
गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार तापमान का जो स्तर मई के दूसरे सप्ताह में होता था, वह अप्रैल के पहले सप्ताह से ही दिखने लगा है। इसलिए आने वाले दिनों में थर्मामीटर का पारा बढने से गर्मी नया कीर्तिमान गढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 29 अप्रैल को थर्मामीटर का पारा 41.4 डिग्री सेल्सियस के उच्चतम बिंदु पर पहुंचा था। इसी तरह न्यूनतम तापमान भी पिछले साल 21 अप्रैल को 25.7 डिग्री सेल्सियस के उच्चतम बिंदु तक पहुंचा। इस तरह गत वर्ष की तुलना में रात और दिन के तापमान में औसतन दो डिग्री की वृद्घि अभी से हो गई है। खास यह है कि पिछले साल मई में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से कम रहा। इसलिए गर्मी के मौजूदा तेवर अगले माह ज्यादा तीखे हो सकते हैं।
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रात में पैदा हुई उमस से सुबह तक मौसम सामान्य नहीं हो सका क्योंकि भोर होने पर भी वातावरण में आर्द्रता सिर्फ 40 प्रतिशत रही। सूर्योदय के बाद से फिर शुरू हुई भीषण गर्मी के कारण सड़कों से लेकर बाजारों तक दोपहर के वक्त चहल पहल पूरी तरह गायब दिखी। जिन लोगों को खरीदारी करने के लिए मजबूरी में घरों से निकलना पड़ा, वह सिर और चेहरे पर गमछा लपेटकर निकले। कलक्ट्रेट और जजी परिसर में भी रोजमर्रा की तरह चहल-पहल नदारद दिखी क्योंकि वादकारी और फरियादी बहुत कम पहुंचे।
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मई के दूसरे सप्ताह तक गर्मी का पिछला कीर्तिमान ध्वस्त होने के आसार
गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह के अनुसार तापमान का जो स्तर मई के दूसरे सप्ताह में होता था, वह अप्रैल के पहले सप्ताह से ही दिखने लगा है। इसलिए आने वाले दिनों में थर्मामीटर का पारा बढने से गर्मी नया कीर्तिमान गढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 29 अप्रैल को थर्मामीटर का पारा 41.4 डिग्री सेल्सियस के उच्चतम बिंदु पर पहुंचा था। इसी तरह न्यूनतम तापमान भी पिछले साल 21 अप्रैल को 25.7 डिग्री सेल्सियस के उच्चतम बिंदु तक पहुंचा। इस तरह गत वर्ष की तुलना में रात और दिन के तापमान में औसतन दो डिग्री की वृद्घि अभी से हो गई है। खास यह है कि पिछले साल मई में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से कम रहा। इसलिए गर्मी के मौजूदा तेवर अगले माह ज्यादा तीखे हो सकते हैं।
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