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बुखार ने तीन और लोगों की ली जान
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:09 AM IST
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फोटो-37
बुखार ने तीन और लोगों की ली जान
सीएचसी, पीएचसी से बिना चेकअप रेफर किए जा रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। गांव गांव दौड़ रहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमों के कैंप करने के बाद भी बुखार का असर कम नहीं हो रहा है। सोमवार को जिले में बुखार से तीन और लोगों की जान चली गईं, वहीं जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं हो पा रही है। कारण यह है कि सीएचसी, पीएचसी से बिना जांच किए मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
कलान क्षेत्र के गांव बाराकलां निवासी वेदराम के 26 वर्षीय बेटे नन्हें को रविवार शाम को बुखार आया, परिवार के लोग उसे प्राइवेट अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मीरानपुर कटरा के मोहल्ला तहबरगंज निवासी रामपाल के 14 वर्षीय बेटे सुरजीत को चार दिन से बुखार आ रहा था। प्राइवेट में दिखाने के बाद परिजन उसे लेकर रविवार बरेली अस्पताल चले गए। सोमवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं बंडा के गांव चांदपुर पड़नी निवासी बलराम के नौ वर्षीय बेटे मोनू को चार दिन से बुखार आ रहा था। परिवार के लोगों ने उसका बंडा में इलाज कराया लेकिन लाभ नहीं होने पर पीलभीत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रविवार सुबह मोनू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मोनू की मौत की जानकारी दुबई में पिता को दी गई तो बलराम सोमवार को दुबई से घर पहुंचा, इसके बाद मोनू का अंतिम संस्कार किया गया। बलराम के मोनू के अलावा दो पुत्रियां सात वर्षीय साधना और पांच वर्षीय छाया है। क्षेत्र के कई अन्य गांवों में भी बुखार का प्रकोप है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा वितरण आदि की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे लोगों में रोष है।
प्राइवेट डॉक्टरों की टीम ने गांवों में किया कैंप
खुदागंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लईक अहमद ने नगर के आयुर्वेदिक, यूनानी प्राइवेट डाक्टरों को साथ लेकर बुखार से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में टीमें बनाकर भेजीं। इन टीमों ने कुआडांडा खंजन, फूलवा, दियूरिया, ताहरपुर, मझिला, अकबरपुर फत्तेपुर गांवों में कैंप कर बीमार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयां वितरित कीं। टीम में डॉ. नन्हें अहमद, डॉ. मुश्ताक, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. आरिफा खानम शामिल रहीं। पीएचसी केंद्र पर भी कैंप लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 21 सितंबर को सीएमओ डॉ. आरपी रावत के निर्देशन में पीएचसी पर मेघा स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। ब्यूरो
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बयान.........
बुखार से लोगों को निजात दिलाने के लिए सिंधौली, खुदागंज, मिर्जापुर, कलान, जलालाबाद, निगोही आदि स्थानों पर शिविर लगाकर लोगों को दवा वितरण के साथ ही ब्लड सैंपल लेकर स्लाइड बनाई जा रही हैं।
डॉ. आरपी रावत, सीएमओ ।
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बुखार ने तीन और लोगों की ली जान
सीएचसी, पीएचसी से बिना चेकअप रेफर किए जा रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। गांव गांव दौड़ रहीं स्वास्थ्य विभाग की टीमों के कैंप करने के बाद भी बुखार का असर कम नहीं हो रहा है। सोमवार को जिले में बुखार से तीन और लोगों की जान चली गईं, वहीं जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं हो पा रही है। कारण यह है कि सीएचसी, पीएचसी से बिना जांच किए मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
कलान क्षेत्र के गांव बाराकलां निवासी वेदराम के 26 वर्षीय बेटे नन्हें को रविवार शाम को बुखार आया, परिवार के लोग उसे प्राइवेट अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। मीरानपुर कटरा के मोहल्ला तहबरगंज निवासी रामपाल के 14 वर्षीय बेटे सुरजीत को चार दिन से बुखार आ रहा था। प्राइवेट में दिखाने के बाद परिजन उसे लेकर रविवार बरेली अस्पताल चले गए। सोमवार सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं बंडा के गांव चांदपुर पड़नी निवासी बलराम के नौ वर्षीय बेटे मोनू को चार दिन से बुखार आ रहा था। परिवार के लोगों ने उसका बंडा में इलाज कराया लेकिन लाभ नहीं होने पर पीलभीत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रविवार सुबह मोनू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मोनू की मौत की जानकारी दुबई में पिता को दी गई तो बलराम सोमवार को दुबई से घर पहुंचा, इसके बाद मोनू का अंतिम संस्कार किया गया। बलराम के मोनू के अलावा दो पुत्रियां सात वर्षीय साधना और पांच वर्षीय छाया है। क्षेत्र के कई अन्य गांवों में भी बुखार का प्रकोप है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा वितरण आदि की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इससे लोगों में रोष है।
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प्राइवेट डॉक्टरों की टीम ने गांवों में किया कैंप
खुदागंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. लईक अहमद ने नगर के आयुर्वेदिक, यूनानी प्राइवेट डाक्टरों को साथ लेकर बुखार से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में टीमें बनाकर भेजीं। इन टीमों ने कुआडांडा खंजन, फूलवा, दियूरिया, ताहरपुर, मझिला, अकबरपुर फत्तेपुर गांवों में कैंप कर बीमार लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयां वितरित कीं। टीम में डॉ. नन्हें अहमद, डॉ. मुश्ताक, डॉ. अजीत सिंह, डॉ. आरिफा खानम शामिल रहीं। पीएचसी केंद्र पर भी कैंप लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 21 सितंबर को सीएमओ डॉ. आरपी रावत के निर्देशन में पीएचसी पर मेघा स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। ब्यूरो
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बुखार से लोगों को निजात दिलाने के लिए सिंधौली, खुदागंज, मिर्जापुर, कलान, जलालाबाद, निगोही आदि स्थानों पर शिविर लगाकर लोगों को दवा वितरण के साथ ही ब्लड सैंपल लेकर स्लाइड बनाई जा रही हैं।
डॉ. आरपी रावत, सीएमओ ।