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पराली जलाने के दौरान किसानों की पुलिस से झड़प
Updated Fri, 19 Oct 2018 06:48 PM IST
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पराली जलाने के दौरान पुलिस से भिड़े किसान
खेतों में जबरन जलाई पराली
फोटो-26,बंडा में पराली जलाने के बाद खेत में पड़ी राख
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा। शुक्रवार को किसानों ने जबरन पराली में आग लगा दी। इस दौरान किसानों की पुलिस से हॉट टॉक भी हुई, लेकिन किसान पराली जलाते रहे।
गांव धीमरपुर, सरदारपुर, गढ़िया रसूलपुर में शुक्रवार को कई किसानों ने पराली में आग लगा दी। पराली जलाए जाने की सूचना किसी ने यूपी-100 पर दी तो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसानों से पराली नहीं जलाने को कहा तो किसान भड़क गए और कहा कि वह पराली जलाएंगे, पुलिस को जो करना हो करे। किसानों के तेवर देख पुलिस वापस लौट गई।
किसानों ने बताया कि सरकार पराली से खाद बनाने की बात कहती है। पराली वाले खेत में पानी भरने के बाद रूटावेटर से जुताई करने में प्रति एकड़ पांच हजार रुपये का खर्च आता है और लगभग 45 दिन तक खेत भी गीला रहता है, जिस कारण फसल लेट होती है। रवि की फसल की बुवाई एक नवंबर से तीस नवंबर तक उत्तम है, सरकार के निर्देशानुसार पराली सड़ाई गई तो नवंबर में गेहूं उगाना संभव नहीं हो सकेगा और किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएगा। वहीं एसओ तेजपाल सिंह ने पराली जलाने की जानकारी से इंकार किया है।
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खेतों में जबरन जलाई पराली
फोटो-26,बंडा में पराली जलाने के बाद खेत में पड़ी राख
अमर उजाला ब्यूरो
बंडा। शुक्रवार को किसानों ने जबरन पराली में आग लगा दी। इस दौरान किसानों की पुलिस से हॉट टॉक भी हुई, लेकिन किसान पराली जलाते रहे।
गांव धीमरपुर, सरदारपुर, गढ़िया रसूलपुर में शुक्रवार को कई किसानों ने पराली में आग लगा दी। पराली जलाए जाने की सूचना किसी ने यूपी-100 पर दी तो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने किसानों से पराली नहीं जलाने को कहा तो किसान भड़क गए और कहा कि वह पराली जलाएंगे, पुलिस को जो करना हो करे। किसानों के तेवर देख पुलिस वापस लौट गई।
किसानों ने बताया कि सरकार पराली से खाद बनाने की बात कहती है। पराली वाले खेत में पानी भरने के बाद रूटावेटर से जुताई करने में प्रति एकड़ पांच हजार रुपये का खर्च आता है और लगभग 45 दिन तक खेत भी गीला रहता है, जिस कारण फसल लेट होती है। रवि की फसल की बुवाई एक नवंबर से तीस नवंबर तक उत्तम है, सरकार के निर्देशानुसार पराली सड़ाई गई तो नवंबर में गेहूं उगाना संभव नहीं हो सकेगा और किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएगा। वहीं एसओ तेजपाल सिंह ने पराली जलाने की जानकारी से इंकार किया है।
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