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600 शहरी बेघरों को जल्द मिलेंगे प्रधानमंत्री योजना के आवास

Thu, 26 Jul 2018 12:21 AM IST
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:21 AM IST
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600 शहरी बेघरों को जल्द मिलेंगे प्रधानमंत्री योजना के आवास
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600 शहरी बेघरों को जल्द मिलेंगे प्रधानमंत्री योजना के आवास
0 नगरीय विकास अभिकरण ने शुरू कराया लाभार्थियों का चयन
0 लाभार्थियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री करेंगे वार्ता
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। शहरी क्षेत्र में जिला नगरीय विकास अभिकरण से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र में निवास करने वाले उन सभी शहरी बेघर परिवारों को आवास जल्द स्वीकृत होने की उम्मीद है, जिनको पात्रता की शर्तें पूरी करने के बावजूद पहले चरण में किन्हीं कारणों से मकान नहीं मिल पाए। नए चयनित लाभार्थियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री से सीधी बात करने का मौका भी मिल सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग का कार्यक्रम 28 जुलाई को घोषित होने के बाद डूडा के परियोजना अधिकारी ने शासन से नामित स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से आवास की पात्रता रखने वाले बेघर परिवारों के चयन का काम शुरू करा दिया है।
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गत वर्ष 17340 बेघर गरीबों को उपलब्ध कराए जा चुके आवास
जिले में गत वित्त वर्ष के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्र 17340 गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से 1443 शहरी गरीबों को गत वर्ष 22 अक्तूबर को नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण कार्यक्रम में आवासों के स्वीकृति पत्र सौंप चुके हैं। नगरीय क्षेत्र में यह सभी आवास डूडा की देखरेख में बनाए जाने हैं। यह अलग बात है कि इन आवासों का निर्माण कार्य अभी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में आवासों के लिए विभिन्न विकास खंडों मेें कुल 21374 बेघर पंजीकृत हुए हैं, लेकिन वित्त वर्ष में केवल 15897 आवेदकों को आवास दिए जाने का लक्ष्य है, लेकिन उनके निर्माण की गति इतनी धीमी है कि अभी तक बमुश्किल एक हजार आवास पूर्ण निर्मित हो पाए हैं। चालू वित्त वर्ष में ग्रामीण क्षेत्र में 4470 और शहरी क्षेत्र में लगभग 700 लाभार्थियों को आवास दिए जाने की योजना है।
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योजना के जमीनी स्तर पर प्रभाव का आकलन करेंगे प्रधानमंत्री
यूपी में गत तीन वर्ष से लागू प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों की स्वीकृति से लेकर उनके निर्माण को किश्तों में 2.50 लाख रुपये की धनराशि जारी होने तक हर स्तर पर धांधलेबाजी की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने लाभार्थियों को धनराशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कराने का प्रावधान कराया था। इस व्यवस्था का अमली जामा पहनाने के लिए पीएमओ ने विभिन्न जनपदों में शहरी क्षेत्र के नए लाभार्थी चिन्हित करने के निर्देश दिए थे। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को लखनऊ में 1.01 लाख नए चयनित लाभार्थियों के खातों में कंप्यूटर पर सिंगल क्लिक के जरिए धनराशि हस्तांतरित करेंगे। बाद में प्रधानमंत्री लाभार्थियों से सीधी बात करके यह जानने का भी प्रयास करेंगे कि आवास योजना से उनके जीवन में किस हद तक बुनियादी बदलाव लाने मेें सफल रही है।
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प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट का प्रस्ताव शासन ने वापस लिया
योजना में किसी भी स्तर पर धांधली रोकने के साथ उसके क्रियान्वयन की निगरानी को ग्राम्य विकास अनुभाग-4 के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने गत वर्ष 14 सितंबर को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) गठित करने का आदेश जारी किया था। यह शासनादेश संयुक्त सचिव ग्राम्य विकास प्रभात कुमार श्रीवास्तव के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को भेजा गया। पीएमयू की जिला एवं ब्लॉक इकाइयां संचालित करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के 49 पदों पर सेवा प्रदाता के माध्यम से तकनीकी विशेषज्ञ, कंप्यूटर ऑपरेटर, एकाउंट असिस्टेंट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि 49 पद सृजित होने थे। यह शासनादेश सीडीओ के माध्यम से डीआरडीए दफ्तर भेजा गया, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया। अन्य जनपदों में भी पीएमयू के गठन पर कोई ध्यान नहीं दिए जाने शासन ने यह प्रस्ताव ही वापस ले लिया।

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शहरी क्षेत्र में चार सौ नए लाभार्थियों का हो चुका चयन
प्रधानमंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग के मद्देेनजर डीएम के निर्देश पर शहरी क्षेत्र में लाभार्थियों को चिन्हित और चयनित कराने का काम तेजी से कराया जा रहा है। इस कार्य के लिए नामित एनजीओ के जरिए रात के समय सर्वे कराया जा रहा है जिससे कि खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर वास्तविक बेघरों की आसानी से पहचान की जा सके। शहरी क्षेत्र में आवास की पात्रता रखने वाले लगभग चार सौ लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है।
-डॉ. लवकुश गुप्ता, परियोजना अधिकारी, जिला नगरीय विकास अभिकरण
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