{"_id":"5b522ac14f1c1b61508b46ee","slug":"31532111553-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम ने फिर बदली करवट,पीएम की रैली के दौरान बारिश का डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम ने फिर बदली करवट,पीएम की रैली के दौरान बारिश का डर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
tree fallen
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक सप्ताह से मानसूनी बारिश को लगे ब्रेक के बाद शुक्रवार देर रात से मौसम ने फिर करवट बदली। शनिवार को सुबह शहर समेत ग्रामीण अंचल में हुई दस मिमी बरसात से वातावरण में व्याप्त उमस में कमी आ गई और तापमान में तीन डिग्री की गिरावट से मौसम सुहाना हो गया, लेकिन प्रधानमंत्री की रैली की तैयारी में जुटे प्रशासन और पुलिस के अधिकारी चिंतित हो उठे हैं क्योंकि मौसम विभाग ने बैरोमीटर की रीडिंग में आई 25 अंकों की गिरावट के आधार पर शनिवार को भी आसमान पर बादल छाए रहने के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है।
बीती 14 जुलाई को 106 मिमी बरसात होने के बाद से बारिश का दौर थमा तो तापमान में बढ़ोतरी के साथ उमस भी बढ़ने लगी थी। हालांकि, इस बीच आसमान पर बादल मंडराते रहे, लेकिन दोपहर तक सूरज की गरमी से बादल हल्के पड़ने के साथ धूप भी निकलती रही। बरसात नहीं होने से वे किसान भी खासे परेशान थे, जिन्होंने धान की रोपाई के अलावा दलहनी और तिलहनी फसलों की बुआई का काम निपटा लिया था। बृहस्पतिवार की शाम से आसमान पर घने बादलों ने डेेरा जमाना शुरू किया तो बारिश की उम्मीद भी बढ़ गई।
यही हुआ भी, जब आधी रात के बाद से बूंदाबांदी की शुरूआत हो गई। बारिश के असर से रात में तापमान भी करीब तीन डिग्री गिरकर 25.4 डिग्री सेल्सियस रह गया। इस दौरान हवा चलने से आफीसर्स कालोनी में एक पेड़ जड़ से उखड़कर रोड पर धराशायी हो गया। दिन निकलने के बाद सुबह आठ बजे तक दस मिमी बरसात हुई, लेकिन बाद में बादलों की ओट से सूर्य किरणें जमीन पर उतरीं तो उमस बढ़ गई। चूंकि, तब तक आर्द्रता भी 95 से घटकर 74 फीसदी रह गई, इसलिए दिन के तापमान में महज एक डिग्री की कमी रिकार्ड की गई। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि शनिवार को सुबह बूंदाबांदी से लेकर हल्की बारिश की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीती 14 जुलाई को 106 मिमी बरसात होने के बाद से बारिश का दौर थमा तो तापमान में बढ़ोतरी के साथ उमस भी बढ़ने लगी थी। हालांकि, इस बीच आसमान पर बादल मंडराते रहे, लेकिन दोपहर तक सूरज की गरमी से बादल हल्के पड़ने के साथ धूप भी निकलती रही। बरसात नहीं होने से वे किसान भी खासे परेशान थे, जिन्होंने धान की रोपाई के अलावा दलहनी और तिलहनी फसलों की बुआई का काम निपटा लिया था। बृहस्पतिवार की शाम से आसमान पर घने बादलों ने डेेरा जमाना शुरू किया तो बारिश की उम्मीद भी बढ़ गई।
विज्ञापन
यही हुआ भी, जब आधी रात के बाद से बूंदाबांदी की शुरूआत हो गई। बारिश के असर से रात में तापमान भी करीब तीन डिग्री गिरकर 25.4 डिग्री सेल्सियस रह गया। इस दौरान हवा चलने से आफीसर्स कालोनी में एक पेड़ जड़ से उखड़कर रोड पर धराशायी हो गया। दिन निकलने के बाद सुबह आठ बजे तक दस मिमी बरसात हुई, लेकिन बाद में बादलों की ओट से सूर्य किरणें जमीन पर उतरीं तो उमस बढ़ गई। चूंकि, तब तक आर्द्रता भी 95 से घटकर 74 फीसदी रह गई, इसलिए दिन के तापमान में महज एक डिग्री की कमी रिकार्ड की गई। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि शनिवार को सुबह बूंदाबांदी से लेकर हल्की बारिश की संभावना है।
विज्ञापन