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मणिपुरी और भरतनाट्यम नृत्य देख ठिठके दर्शक
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:14 PM IST
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डांस
- फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर। शाहजहांपुर रंग महोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न राज्यों से आई टीमों ने शास्त्रीय संगीत और लोकनृत्य के माध्यम से खूब तालियां बटोरीं।
दूसरे दिन का शुभारंभ नोएडा के कस्टम अधीक्षक अरविंद कुमार कठेरिया ने मां सरस्वती और अमर शहीदों के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद आरोही चक्रवर्ती, कृतिका कौशिक ने सोलो नृत्य प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। रॉकर्स सहारनपुर का गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो पर युगल फ्यूजन, केंद्रीय विद्यालय की सादगी सक्सेना और प्रज्ञा सिंह ने भी नृत्य प्रस्तुत किया। इसी क्रम में कटनी राजस्थान से आई आंचल चौबे का सोलो, सहारनपुर की फाल्गुनी भारद्वाज, नृत्यधाम कला केंद्र लखनऊ के दल ने हनुमान चालीसा पर मनमोहक प्रस्तुति देकर वाहवाही लूटी। सहारनपुर की ही पावनी कौशिक ने सोलो नृत्य से तालियां बटोरीं।
लोकनृत्य समूह वर्ग में प्रभा मौर्य के सत्रिय कला केंद्र की बालिकाओं ने कालबेलिया नृत्य, कलाकार विभावरी ने कीलों पर नृत्य, प्रविष्टि, पावन, काशान, अभय का नृत्य सराहनीय रहा। इसी क्रम में लखनऊ के कलाकारों ने कथक से खूब तालियां बटोरीं। अनन्या ने भरतनाट्यम, वर्षांगी, विभावरी, वर्तिका, प्रेक्षा-प्रज्ञा का युगल नृत्य, अर्निका ने भी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसी क्रम में मणिपुर रोशनी देवी के मणिपुरी शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
विपिन मौर्या के संचालन में चली प्रतियोगिता में मुख्य निर्णायक डॉ. वसंत शैकिया और शिखा शर्मा ने प्रतिभागियों को शास्त्रीय संगीत की बारीकियों और नृत्य के भेद समझाए। आयोजन में कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, शमीम आजाद, संजय राठौर, अरविंद चोला, अजय मोहन शुक्ल, विनीत सिंह, अतीक रहमान, अनिल खिलाड़ी, दिव्यांशु, रिजवान, विनोद, विकास, ऋषि आदि का योगदान रहा।
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दूसरे दिन का शुभारंभ नोएडा के कस्टम अधीक्षक अरविंद कुमार कठेरिया ने मां सरस्वती और अमर शहीदों के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद आरोही चक्रवर्ती, कृतिका कौशिक ने सोलो नृत्य प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। रॉकर्स सहारनपुर का गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो पर युगल फ्यूजन, केंद्रीय विद्यालय की सादगी सक्सेना और प्रज्ञा सिंह ने भी नृत्य प्रस्तुत किया। इसी क्रम में कटनी राजस्थान से आई आंचल चौबे का सोलो, सहारनपुर की फाल्गुनी भारद्वाज, नृत्यधाम कला केंद्र लखनऊ के दल ने हनुमान चालीसा पर मनमोहक प्रस्तुति देकर वाहवाही लूटी। सहारनपुर की ही पावनी कौशिक ने सोलो नृत्य से तालियां बटोरीं।
लोकनृत्य समूह वर्ग में प्रभा मौर्य के सत्रिय कला केंद्र की बालिकाओं ने कालबेलिया नृत्य, कलाकार विभावरी ने कीलों पर नृत्य, प्रविष्टि, पावन, काशान, अभय का नृत्य सराहनीय रहा। इसी क्रम में लखनऊ के कलाकारों ने कथक से खूब तालियां बटोरीं। अनन्या ने भरतनाट्यम, वर्षांगी, विभावरी, वर्तिका, प्रेक्षा-प्रज्ञा का युगल नृत्य, अर्निका ने भी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसी क्रम में मणिपुर रोशनी देवी के मणिपुरी शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
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विपिन मौर्या के संचालन में चली प्रतियोगिता में मुख्य निर्णायक डॉ. वसंत शैकिया और शिखा शर्मा ने प्रतिभागियों को शास्त्रीय संगीत की बारीकियों और नृत्य के भेद समझाए। आयोजन में कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, शमीम आजाद, संजय राठौर, अरविंद चोला, अजय मोहन शुक्ल, विनीत सिंह, अतीक रहमान, अनिल खिलाड़ी, दिव्यांशु, रिजवान, विनोद, विकास, ऋषि आदि का योगदान रहा।
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