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सीता हरण की कथा सुन श्रोता भावविभोर
Updated Fri, 10 Nov 2017 06:10 PM IST
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चांदपुर/ खुटार (शाहजहांपुर)।
गांव हमीरपुर और हरिहरपुर के पास देवस्थान पर चल रही रामकथा में पंडित अरविंद दीक्षित ने सीता हरण की मार्मिक कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
दीक्षित ने कहा कि सीता और लक्ष्मण के साथ भगवान राम जब वन को निकले तो अयोध्या में मायूसी छा गई। पंचवटी में सूर्पणखा मिली और उसने श्रीराम से विवाह करने की इच्छा जताई। मना करने पर उसने राक्षसी रूप धर कर सीता जी को डराने का प्रयास किया तो क्रोधित होकर लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी। नाक कटने के बाद सूर्पनखा अपने भाई लंकापति रावण के पास पहुंची और इस घटना के बारे में बताया।
इस घटना से अपमानित रावण ने सीता के हरण की योजना बनाई और अपने मामा मारीच को स्वर्ण मृग के रूप में वन में घूमने के लिए कहा। सोने का मृग देख सीता जी ने उसको पाने की इच्छा जताई। भगवान राम उसके पीछे चले गए। इतने में मृग बने मारीच ने माया रचकर लक्ष्मण को आवाज लगाई। मौका पाकर रावण सीता को कुटी से उठाकर लंका ले गया। सीता हरण का प्रसंग सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो उठीं। आयोजन में विनीत अवस्थी, गोविंद कुमार, रतन कुमार, विनय दीक्षित, नन्हें शर्मा आदि का सहयोग रहा।
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गांव हमीरपुर और हरिहरपुर के पास देवस्थान पर चल रही रामकथा में पंडित अरविंद दीक्षित ने सीता हरण की मार्मिक कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
दीक्षित ने कहा कि सीता और लक्ष्मण के साथ भगवान राम जब वन को निकले तो अयोध्या में मायूसी छा गई। पंचवटी में सूर्पणखा मिली और उसने श्रीराम से विवाह करने की इच्छा जताई। मना करने पर उसने राक्षसी रूप धर कर सीता जी को डराने का प्रयास किया तो क्रोधित होकर लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी। नाक कटने के बाद सूर्पनखा अपने भाई लंकापति रावण के पास पहुंची और इस घटना के बारे में बताया।
इस घटना से अपमानित रावण ने सीता के हरण की योजना बनाई और अपने मामा मारीच को स्वर्ण मृग के रूप में वन में घूमने के लिए कहा। सोने का मृग देख सीता जी ने उसको पाने की इच्छा जताई। भगवान राम उसके पीछे चले गए। इतने में मृग बने मारीच ने माया रचकर लक्ष्मण को आवाज लगाई। मौका पाकर रावण सीता को कुटी से उठाकर लंका ले गया। सीता हरण का प्रसंग सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो उठीं। आयोजन में विनीत अवस्थी, गोविंद कुमार, रतन कुमार, विनय दीक्षित, नन्हें शर्मा आदि का सहयोग रहा।
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