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हनी सिंह की मदद के लिए आठ वर्षीय अनमोल ने फोड़ दी गुल्लक
Updated Thu, 08 Jun 2017 06:07 PM IST
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पुवायां (शाहजहांपुर)।
साथी हाथ बढ़ाना, एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना। यह पंक्तियां मासूम हनी सिंह के दिल में छेद के आपरेशन को दी जा रही मदद ने सार्थक कर दी हैं। जिले भर से कई लोग मासूम हनी की मदद कर रहे हैं, लेकिन खुटार के आठ वर्षीय अनमोल तिवारी ने तो हनी की मदद के लिए अपनी गुल्लक ही फोड़ दी। गुल्लक में निकले दो हजार रुपये उसने हनी सिंह के इलाज के लिए दे दिए हैं।
बतातें चलें कि गांव जेबां निवासी वीरेश सिंह के दो वर्षीय पुत्र हनी सिंह के दिल में छेद है। वीरेश भूमिहीन हैं। वह मजदूरी कर परिवार की गुजर बसर करते हैं। हनी 17 मई से लखनऊ के पीजीआई में भर्ती है। उसके आपरेशन पर दो लाख रुपये खर्च होने हैं, लेकिन रकम का इंतजाम न हो पाने से आपरेशन नहीं हो पा रहा है।
सामाजिक संस्था पहल ने इस मामले मेें वीरेश की मदद का संकल्प लिया। अमर उजाला ने हनी के परिवार की इस विवशता को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो पहले दिन ही साढ़े सात हजार रुपये वीरेश के खाते में जमा हो गए। खुटार के मोहल्ला नौगवां कोट निवासी सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मी देवेंद्र तिवारी और बीएचडब्लू रजविंदर कौर के आठ वर्षीय पुत्र अनमोल ने पिता से अमर उजाला की खबर की चर्चा सुनी तो अपनी गुल्लक तोड़ दी और उसमें निकले दो हजार रुपये हनी की मदद के लिए दे दिए। यह रकम पहल संस्था के माध्यम ये वीरेश तक पहुंच गई है।
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मिर्जापुर ब्लाक के गांव औरंगाबाद के प्रधान अरुण कुमार ने हनी की मदद के लिए 10 हजार, एसडीएम के स्टेनो प्रदीप वर्मा ने पांच हजार, खुटार के सचिन मिश्र ने एक हजार, खुटार की सरोजनी देवी ने एक हजार, सरकारी अस्पताल कर्मी परमजीत सिंह, पलविंदर कौर, देवेंद्र सिंह, डॉ. संदीप वर्मा, डॉ. आशुतोष चौहान, कंवलजीत कौर ने पांच-पांच सौ रुपये की मदद दी है।
किसी नेता ने नहीं की कोई मदद
हनी के इलाज के लिए आर्थिक मदद की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच गई है, लेकिन अभी तक सहायता राशि नहीं मिल पाई है। अमर उजाला में खबर पढ़कर तमाम लोग हनी की मदद के लिए आगे आए हैं, लेकिन किसी भी नेता ने मदद करने की जरूरत नहीं समझी है। इसे लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि अगर इस वक्त चुनाव होता तो कई नेता मदद के लिए आगे आ गए होते।
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साथी हाथ बढ़ाना, एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना। यह पंक्तियां मासूम हनी सिंह के दिल में छेद के आपरेशन को दी जा रही मदद ने सार्थक कर दी हैं। जिले भर से कई लोग मासूम हनी की मदद कर रहे हैं, लेकिन खुटार के आठ वर्षीय अनमोल तिवारी ने तो हनी की मदद के लिए अपनी गुल्लक ही फोड़ दी। गुल्लक में निकले दो हजार रुपये उसने हनी सिंह के इलाज के लिए दे दिए हैं।
बतातें चलें कि गांव जेबां निवासी वीरेश सिंह के दो वर्षीय पुत्र हनी सिंह के दिल में छेद है। वीरेश भूमिहीन हैं। वह मजदूरी कर परिवार की गुजर बसर करते हैं। हनी 17 मई से लखनऊ के पीजीआई में भर्ती है। उसके आपरेशन पर दो लाख रुपये खर्च होने हैं, लेकिन रकम का इंतजाम न हो पाने से आपरेशन नहीं हो पा रहा है।
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सामाजिक संस्था पहल ने इस मामले मेें वीरेश की मदद का संकल्प लिया। अमर उजाला ने हनी के परिवार की इस विवशता को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो पहले दिन ही साढ़े सात हजार रुपये वीरेश के खाते में जमा हो गए। खुटार के मोहल्ला नौगवां कोट निवासी सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मी देवेंद्र तिवारी और बीएचडब्लू रजविंदर कौर के आठ वर्षीय पुत्र अनमोल ने पिता से अमर उजाला की खबर की चर्चा सुनी तो अपनी गुल्लक तोड़ दी और उसमें निकले दो हजार रुपये हनी की मदद के लिए दे दिए। यह रकम पहल संस्था के माध्यम ये वीरेश तक पहुंच गई है।
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मिर्जापुर ब्लाक के गांव औरंगाबाद के प्रधान अरुण कुमार ने हनी की मदद के लिए 10 हजार, एसडीएम के स्टेनो प्रदीप वर्मा ने पांच हजार, खुटार के सचिन मिश्र ने एक हजार, खुटार की सरोजनी देवी ने एक हजार, सरकारी अस्पताल कर्मी परमजीत सिंह, पलविंदर कौर, देवेंद्र सिंह, डॉ. संदीप वर्मा, डॉ. आशुतोष चौहान, कंवलजीत कौर ने पांच-पांच सौ रुपये की मदद दी है।
किसी नेता ने नहीं की कोई मदद
हनी के इलाज के लिए आर्थिक मदद की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंच गई है, लेकिन अभी तक सहायता राशि नहीं मिल पाई है। अमर उजाला में खबर पढ़कर तमाम लोग हनी की मदद के लिए आगे आए हैं, लेकिन किसी भी नेता ने मदद करने की जरूरत नहीं समझी है। इसे लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि अगर इस वक्त चुनाव होता तो कई नेता मदद के लिए आगे आ गए होते।