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3.92 अरब रुपये की जिला योजना को मिला अनुमोदन

Thu, 16 Jun 2016 11:58 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
ब्यूरो /शाहजहांपुर Updated Thu, 16 Jun 2016 11:58 PM IST
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3.92 billion had the approval of the district plan
3.92 अरब रुपये की जिला योजना को मिला अनुमोदन
प्रदेश के पर्यटन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में जिला योजना की बैठक कर विभिन्न विभागों से कराए जाने वाले कार्यों के लिए 3.92 अरब रुपये के परिव्यय को अनुमोदित कर दिया। इस मौके पर प्रभारी मंत्री ने विभाग बार समीक्षा की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने अफसरों पर अपनी उपेक्षा और मनमाने तरीके से काम कराने का आरोप लगाया। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री ने अफसरोें को जन प्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर जनहित के काम करने के निर्देश दिए। करीब चार घंटे तक चली जिला योजना समिति की मैराथन बैठक की शुरुआत सामान्य तरीके से हुई। मुख्य विकास अधिकारी पुलकित खरे ने योजना में विभाग बार निर्धारित परिव्यय तीन अरब 92 करोड़ 52 लाख रुपये का ब्यौरा सदन में रखा, जिसे प्रभारी मंत्री ने समिति से अनुमोदित करा दिया। इस मौके पर डीएम पुष्पा सिंह ने कहा कि मौजूद संसाधनों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जिला योजना में ऐसे कार्यों और कार्यक्रमों को शामिल किया गया है, जिनके क्रियान्वयन से कम समय में विकास होने के साथ गरीबी और बेरोजगारी जैसी समस्याओं का निदान हो सके। 
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जन प्रतिनिधियों के तेवर देख अफसर हुए पसीना-पसीना
बैठक का माहौल उस वक्त गरमाने लगा जब प्रभारी मंत्री ने अफसरों को खड़ा करके विभाग बार प्रस्तावित परिव्यय की गत वित्त वर्ष के कार्यों और उपलब्धियों से तुलना करनी शुरू की। गन्ना विभाग से निर्मित सड़कों का डीसीओ बृजेश कुमार पटेल ने ब्यौरा देना शुरू किया कि टोका-टाकी शुरू हो गई। राज्यमंत्री राममूति सिंह वर्मा ने सवाल किया कि ददरौल क्षेत्र में सड़कें बनाने से पहले उनसे प्रस्ताव क्यों नहीं लिए गए। उनकी आपत्ति का समर्थन करते हुए सांसद कृष्णाराज ने भी यही सवाल दोहराया। डीसीओ ने शासन की मंशा का हवाला दिया तो सांसद बिफर उठीं। कृष्णाराज ने डीसीओ पर आपत्ति को सियासी तूल देने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की मंशा के अनुरूप शासन स्तर से काम होते हैं। इसलिए जनता की इच्छा को सरकारों में बांटने की कोशिश नहीं करें। डीसीओ ने सीतापुर आई हॉस्पिटल को गन्ना मूल्य कटौती की 17 लाख रुपये धनराशि देना शेष बताते हुए किसानों को मुफ्त चश्मा वितरण से पल्ला झाड़ने की कोशिश की तो जन प्रतिनिधि फिर भड़क उठे। इस पर हस्तक्षेप करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि अधिकारी जन प्रतिनिधियों से बचने की कोशिश करने के बजाय उनसे मेलजोल बढ़ाकर उनके प्रस्तावों पर काम करें। काम करते वक्त नजरिया सैद्धांतिक के बजाय व्यवहारिक रखें क्योंकि सरकार का मुख्य ध्येय जनता को राहत पहुंचाना है।
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एक्सईएन के खिलाफ एमडी से पत्राचार के निर्देश
लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ने लघु सीमांत किसानों को चालू वित्त वर्ष में 2465 बोरिंग पर 184.32 लाख रुपये की आर्थिक सहायता से संतृप्त करने का लक्ष्य बताया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 14-15 में 584 बोरिंग कराई गईं, लेकिन बिजली कनेक्शन 43 हो पाए। इस पर सांसद ने कहा कि 40-50 हजार रुपये लिए बगैर बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाता। एक्सईएन ने नियमों के तहत कनेक्शन जारी होने की बात कही। इस पर सदन में मौजूद भाजपा के वरिष्ठ नेता बलवीर सिंह ने उनकी बात झूठ ठहराते हुए कहा कि किसी भी आवेदक को कनेक्शन के वास्तविक शुल्क की जानकारी नहीं है। भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना, तिलहर के विधायक रोशन लाल वर्मा, जलालाबाद के विधायक नीरज मौर्य कुशवाहा और पुवायां की विधायक शकुंतला देवी अपने निर्वाचन क्षेत्रों की बिजली संबंधी शिकायतों की झड़ी लगा दी। इस पर प्रभारी मंत्री ने सीडीओ को पॉवर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक से एक्सईएन के विरुद्ध पत्र भेजने के निर्देश दिए। 
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सलाहकार समितियों की बैठकें कराने पर जोर
गन्ना, बिजली आदि कई विभागों की जन प्रतिनिधियोें से प्राप्त शिकायतों के मद्देनजर प्रभारी मंत्री इस नतीजे पर पहुंचे कि यदि विभाग स्तर पर सलाहकार समितियों की नियमित बैठकें होती रहें तो तमाम समस्याओं का निस्तारण भी होता रहेगा। उन्होंने सीडीओ से ऐसी बैठकें नहीं होने पर खिन्नता व्यक्त की। इस पर डीएम ने प्रभारी मंत्री को सलाहकार समितियों की बैठकें जल्द कराने को आश्वस्त किया। 

  
ग्राम निधि के उपभोग की होगी प्रशासनिक जांच
राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने ग्राम निधि के बेजा उपभोग का अहम मुद्दा उठाते हुए कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान तत्कालीन ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार खत्म कर दिए जाने के बाद पूरे जिले में ग्राम निधि की धनराशि ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के स्तर से निकाली गई। राज्यमंत्री ने इस धनराशि के उपयोग की जांच कराए जाने पर जोर दिया। प्रभारी मंत्री कुछ बोलते, इससे पहले डीएम ने कहा कि इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय प्रताप यादव, कटरा के विधायक राजेश यादव, विधान परिषद सदस्य अमित यादव रिंकू, एसपी डॉ. मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।
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