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15 दिन में जारी होने का नियम...लंबित पड़े 2778 प्रमाण पत्र

Thu, 23 Jun 2022 12:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jun 2022 12:24 AM IST
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2778 applications for certificates pending
वाहजहांपुर के तहसील सदर में निवास प्रमाण पत्र बनाते कर्मचारी । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। तहसीलों में आम आदमी को कितना परेशान किया जाता है, इसका अंदाजा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र के लंबित आवेदनों से लगाया जा सकता है। तहसील सदर में ही 2778 प्रमाण पत्र रिपोर्ट लगने का इंतजार में हैं। इन पर रिपोर्ट क्यों नहीं लगी? इसके लिए लेखपालों के अपने तर्क हैं। 15 दिन में प्रमाण पत्र जारी करने का नियम है, लेकिन आमजन हर रोज प्रमाण पत्रों के लिए तहसील और अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
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आय, जाति या निवास प्रमाण पत्र को बनवाने के लिए एक प्रक्रिया है, इसके लिए तहसील में आने की जरूरत नहीं है। जनसेवा केंद्र पर 30 रुपये सरकारी फीस देकर आवेदन किया जाता है। वहां से तहसीलदार के पोर्टल पर आवेदन पहुंच जाता है। तहसीलदार जांच करने के लिए आवेदन लेखपाल को बढ़ाते हैं। उसके बाद लेखपाल का काम शुरू होता है। आमतौर पर लेखपाल जांच करने खुद नहीं जाते हैं। उनके गुर्गे आवेदक के घर की कुंडी खटकाते हैं। खर्चा मांगते हुए सौदा किया जाता है। यदि जेब गर्म हो गई तो प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लग जाती है। बात नहीं बनने पर प्रमाण पत्र लटका दिया जाता है। ऐसे ही तमाम मामले तहसील सदर में लटके हुए हैं।
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फिलहाल 939 निवास प्रमाण पत्र, 666 जाति प्रमाण पत्र और 1173 आय प्रमाण पत्र के आवेदन लंबित पड़े हैं। प्रमाण पत्रों पर रिपोर्ट लगवाने के लिए आवेदक तहसील के चक्कर काट रहे हैं। उन्हें कोई सीधा जवाब भी नहीं दे रहा। स्पष्ट कहा जाता है कि जल्द ही रिपोर्ट लग जाएगी। अपना प्रमाण पत्र जनसेवा केंद्र से प्राप्त कर लें। लंबित प्रमाण पत्रों पर जांच रिपोर्ट लगाने के लिए तहसील सदर से लेखपाल को दिशा-निर्देश दिए हैं।
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सबसे ज्यादा बन रहे आय
इन दिनों सबसे ज्यादा आय प्रमाण पत्र बनवाए जा रहे हैं। स्कूलों मेें अभिभावक का आय प्रमाण पत्र लगने के कारण सबसे ज्यादा आवेदन किए जा रहे हैं। प्रतिदिन 100 से ज्यादा आवेदन पोर्टल पर पहुंच रहे हैं।
20 दिन पहले किया था आवेदन
निवास प्रमाण पत्र के लिए हमने जनसेवा केंद्र पर आवेदन किया था। 20 से ज्यादा हो गया है। अभी तक कोई अपडेट नहीं मिल पा रहा। तहसील आने के बाद भी स्पष्ट उत्तर नहीं मिल सका है। -जगदीश, आवास विकास
कोई सुनने को तैयार नहीं
आय प्रमाण पत्र के लिए काफी ज्यादा दौड़ना पड़ रहा है। नियम के अनुसार 15 दिन में प्रमाण पत्र जारी होना चाहिए। कई चक्कर लगाने के बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं है। -प्रदीप, बाबूजई
ये आती है दिक्कतें
राजस्वकर्मियों का कहना है कि साइबर कैफे संचालक फर्जी आईडी लगाकर आवेदन कर देते हैं। साक्ष्य स्पष्ट अपलोड न होने, मोबाइल नंबर गलत देने के कारण आवेदक को तलाश करने में दिक्कत आती है। मोबाइल नंबर न मिलने के कारण गांवों में आवेदक को तलाश करना मुश्किल हो जाता है।

कैफे संचालक करते हैं गड़बड़ी
डीएम के आदेश के बाद किसी लेखपाल के पास कोई लड़का काम नहीं कर रहा। हर दिन काफी ज्यादा आवेदन आ रहे हैं। लंबित कोई नहीं हैं। साइबर कैफे संचालकों की गड़बड़ी के चलते जांच पूरी करने में दिक्कत आती है। -नीरज राठौर, प्रदेश सह सचिव-लेखपाल संघ
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