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मिट्टी की ढांग में दबकर मासूम भाई-बहन की मौत
Updated Tue, 27 Feb 2018 09:32 PM IST
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मिट्टी की ढांग में दबकर मासूम भाई-बहन की मौत
सूखे पड़े तालाब में बच्चों के साथ खेलने गए थे दोनों
विधायक रोशन ने पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस
एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार भी पहुंचे गांव
अमर उजाला ब्यूरो
निगोही।
क्षेत्र के गांव खेरा संडा में मंगलवार दोपहर तालाब के किनारे मिट्टी की ढांग में दबकर मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। होली से तीन दिन पहले घटी इस घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। तिलहर एसडीएम सत्यप्रिय सिंह के निर्देश पर तहसीलदार वेद सिंह चौहान ने गांव पहुंचकर मौका मुआयना किया।
गांव खेरा संडा निवासी रामबाबू का छह वर्षीय पुत्र अंकुश और चार वर्षीय बेटी दीपांजलि मंगलवार दोपहर गांव के ही राकेश के पांच वर्षीय बेटे सुरजीत व राजवीर के चार वर्षीय बेटे रानू के साथ घर के बाहर कुछ दूरी पर स्थित सूखे पड़े तालाब में खेलने पहुंचने गए। तालाब के किनारे अंदर से मिट्टी निकाले जाने से उसमें घोल हो गया था। दोनों भाई-बहन उसी घोल के अंदर बैठकर खेलने लगे। दोपहर लगभग 1:30 बजे अचानक दस फिट ऊंचाई से मिट्टी की ढांग ऊपर से गिरी और उसके मलबे के नीचे दोनों भाई-बहन दब गए। सुरजीत और रानू मलबे के नीचे दबने से बाल-बाल बच गए। अंकुश और दीपांजलि के दब जाने के बाद सुरजीत और रानू शोर मचाते हुए भागकर अंकुश के घर बताया तो परिवार के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रोते-बिलखते परिजन व गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए और फावड़े आदि से मिट्टी हटाकर जब तक दोनों को बाहर निकाला उनकी सांसे थम चुकी थीं। सूचना मिलने पर तिलहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इसके बाद उन्होंने मोबाइल पर तिलहर एसडीएम सत्यप्रिय सिंह से बात कर उन्हें घटना की जानकारी दी। तब एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार वेद सिंह चौहान, निगोही थानाध्यक्ष सुनील शर्मा भी गांव पहुंचे और मौका मुआयना कर घटना की जानकारी ली। तलसीलदार ने आर्थिक मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया। दोनों के शव पंचनामा भरने के बाद परिजनों को सौंप दिए गए।
00-
..अब कौन पहनेगा नए कपड़े
निगोही। गांव खेड़ा संडा में रामबाबू के परिवार के लिए होली की खुशियां पलभर में काफूर हो गईं। अंकुश और दीपांजलि की मौत पर बिलख रही मां रामदेवी कह रही थी कि अब नए कपड़े कौन पहनेगा। बूढ़ी दादी सौदरा भी पौत्र और पौत्री के शव को देखकर बिलख रही थी। रामबाबू के आंसू भी थमने का नाम नहीं ले रहे थे। रामबाबू के चार बच्चों में अब 12 वर्षीय अंकित व पांच माह की आराधना है। एक साथ दो बच्चों की मौत से गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा है।
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मिट्टी की ढांग में दबकर मासूम भाई-बहन की मौत
सूखे पड़े तालाब में बच्चों के साथ खेलने गए थे दोनों
विधायक रोशन ने पीड़ित परिवार को बंधाया ढांढस
एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार भी पहुंचे गांव
अमर उजाला ब्यूरो
निगोही।
क्षेत्र के गांव खेरा संडा में मंगलवार दोपहर तालाब के किनारे मिट्टी की ढांग में दबकर मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। होली से तीन दिन पहले घटी इस घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। तिलहर एसडीएम सत्यप्रिय सिंह के निर्देश पर तहसीलदार वेद सिंह चौहान ने गांव पहुंचकर मौका मुआयना किया।
गांव खेरा संडा निवासी रामबाबू का छह वर्षीय पुत्र अंकुश और चार वर्षीय बेटी दीपांजलि मंगलवार दोपहर गांव के ही राकेश के पांच वर्षीय बेटे सुरजीत व राजवीर के चार वर्षीय बेटे रानू के साथ घर के बाहर कुछ दूरी पर स्थित सूखे पड़े तालाब में खेलने पहुंचने गए। तालाब के किनारे अंदर से मिट्टी निकाले जाने से उसमें घोल हो गया था। दोनों भाई-बहन उसी घोल के अंदर बैठकर खेलने लगे। दोपहर लगभग 1:30 बजे अचानक दस फिट ऊंचाई से मिट्टी की ढांग ऊपर से गिरी और उसके मलबे के नीचे दोनों भाई-बहन दब गए। सुरजीत और रानू मलबे के नीचे दबने से बाल-बाल बच गए। अंकुश और दीपांजलि के दब जाने के बाद सुरजीत और रानू शोर मचाते हुए भागकर अंकुश के घर बताया तो परिवार के लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। रोते-बिलखते परिजन व गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए और फावड़े आदि से मिट्टी हटाकर जब तक दोनों को बाहर निकाला उनकी सांसे थम चुकी थीं। सूचना मिलने पर तिलहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा भी गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इसके बाद उन्होंने मोबाइल पर तिलहर एसडीएम सत्यप्रिय सिंह से बात कर उन्हें घटना की जानकारी दी। तब एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार वेद सिंह चौहान, निगोही थानाध्यक्ष सुनील शर्मा भी गांव पहुंचे और मौका मुआयना कर घटना की जानकारी ली। तलसीलदार ने आर्थिक मदद दिलाए जाने का आश्वासन दिया। दोनों के शव पंचनामा भरने के बाद परिजनों को सौंप दिए गए।
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..अब कौन पहनेगा नए कपड़े
निगोही। गांव खेड़ा संडा में रामबाबू के परिवार के लिए होली की खुशियां पलभर में काफूर हो गईं। अंकुश और दीपांजलि की मौत पर बिलख रही मां रामदेवी कह रही थी कि अब नए कपड़े कौन पहनेगा। बूढ़ी दादी सौदरा भी पौत्र और पौत्री के शव को देखकर बिलख रही थी। रामबाबू के आंसू भी थमने का नाम नहीं ले रहे थे। रामबाबू के चार बच्चों में अब 12 वर्षीय अंकित व पांच माह की आराधना है। एक साथ दो बच्चों की मौत से गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा है।
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