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डिजिटल इंडिया को पलीता लगा रहे सरकारी विभाग

Tue, 29 Aug 2017 06:39 PM IST
Updated Tue, 29 Aug 2017 06:39 PM IST
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डिजिटल इंडिया को पलीता लगा रहे सरकारी विभाग
शाहजहांपुर। केंद्र सरकार संचार क्रांति को फोर जी युग में प्रवेश कराने के साथ ही उसे नए आयाम देने के लिए देश के पूरे सिस्टम को डिजिटल करने का सपना देख रही है, लेकिन डिजिटल इंडिया स्कीम को कई सरकारी विभाग पलीता दिखाने पर आमादा हैं। कहीं बीटीएस ऑपरेटरों की मनमानी से ग्रामीण क्षेत्र के टॉवर बंद हैं तो कहीं बिजली फाल्ट और सड़कों के चौड़ीकरण ने टेलीफोन नेटवर्क अस्त-व्यस्त कर दिया है। संसाधनों की कमी से जूझ रहे बीएसएनएल को सेवाएं बहाल रखना भारी पड़ रहा है जबकि बात हो रही है टेलीफोन नेटवर्क के डेवलपमेंट की।
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इसलिए अक्सर बंद रहते हैं ग्रामीण बीटीएस
जिले का बीएसएनएल नेटवर्क 185 बेस टर्मिनल स्टेशनों (बीटीएस) पर टिका है। केंद्र में यूपीए शासन और उससे पूर्व भाजपा की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में बीटीएस टॉवर लीज पर जिले के प्रभावशाली नेताओं अथवा उनकी जी-हुजूरी करने वालों को रेवड़ियों की तरह बांटे गए। तब डीजल खर्च की कोई बंदिश नहीं थी और इसी लालच में टॉवर अपने नाम करा लिए गए। अब बिजली सप्लाई में सुधार होने से बीएसएनएल ने टॉवरों पर डीजल खर्च घटाकर एक चौथाई कर दिया है। इसी खुन्नस मेें कई टॉवर बिजली होने पर भी बंद रखे जा रहे हैं। अधिकारियों ने तिलहर, पुवायां और सदर तहसील में ऐसे कई टॉवर जिम्मेदार लोगों पर विभागीय कार्रवाई के लिए चिह्नित किए हैं जो विभिन्न पार्टियों के नेताओं को एलॉट हुए हैं।
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शहबाजनगर स्टेशन का फोन बिजली फाल्ट से ठप
विभागीय रिपोर्ट को सही मानें तो 22 अगस्त तक सिर्फ 128 बीटीएस चालू हालत में पाए गए। अधिकारी भी मानते हैं कि बंद बीटीएस की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है और उनके कारण भी अलग-अलग हैं। मसलन, शहबाजनगर रेलवे काउंटर का फोन बिजली वालों की लापरवाही से बंद है। पॉवर सप्लाई सुधारे बगैर टेलीफोन नेटवर्क चालू करना संभव नहीं है। कटरा क्षेत्र में बिजली सप्लाई नहीं मिलने से सात बीटीएस बंद हैं।
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लोनिवि ने तहस-नहस की श्यामपुर की टेलीफोन लाइन
एनएच-24 और स्टेट हाईवे पर भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल कटना आएदिन की समस्या है। ग्रामीण क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण कार्य से वहां की संचार व्यवस्था भी ध्वस्त हो रही है। पुवायां-खुटार मार्ग पर श्यामपुर गांव के लिंक रोड के पांच किमी हिस्से में जेसीबी ऑपरेटर की लापरवाही से नौ जगह ओएफसी कट गई। फिलहाल, माइक्रो लिंक सिस्टम से क्षेत्र में संचार सेवाएं जारी रखी गई हैं, लेकिन इसमें भी लिंक नहीं मिलने से बाधा आ रही है।
पुवायां में तेल बचाने को बंद कर देते हैं जनरेटर
पुवायां तहसील मुख्यालय समेत बंडा, खुटार के नगरीय क्षेत्र में मोबाइल सेवा सुचारु है, लेकिन देहात क्षेत्र में लगे टॉवरों पर तेल बचाने के खेल में लोगों को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है। टॉवरों के जनरेटर रात में बंद कर दिए जाते हैं, जिससे मोबाइल के सिगनल गायब हो जाते हैं। खुटार के चांदपुर क्षेत्र से इस तरह की शिकायतें अक्सर मिलती हैं। नगर क्षेत्र में कभी कभार इंटरनेट की स्पीड बेहद स्लो हो जाती है, जिससे लोगों को समस्या होती है। शिकायत पर कंपनी के अधिकारी अपनी गलती न मानकर मोबाइल में ही खराबी बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
जलालाबाद में टेलीफोन नेटवर्क बीमार
जलालाबाद तहसील क्षेत्र में बीएसएनएल का नेटवर्क आए दिन फेल रहने से उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नगर क्षेत्र में मंडी समिति के ऑफिस समेत बरेली रोड तथा पिटारमउ रोड पर बीएसएनएल के टॉवर लगे हैं। तहसील क्षेत्र में 25 बीटीएस स्थापित होने के बावजूद संचार सेवाएं दो-दो दिन तक ठप रहती है। एसडीओ हामिद ने बताया कि सभी बीटीएस चालू हैं, लेकिन कभी कभार भूमिगत केबल कट जाने अथवा अन्य किसी फाल्ट से नेटवर्क ठप हो जाता है।
तिलहर में राम भरोसे दूरसंचार व्यवस्था
बीएसएनएल की संचार सेवाएं यहां रामभरोसे चल रही हैं। आए दिन नेटवर्क की समस्या के रहते फोन सिर्फ दिखावटी बने रहते हैं। तहसील क्षेत्र में लगे 28 टावरों में अधिकांश की स्थिति अत्यंत दयनीय हो रही है। विभागीय लापरवाही के चलते कई टॉवर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। लगभग एक दर्जन टॉवरों पर बिजली आपूर्ति न रहने के कारण सेवाएं बाधित हैं। सभी टॉवरों को जरूरत के अनुसार डीजल सप्लाई होने पर भी तेल की बचत को टॉवर बंद रखे जा रहे हैं। खास यह है कि एसडीओ एसपी सिंह क्षेत्र में टेलीफोन नेटवर्क के उपलब्ध संसाधनों और उनकी मौजूदा स्थिति के बारे में पूरी तरह अनभिज्ञता जता रहे हैं।


बिना किसी ठोस बजह के बंद रहने वाले बीटीएस के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर उनका एलॉटमेंट निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल, सारा ध्यान डिजिटल इंडिया के तहत जिले में लक्ष्य पूर्ति पर लगा है। इसके तहत नौ विकास खंडों में 31 अगस्त तक भूमिगत केबल बिछाने का काम पूरा कराया जाना है।
- राजकुमार, जिला प्रबंधक (दूरसंचार)
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