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गोला और खुटार की फर्मों से ली गई लाइट की राशि की जानकारी
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:22 PM IST
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सोलर पावर
- फोटो : File
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बंडा (शाहजहांपुर)। ब्लॉक क्षेत्र की 42 गांव सभाओं में स्ट्रीट और सोलर लाइट लगवाए जाने में गड़बड़ी की आशंका पर शुरू हुई जांच के लिए टीमों ने बुधवार का गोला और खुटार जाकर लाइट लगवाने वाली फर्म के स्वामियों से जानकारी ली।
खुटार और बंडा की ग्राम सभाओं में स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा लाइटें लगवाए जाने में बड़ी राशि का घोटाला किए जाने की शिकायत की गई है। जिलाधिकारी ने इस मामले में जांच के आदेश दे रखे हैं। मंगलवार को भी मामले की जांच की गई थी, लेकिन प्रधान और सचिव बयान देने नहीं पहुंचे थे, साथ ही तमाम अभिलेख भी नहीं मिले थे। जिस पर जांच अधिकारी ने बीडीओ को नोटिस जारी किया था।
ग्रामसभा में एक स्ट्रीट लाइट के लिए 54 सौ और सौर ऊर्जा लाइट के लिए 22800 रुपये का भुगतान किया गया है। शिकायत करने वालों का दावा है कि लाइटें इससे काफी कम कीमत की हैं, जबकि प्रधानों का कहना है कि लाइट लगवाए जाने में कोई अनियमितता और गड़बड़ी नहीं है। प्रधान जांच का विरोध कर रहे हैं। बुधवार को जांच टीम के सदस्य गोला और खुटार जाकर लाइट लगाने वाली फर्मों के स्वामियों से मिले और लाइटों के रेट की जानकारी ली। इसके बाद गांवों में पहुंचकर लाइटों का सत्यापन किया गया। जांच अधिकारी सहायक निबंधक सहकारिता पीके शुक्ला ने बताया कि ग्रामसभाओं में लगवाई गई स्ट्रीट और सोलर लाईटों के मामले की जांच अभी चल रही है। जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
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खुटार और बंडा की ग्राम सभाओं में स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा लाइटें लगवाए जाने में बड़ी राशि का घोटाला किए जाने की शिकायत की गई है। जिलाधिकारी ने इस मामले में जांच के आदेश दे रखे हैं। मंगलवार को भी मामले की जांच की गई थी, लेकिन प्रधान और सचिव बयान देने नहीं पहुंचे थे, साथ ही तमाम अभिलेख भी नहीं मिले थे। जिस पर जांच अधिकारी ने बीडीओ को नोटिस जारी किया था।
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ग्रामसभा में एक स्ट्रीट लाइट के लिए 54 सौ और सौर ऊर्जा लाइट के लिए 22800 रुपये का भुगतान किया गया है। शिकायत करने वालों का दावा है कि लाइटें इससे काफी कम कीमत की हैं, जबकि प्रधानों का कहना है कि लाइट लगवाए जाने में कोई अनियमितता और गड़बड़ी नहीं है। प्रधान जांच का विरोध कर रहे हैं। बुधवार को जांच टीम के सदस्य गोला और खुटार जाकर लाइट लगाने वाली फर्मों के स्वामियों से मिले और लाइटों के रेट की जानकारी ली। इसके बाद गांवों में पहुंचकर लाइटों का सत्यापन किया गया। जांच अधिकारी सहायक निबंधक सहकारिता पीके शुक्ला ने बताया कि ग्रामसभाओं में लगवाई गई स्ट्रीट और सोलर लाईटों के मामले की जांच अभी चल रही है। जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
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