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ईंट भट्ठा संचालकों ने सरकार से मांगी समाधान योजना
Updated Mon, 11 Sep 2017 07:15 PM IST
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ईंट-भट्ठा संचालकों ने सरकार से मांगी समाधान योजना
0 धरना-प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन
फोटो 10 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। जीएसटी कर प्रणाली में ईंट भट्ठों पर समाधान योजना लागू नहीं किए जाने और पर्यावरणीय स्वच्छता प्रमाण पत्र लेने की बाध्यता समाप्त नहीं किए जाने के विरोध में जिले के ईंट भट्ठा संचालकों ने सोमवार को खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर प्रदर्शन कर धरना दिया। बाद मेें उनका शिष्टमंडल कलक्ट्रेट जाकर अधिकारियों से मिला और उन्हें ईंट निर्माता कल्याण समिति की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
ज्ञापन मेें कहा गया है कि ईंट भट्ठों पर वर्ष 1988 से 2016-17 तक वाणिज्य कर समाधान योजना प्रभावी रही। इस बीच, वर्ष 2008 में वैट प्रणाली लागू होने पर समाधान योजना रोक दिए जाने से सरकार को इस उद्योग से मिलने वाला राजस्व आधा रह गया था। इसलिए समाधान योजना दोबारा लागू की गई, लेकिन इस वर्ष जीएसटी प्रभावी होने पर समाधान योजना वापस ले ली गई।
समिति के अध्यक्ष राकेश कपूर ने कहा कि जीएसटी के तहत वर्ष में 37 रिटर्न दाखिल करना भट्ठा उद्योग के लिए व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित भट्ठा इकाइयों को बहुधा बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। समाधान योजना लागू करने के साथ पर्यावरण विभाग की एनओसी से छूट मिलने पर ईंट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और निर्माण कार्य में तेजी आएगी। धरना-प्रदर्शन में प्रमोद खन्ना, विजय कलानी, रामजी टंडन, जमील अहमद खां, मुकेश कपूर, आरिफ जमाल खां, सचिन कलानी, बलविंदर कुमार, विनोद कलानी आदि शामिल रहे।
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फोटो 10 में।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। जीएसटी कर प्रणाली में ईंट भट्ठों पर समाधान योजना लागू नहीं किए जाने और पर्यावरणीय स्वच्छता प्रमाण पत्र लेने की बाध्यता समाप्त नहीं किए जाने के विरोध में जिले के ईंट भट्ठा संचालकों ने सोमवार को खिरनीबाग के जीआईसी ग्राउंड पर प्रदर्शन कर धरना दिया। बाद मेें उनका शिष्टमंडल कलक्ट्रेट जाकर अधिकारियों से मिला और उन्हें ईंट निर्माता कल्याण समिति की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया।
ज्ञापन मेें कहा गया है कि ईंट भट्ठों पर वर्ष 1988 से 2016-17 तक वाणिज्य कर समाधान योजना प्रभावी रही। इस बीच, वर्ष 2008 में वैट प्रणाली लागू होने पर समाधान योजना रोक दिए जाने से सरकार को इस उद्योग से मिलने वाला राजस्व आधा रह गया था। इसलिए समाधान योजना दोबारा लागू की गई, लेकिन इस वर्ष जीएसटी प्रभावी होने पर समाधान योजना वापस ले ली गई।
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समिति के अध्यक्ष राकेश कपूर ने कहा कि जीएसटी के तहत वर्ष में 37 रिटर्न दाखिल करना भट्ठा उद्योग के लिए व्यवहारिक रूप से संभव नहीं है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित भट्ठा इकाइयों को बहुधा बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। समाधान योजना लागू करने के साथ पर्यावरण विभाग की एनओसी से छूट मिलने पर ईंट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और निर्माण कार्य में तेजी आएगी। धरना-प्रदर्शन में प्रमोद खन्ना, विजय कलानी, रामजी टंडन, जमील अहमद खां, मुकेश कपूर, आरिफ जमाल खां, सचिन कलानी, बलविंदर कुमार, विनोद कलानी आदि शामिल रहे।
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