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Shahjahanpur News: कागजों में मार दिए गए 20 बुजुर्ग होंगे जिंदा
Wed, 04 Dec 2024 01:10 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 04 Dec 2024 01:10 PM IST
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शाहजहांपुर। कागजों में मार दिए गए 20 बुजुर्गों को फिर से जिंदा करने की कवायद शुरू की गई है। बीडीओ व सचिवों की गलत रिपोर्ट के कारण वृद्धावस्था पेंशन के लिए भटक रहे इन बुजुर्गों की नई रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। वहीं, अब भी विभिन्न कारणों से लगभग 50 हजार पेंशनर भटक रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग की ओर से मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन को लेकर लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ब्लॉक स्तर पर कराए गए सत्यापन में बीडीओ ने सचिवों के माध्यम से संकलित रिपोर्ट भेज दी। इनमें 20 जीवित बुजुर्गों को मृत दर्शा दिया गया। बीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर समाज कल्याण विभाग की ओर से शासन को रिपोर्ट भेज दी गई।
इसके बाद पोर्टल से उनका नाम भी हटा दिया गया। इसके बाद उन्हें एक हजार रुपये मासिक पेंशन मिलनी बंद हो गई, जब पेंशन नहीं आई तो बुजुर्गों ने कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू किए। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इन बुजुर्गों का सत्यापन कराकर नई रिपोर्ट शासन को भेजी है।
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कर्मचारियों पर नहीं होती है कार्रवाई
कर्मचारियों की लापरवाही के कारण बुजुर्गों के परेशान होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कभी जीवित को मृत दर्शा दिया जाता है तो कभी कागजी कमी बता पेंशन धारक का हक मारा जाता है। जीवित को मृत दर्शाने में संबंधित कर्मचारी की साफ लापरवाही होती है, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं की जाती। कार्रवाई न होने से बेखौफ कर्मचारियों की लापरवाही का शिकार पेंशन धारक होते रहते हैं।
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फैक्ट फाइल
-102000 कुल पेंशनर्स हैं जिले में
-50 हजार से अधिक बुजुर्गों की नहीं आ रही पेंशन
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इन्हें दिखाया गया है मृत
-सियाराम निवासी हरनारायणपुर, माधुरी निवासी झपका दिलावरपुर, राजबहादुर निवासी समसीपुर, लटूरी निवासी सैजना, लौंग श्री निवासी खटुरिया, सरस्वती देवी निवासी ग्राम मितेपुर, विलकिशा, बाबूराम, फूल सिंह, मुन्नी देवी, गेंदनलाल, ईश्वर दयाल, गंगा कुमारी, रन्नो, हफीजा बेगम, रंपा, लौंगश्री, हेमा देवी, बालकराम, जागेश्वर।
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समाज कल्याण विभाग में बीडीओ और सचिवों की गलत रिपोर्ट की वजह से पेंशनर्स मृत दर्शा दिए गए हैं। इस मामले में जांच कराई जाएगी। शासन को बुजुर्गों के जीवित होने की रिपोर्ट भेज दी गई है।
- डॉ. अपराजिता सिंह, सीडीओ
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समाज कल्याण विभाग की ओर से मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन को लेकर लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ब्लॉक स्तर पर कराए गए सत्यापन में बीडीओ ने सचिवों के माध्यम से संकलित रिपोर्ट भेज दी। इनमें 20 जीवित बुजुर्गों को मृत दर्शा दिया गया। बीडीओ की रिपोर्ट के आधार पर समाज कल्याण विभाग की ओर से शासन को रिपोर्ट भेज दी गई।
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इसके बाद पोर्टल से उनका नाम भी हटा दिया गया। इसके बाद उन्हें एक हजार रुपये मासिक पेंशन मिलनी बंद हो गई, जब पेंशन नहीं आई तो बुजुर्गों ने कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू किए। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इन बुजुर्गों का सत्यापन कराकर नई रिपोर्ट शासन को भेजी है।
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कर्मचारियों पर नहीं होती है कार्रवाई
कर्मचारियों की लापरवाही के कारण बुजुर्गों के परेशान होने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कभी जीवित को मृत दर्शा दिया जाता है तो कभी कागजी कमी बता पेंशन धारक का हक मारा जाता है। जीवित को मृत दर्शाने में संबंधित कर्मचारी की साफ लापरवाही होती है, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं की जाती। कार्रवाई न होने से बेखौफ कर्मचारियों की लापरवाही का शिकार पेंशन धारक होते रहते हैं।
फैक्ट फाइल
-102000 कुल पेंशनर्स हैं जिले में
-50 हजार से अधिक बुजुर्गों की नहीं आ रही पेंशन
इन्हें दिखाया गया है मृत
-सियाराम निवासी हरनारायणपुर, माधुरी निवासी झपका दिलावरपुर, राजबहादुर निवासी समसीपुर, लटूरी निवासी सैजना, लौंग श्री निवासी खटुरिया, सरस्वती देवी निवासी ग्राम मितेपुर, विलकिशा, बाबूराम, फूल सिंह, मुन्नी देवी, गेंदनलाल, ईश्वर दयाल, गंगा कुमारी, रन्नो, हफीजा बेगम, रंपा, लौंगश्री, हेमा देवी, बालकराम, जागेश्वर।
समाज कल्याण विभाग में बीडीओ और सचिवों की गलत रिपोर्ट की वजह से पेंशनर्स मृत दर्शा दिए गए हैं। इस मामले में जांच कराई जाएगी। शासन को बुजुर्गों के जीवित होने की रिपोर्ट भेज दी गई है।
- डॉ. अपराजिता सिंह, सीडीओ