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20 दलित संगठन बैठे एक दिन के सत्याग्रह पर
रोजा।
Updated Sun, 10 Jan 2016 10:48 PM IST
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हथौड़ा गांव में चार दिन पहले अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर रविवार को दलित समाज से जुड़े 20 संगठनों के सदस्यों ने एक दिवसीय भूख हड़ताल की और जल्द ही कार्यवाही न होने पूरे प्रदेश में आंदोलन की धमकी है। बाद में पदाधिकारियों ने दो सूत्रीय मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह को सौंपा।
बता दें कि गत छह जनवरी की रात कुछ शरारती तत्वों ने हथौड़ा गांव में स्थापित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को पत्थर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया था। मूर्ति संस्थापक राम चरन लाल की ओर से अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाना रोजा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। चार दिन बीत जाने के बाद भी कार्यवाही न होने पर दलित समाज से जुड़े संगठनों में रविवार को उबाल आ गया। अनुसूचित जाति-जनजाति महासंघ के बैनर तले 20 संगठनों से जुड़े लोग हथौड़ा गांव स्थित क्षतिग्रस्त प्रतिमा के पास जुटे और सत्याग्रह शुरू किया। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति माध्यमिक शिक्षक महासभा, उ.प्र बेसिक शिक्षक कल्याण समिति, भारतीय बौद्ध महासभा, डॉ. अंबेडकर अधिवक्ता समिति, अंबेडकर मेमोरियल संस्थान, भारतीय कोरी समाज, कठेरिया समाज, गुरू रविदास सभा, प्रबुद्ध चेतना समिति, मूल निवासी विचार मंच, बाल्मीकि धर्म समाज, भारत मुक्ति मोर्चा, उप्र सफ ाई मजदूर संघ, अनुसूचित जाति-जनजाति विद्यार्थी परिषद आदि से जगदीश चंद्र, महेंद्र सिंह दिनकर, वेदपाल सुमन, बृजेश वर्मा, सियाराम धानिया, सत्यदेव गौतम आदि शामिल थे। संचालन सुरेश पाल सिंह ने किया।
महासंघ के संयोजक सियाराम दिनकर ने कहा कि संविधान निर्माता की प्रतिमा का अपमान किसी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोपहर करीब एक बजे सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह, सीओ सदर अनुराग दर्शन, रोजा के कार्यवाहक थाना प्रभारी ओपी गौतम धरनास्थल पर पहुंचे और सत्याग्रहियों से ज्ञापन लेकर दो दिन में आरोपियों का खुलासा कर दिए जाने का आश्वासन दिया।
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दलित समाज की मुख्य मांगें
- छह जनवरी को हथौड़ा गांव में बाबा साहब की मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
- सार्वजनिक महत्वपूर्ण स्थलों पर बाबा साहब और अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं को सीसीटीवी कैमरे से लैस कर निगरानी की जाए।
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बता दें कि गत छह जनवरी की रात कुछ शरारती तत्वों ने हथौड़ा गांव में स्थापित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को पत्थर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया था। मूर्ति संस्थापक राम चरन लाल की ओर से अज्ञात हमलावरों के खिलाफ थाना रोजा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। चार दिन बीत जाने के बाद भी कार्यवाही न होने पर दलित समाज से जुड़े संगठनों में रविवार को उबाल आ गया। अनुसूचित जाति-जनजाति महासंघ के बैनर तले 20 संगठनों से जुड़े लोग हथौड़ा गांव स्थित क्षतिग्रस्त प्रतिमा के पास जुटे और सत्याग्रह शुरू किया। इसमें अनुसूचित जाति-जनजाति माध्यमिक शिक्षक महासभा, उ.प्र बेसिक शिक्षक कल्याण समिति, भारतीय बौद्ध महासभा, डॉ. अंबेडकर अधिवक्ता समिति, अंबेडकर मेमोरियल संस्थान, भारतीय कोरी समाज, कठेरिया समाज, गुरू रविदास सभा, प्रबुद्ध चेतना समिति, मूल निवासी विचार मंच, बाल्मीकि धर्म समाज, भारत मुक्ति मोर्चा, उप्र सफ ाई मजदूर संघ, अनुसूचित जाति-जनजाति विद्यार्थी परिषद आदि से जगदीश चंद्र, महेंद्र सिंह दिनकर, वेदपाल सुमन, बृजेश वर्मा, सियाराम धानिया, सत्यदेव गौतम आदि शामिल थे। संचालन सुरेश पाल सिंह ने किया।
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महासंघ के संयोजक सियाराम दिनकर ने कहा कि संविधान निर्माता की प्रतिमा का अपमान किसी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोपहर करीब एक बजे सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह, सीओ सदर अनुराग दर्शन, रोजा के कार्यवाहक थाना प्रभारी ओपी गौतम धरनास्थल पर पहुंचे और सत्याग्रहियों से ज्ञापन लेकर दो दिन में आरोपियों का खुलासा कर दिए जाने का आश्वासन दिया।
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दलित समाज की मुख्य मांगें
- छह जनवरी को हथौड़ा गांव में बाबा साहब की मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
- सार्वजनिक महत्वपूर्ण स्थलों पर बाबा साहब और अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं को सीसीटीवी कैमरे से लैस कर निगरानी की जाए।