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घटना से आहत हूं...फिर भी बुरा लगा तो शब्द वापस लेता हूं
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‘घटना से आहत हूं...फिर भी बुरा लगा तो शब्द वापस लेता हूं’
शाहजहांपुर। भाजपा विधायक और डॉक्टर के बीच निगोही में मंगलवार को पेंशन शिविर के दौरान हुए विवाद को लेकर डॉक्टरों के सामूहिक इस्तीफा की चेतावनी के बाद विधायक को बैकफुट पर आना पड़ा। पूरे दिन चली तना-तनी के घटनाक्रम के बाद देर शाम को डीएम कैंप कार्यालय में चली समझौता वार्ता में विधायक बोले, घटना से मैं आहत हूं...फिर भी बुरा लगा तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। इसी के साथ डॉक्टरों और विधायक के बीच तल्खी खत्म हो गई।
बता दें कि निगोही में मंगलवार को विशेष पेंशन शिविर में दिव्यांग वोर्ड के सदस्य नेत्र रोग विशेषज्ञ आदित्य प्रकाश आर्या, वरिष्ठ आर्थो सर्जन डॉक्टर सरोज कुमार, नाक-कान गला विशेषज्ञ डॉक्टर पीएस मौर्य की ड्यूटी लगी थी। आरोप है कि इस दौरान तिलहर से भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा आ गए और डॉक्टर आदित्य प्रकाश आर्या के पास एक आंख वाले मरीज को लाकर 40 प्रतिशत या उससे अधिक का दिव्यांग प्रमाण पत्र देने का दबाव बनाने लगे। डॉ. आर्य ने शासनादेश का हवाला देते हुए ऐसा करने से मना कर दिया और कहा कि 30 प्रतिशत दिव्यांग प्रमाण पत्र मिल सकता है। आरोप है कि इतना भर कहने से विधायक ने डॉ. आर्या को अपमानित करते हुए अपशब्द कहे। इससे आहत होकर डॉ. आर्या ने सीएमओ को अपना त्यागपत्र मंगलवार को ही सौंप दिया था। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। जिला अस्पताल के सभी डॉक्टर पीड़ित डॉक्टर आर्या के पक्ष में आ गए और बुधवार सुबह जिला अस्पताल में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ और जिला चिकित्सालय संघर्ष समिति के बैनर तले डॉ. ओपी गौतम की अध्यक्षता में जिला अस्पताल सभागार में बैठक बुला ली गई। इसमें डॉक्टरों ने घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए सामूहिक निर्णय लेते हुए कहा कि यदि तीन दिन में विधायक रोशनलाल ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की और लिखित तौर पर यह आश्वासन नहीं दिया कि दोबारा चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार नहीं करेंगे, तो हम सभी चिकित्सक सामूहिक इस्तीफा देने को विवश होंगे। सामूहिक इस्तीफा दिए जाने की भनक लगते ही सीएमओ डॉक्टर आरपी रावत जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां डॉक्टरों ने अभद्रता से आहत और असुरक्षा का भाव जताते हुए उन्हें चेतावनी स्वरूप सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। इस पर सीएमओ ने डीएम अमृत त्रिपाठी को मामले से अवगत कराया तो वह भी जिला अस्पताल पहुंच गए और यहां डॉक्टरों को भरोसा दिलाया कि वह मामले की सीडीओ से जांच कराएंगे, जिसमें घटना के समय मौके की परिस्थितियों का आंकलन कर डॉक्टर के साथ पूरा न्याय होगा। देर शाम डीएम ने कैंप कार्यालय पर विधायक रोशनलाल वर्मा, पीड़ित डॉक्टर एपी आर्या, डॉ. वाईपी गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा आदि की मौजूदगी में समझौता करा दिया।
डीएम ने डॉक्टरों को दिलाई शपथ की याद
सामूहिक इस्तीफा दिए जाने की सूचना पर जिला अस्पताल पहुुंचे डीएम अमृत त्रिपाठी ने डॉक्टरों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि सबसे पहले हम लोग पब्लिक के लिए काम कर रहे हैं, हमे देखना है कि पब्लिक परेशान न हो, याद करों कि सर्विस के दौरान क्या शपथ ली थी।
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झगड़ा होने पर चुपचाप खड़ी रहती है चौकी पुलिस
डीएम की मौजूदगी में डॉक्टरों ने असुरक्षा की बात बताते हुए कहा कि जब भी कभी अस्पताल में मरीज या उनके तीमारदार झगड़ा या विवाद करते हैं तो उन्हें चौकी पुलिस से कोई सहयोग नहीं मिलता। यहीं कहना था जिला महिला अस्पताल में तैनात डॉक्टरों का भी। इस पर डीएम ने कहा कि वह सुरक्षा के तौर पर होमगार्ड व पीआरडी जवानों को तैनात करवा देंगे, ताकि सुरक्षा के माहौल में काम हो सके।
किसी की भावना को आहत पहुंचाना मकसद नहीं बल्कि गरीब जनता को अधिक से अधिक योजनाओं से लाभान्वित कराना था। डीएम के कैंप कार्यालय पर डॉक्टर के साथ वार्ता हो गई और कहे शब्द वापस लेने के बाद मतभेद समाप्त हो गए हैं।
रोशनलाल वर्मा, भाजपा विधायक तिलहर विधान सभा
विधायक और डॉक्टर आदित्य प्रकाश आर्या के बीच उपजे मतभेद दूर हो गए हैं। विधायक रोशन लाल ने कहा कि घटना से आहत हूं...फिर भी बुरा लगा तो शब्द वापस लेता हूं। इसके बाद दोनों में सामान्य रुप से वार्ता होती रही। फिलहाल अब कोई विवाद नहीं है।
अमृत त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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शाहजहांपुर। भाजपा विधायक और डॉक्टर के बीच निगोही में मंगलवार को पेंशन शिविर के दौरान हुए विवाद को लेकर डॉक्टरों के सामूहिक इस्तीफा की चेतावनी के बाद विधायक को बैकफुट पर आना पड़ा। पूरे दिन चली तना-तनी के घटनाक्रम के बाद देर शाम को डीएम कैंप कार्यालय में चली समझौता वार्ता में विधायक बोले, घटना से मैं आहत हूं...फिर भी बुरा लगा तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं। इसी के साथ डॉक्टरों और विधायक के बीच तल्खी खत्म हो गई।
बता दें कि निगोही में मंगलवार को विशेष पेंशन शिविर में दिव्यांग वोर्ड के सदस्य नेत्र रोग विशेषज्ञ आदित्य प्रकाश आर्या, वरिष्ठ आर्थो सर्जन डॉक्टर सरोज कुमार, नाक-कान गला विशेषज्ञ डॉक्टर पीएस मौर्य की ड्यूटी लगी थी। आरोप है कि इस दौरान तिलहर से भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा आ गए और डॉक्टर आदित्य प्रकाश आर्या के पास एक आंख वाले मरीज को लाकर 40 प्रतिशत या उससे अधिक का दिव्यांग प्रमाण पत्र देने का दबाव बनाने लगे। डॉ. आर्य ने शासनादेश का हवाला देते हुए ऐसा करने से मना कर दिया और कहा कि 30 प्रतिशत दिव्यांग प्रमाण पत्र मिल सकता है। आरोप है कि इतना भर कहने से विधायक ने डॉ. आर्या को अपमानित करते हुए अपशब्द कहे। इससे आहत होकर डॉ. आर्या ने सीएमओ को अपना त्यागपत्र मंगलवार को ही सौंप दिया था। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। जिला अस्पताल के सभी डॉक्टर पीड़ित डॉक्टर आर्या के पक्ष में आ गए और बुधवार सुबह जिला अस्पताल में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ और जिला चिकित्सालय संघर्ष समिति के बैनर तले डॉ. ओपी गौतम की अध्यक्षता में जिला अस्पताल सभागार में बैठक बुला ली गई। इसमें डॉक्टरों ने घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए सामूहिक निर्णय लेते हुए कहा कि यदि तीन दिन में विधायक रोशनलाल ने अपनी गलती स्वीकार नहीं की और लिखित तौर पर यह आश्वासन नहीं दिया कि दोबारा चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार नहीं करेंगे, तो हम सभी चिकित्सक सामूहिक इस्तीफा देने को विवश होंगे। सामूहिक इस्तीफा दिए जाने की भनक लगते ही सीएमओ डॉक्टर आरपी रावत जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां डॉक्टरों ने अभद्रता से आहत और असुरक्षा का भाव जताते हुए उन्हें चेतावनी स्वरूप सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। इस पर सीएमओ ने डीएम अमृत त्रिपाठी को मामले से अवगत कराया तो वह भी जिला अस्पताल पहुंच गए और यहां डॉक्टरों को भरोसा दिलाया कि वह मामले की सीडीओ से जांच कराएंगे, जिसमें घटना के समय मौके की परिस्थितियों का आंकलन कर डॉक्टर के साथ पूरा न्याय होगा। देर शाम डीएम ने कैंप कार्यालय पर विधायक रोशनलाल वर्मा, पीड़ित डॉक्टर एपी आर्या, डॉ. वाईपी गौतम, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा आदि की मौजूदगी में समझौता करा दिया।
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डीएम ने डॉक्टरों को दिलाई शपथ की याद
सामूहिक इस्तीफा दिए जाने की सूचना पर जिला अस्पताल पहुुंचे डीएम अमृत त्रिपाठी ने डॉक्टरों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि सबसे पहले हम लोग पब्लिक के लिए काम कर रहे हैं, हमे देखना है कि पब्लिक परेशान न हो, याद करों कि सर्विस के दौरान क्या शपथ ली थी।
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झगड़ा होने पर चुपचाप खड़ी रहती है चौकी पुलिस
डीएम की मौजूदगी में डॉक्टरों ने असुरक्षा की बात बताते हुए कहा कि जब भी कभी अस्पताल में मरीज या उनके तीमारदार झगड़ा या विवाद करते हैं तो उन्हें चौकी पुलिस से कोई सहयोग नहीं मिलता। यहीं कहना था जिला महिला अस्पताल में तैनात डॉक्टरों का भी। इस पर डीएम ने कहा कि वह सुरक्षा के तौर पर होमगार्ड व पीआरडी जवानों को तैनात करवा देंगे, ताकि सुरक्षा के माहौल में काम हो सके।
किसी की भावना को आहत पहुंचाना मकसद नहीं बल्कि गरीब जनता को अधिक से अधिक योजनाओं से लाभान्वित कराना था। डीएम के कैंप कार्यालय पर डॉक्टर के साथ वार्ता हो गई और कहे शब्द वापस लेने के बाद मतभेद समाप्त हो गए हैं।
रोशनलाल वर्मा, भाजपा विधायक तिलहर विधान सभा
विधायक और डॉक्टर आदित्य प्रकाश आर्या के बीच उपजे मतभेद दूर हो गए हैं। विधायक रोशन लाल ने कहा कि घटना से आहत हूं...फिर भी बुरा लगा तो शब्द वापस लेता हूं। इसके बाद दोनों में सामान्य रुप से वार्ता होती रही। फिलहाल अब कोई विवाद नहीं है।
अमृत त्रिपाठी, जिलाधिकारी