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कहीं दमा का मरीज न बना दे शाहजहांपुर का रोडवेज
Updated Mon, 12 Jun 2017 06:07 PM IST
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शाहजहांपुर। रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों की परेशानी को कोई देखने वाला नहीं है। यहां निर्धारित समय सीमा के अंदर बस स्टैंड का भवन निर्माण पूरा नहीं हो पाने के कारण स्टैंड परिसर में उड़ रही धूल यात्रियों को परेशान कर रही है, लेकिन विभाग की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और न ही पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि धूल न उड़े।
परिवहन निगम मूल किराए के साथ ही यात्रियों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए टिकट के साथ अन्य मदों का भी रुपया वसूल करता है, लेकिन यहां तो अंधेरनगरी चौपट राजा वाली कहावत नजर आ रही है। यात्रियों और बसों की भरमार के बीच उड़ती धूल से जहां यात्रियों के कपड़े गंदे हो रहे हैं, वहीं इससे उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ना स्वाभाविक है। सबसे ज्यादा दिक्कत उन यात्रियों को हो रही है जो रोजाना रोडवेज बस स्टैंड पहुंचकर बस से सफर तय करते हैं। रोजाना सफर करने वाले यात्रियों ने परिवहन विभाग के कर्मचारियों से कई बार कहा कि सुबह, दोपहर और शाम को मोटर चलाकर पानी का छिड़काव कर दिया जाए, तो इससे यात्रियों को धूल नहीं फांकनी पड़ेगी, लेकिन यात्रियों की इस दिक्कत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
30 हजार यात्रियों के लिए पीने का पानी तक नहीं
रोडवेज बसों से रोजाना लगभग तीस हजार यात्री सफर करते हैं, लेकिन इन यात्रियों को स्टैंड पर इस भीषण गर्मी में पानी पीने के लिए लाले पड़े हैं। 189 बसों का संचालन करने वाले बस स्टैंड परिसर में मात्र एक हैंडपंप लगा है, वह भी शौचालय के पास ऐसी जगह लगा है, जिस पर लोगों की नजर भी नहीं जा पाती। यात्रियों को गला तर करने के लिए बीस रुपये की बोतल खरीदनी पड़ रही है, या फिर एक-दो रुपये वाले पानी के पाउच से प्यास बुझानी होती है।
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यात्रियों के लिए पेयजल व्यवस्था को लेकर सुधार के प्रयास चल रहे हैं, चूंकि अभी भवन निर्माण चल रहा है, इसलिए व्यवस्थाएं दुरुस्त होने मेें थोड़ा समय लगेगा।
सुनील कुमार नागर, एआरएम
परिवहन निगम मूल किराए के साथ ही यात्रियों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए टिकट के साथ अन्य मदों का भी रुपया वसूल करता है, लेकिन यहां तो अंधेरनगरी चौपट राजा वाली कहावत नजर आ रही है। यात्रियों और बसों की भरमार के बीच उड़ती धूल से जहां यात्रियों के कपड़े गंदे हो रहे हैं, वहीं इससे उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ना स्वाभाविक है। सबसे ज्यादा दिक्कत उन यात्रियों को हो रही है जो रोजाना रोडवेज बस स्टैंड पहुंचकर बस से सफर तय करते हैं। रोजाना सफर करने वाले यात्रियों ने परिवहन विभाग के कर्मचारियों से कई बार कहा कि सुबह, दोपहर और शाम को मोटर चलाकर पानी का छिड़काव कर दिया जाए, तो इससे यात्रियों को धूल नहीं फांकनी पड़ेगी, लेकिन यात्रियों की इस दिक्कत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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30 हजार यात्रियों के लिए पीने का पानी तक नहीं
रोडवेज बसों से रोजाना लगभग तीस हजार यात्री सफर करते हैं, लेकिन इन यात्रियों को स्टैंड पर इस भीषण गर्मी में पानी पीने के लिए लाले पड़े हैं। 189 बसों का संचालन करने वाले बस स्टैंड परिसर में मात्र एक हैंडपंप लगा है, वह भी शौचालय के पास ऐसी जगह लगा है, जिस पर लोगों की नजर भी नहीं जा पाती। यात्रियों को गला तर करने के लिए बीस रुपये की बोतल खरीदनी पड़ रही है, या फिर एक-दो रुपये वाले पानी के पाउच से प्यास बुझानी होती है।
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यात्रियों के लिए पेयजल व्यवस्था को लेकर सुधार के प्रयास चल रहे हैं, चूंकि अभी भवन निर्माण चल रहा है, इसलिए व्यवस्थाएं दुरुस्त होने मेें थोड़ा समय लगेगा।
सुनील कुमार नागर, एआरएम