{"_id":"5b9bf9a0867a557ece01de90","slug":"181536948640-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांप से डरकर भागी तो तालाब में फिसलकर चली गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांप से डरकर भागी तो तालाब में फिसलकर चली गई जान
Updated Fri, 14 Sep 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
सांप से डरकर भागी तो तालाब में गिरकर चली गई जान
बंदरों से धान की फसल बचाने पिता के साथ खेत पर गई थी छात्रा
पड़ैंचा स्थित राजकीय कॉलेज में हाई स्कूल में पढ़ती थी लक्ष्मी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/कांट। होनी को भला कौन टाल सकता है। कहते हैं कि जिसकी मौत आ गई उसे किसी न किसी बहाने से जाना है। यह कहावत शुक्रवार को कांट के गांव जाजलपुर में उस वक्त चरितार्थ हुई, जब हाईस्कूल की छात्रा सांप से डरकर भागने के बाद फिसलकर तालाब में गिर गई। इससे उसकी मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
गांव जाजलपुर निवासी धर्मेंद्र उर्फ पप्पू की 16 वर्षीय बेटी लक्ष्मी पड़ैचा में स्थित राजकीय कॉलेज में कक्षा दस की छात्रा थी। वह शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे गांव से कुछ दूरी पर तालाब किनारे स्थित खेत पर धान की फसल बंदरों से बचाने के लिए गई थी। साथ में उसके पिता भी थे। लक्ष्मी तालाब के किनारे खेत की मेड़ से होकर बंदरों को भगा रही थी, तभी अचानक मेड़ पर सांप आ गया। जिसे देखकर उसकी चीख निकल गई। जिस दिशा में वह भागी, उसी दिशा में पीछे से सांप भी हो लिया। सांप से बचने के लिए तेजी से भागी तो उसका पैर फिसल गया और वह खेत किनारे गहरे तालाब में डूब गई। खेत के दूसरे छोर से जब तक पिता दौड़कर आए, तबतक बेटी तालाब में समा चुकी थी। उसने भाग कर गांव वालों की सूचना दी। गांव के गोताखोरों ने उसे जब तक बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पिता उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक दो बहन और एक भाई में सबसे बड़ी थीं। उसकी छोटी बहन शीतला आठ वर्ष और भाई हिमांशु पांच वर्ष है। घटना के बाद से मां जयदेवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
बंदरों से धान की फसल बचाने पिता के साथ खेत पर गई थी छात्रा
पड़ैंचा स्थित राजकीय कॉलेज में हाई स्कूल में पढ़ती थी लक्ष्मी
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर/कांट। होनी को भला कौन टाल सकता है। कहते हैं कि जिसकी मौत आ गई उसे किसी न किसी बहाने से जाना है। यह कहावत शुक्रवार को कांट के गांव जाजलपुर में उस वक्त चरितार्थ हुई, जब हाईस्कूल की छात्रा सांप से डरकर भागने के बाद फिसलकर तालाब में गिर गई। इससे उसकी मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
गांव जाजलपुर निवासी धर्मेंद्र उर्फ पप्पू की 16 वर्षीय बेटी लक्ष्मी पड़ैचा में स्थित राजकीय कॉलेज में कक्षा दस की छात्रा थी। वह शुक्रवार सुबह लगभग 11 बजे गांव से कुछ दूरी पर तालाब किनारे स्थित खेत पर धान की फसल बंदरों से बचाने के लिए गई थी। साथ में उसके पिता भी थे। लक्ष्मी तालाब के किनारे खेत की मेड़ से होकर बंदरों को भगा रही थी, तभी अचानक मेड़ पर सांप आ गया। जिसे देखकर उसकी चीख निकल गई। जिस दिशा में वह भागी, उसी दिशा में पीछे से सांप भी हो लिया। सांप से बचने के लिए तेजी से भागी तो उसका पैर फिसल गया और वह खेत किनारे गहरे तालाब में डूब गई। खेत के दूसरे छोर से जब तक पिता दौड़कर आए, तबतक बेटी तालाब में समा चुकी थी। उसने भाग कर गांव वालों की सूचना दी। गांव के गोताखोरों ने उसे जब तक बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पिता उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक दो बहन और एक भाई में सबसे बड़ी थीं। उसकी छोटी बहन शीतला आठ वर्ष और भाई हिमांशु पांच वर्ष है। घटना के बाद से मां जयदेवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन