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पांच सितंबर से बंद होगी बीएसएनएल की सीडीएमए सेवा
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:01 AM IST
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बीएसएनएल की सीडीएमए सेवा होगी बंद
0 जीएसएम से जुड़ेंगे मृतप्राय पड़े लगभग 300 कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। दूरसंचार की अत्याधुनिक फोर जी और फाइव जी तकनीक अस्तित्व में आने के बाद सरकारी सेक्टर की टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड के कोड डिवीजनल मल्टीपल एक्सेस (सीडीएमए) तकनीक पर आधारित टेलीफोन कनेक्शन आगामी पांच सितंबर से बंद हो जाएंगे। संबंधित उपभोक्ता अपने सीडीएमए कनेक्शन ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल (जीएसएम) तकनीक में परिवर्तित करा सकेंगे।
मोबाइल फोन सेवा अस्तित्व में आने से पहले दूरसंचार विभाग ने वायरलेस इन लोकल लूप (डब्ल्यूएलएल) सेवा का लाइसेंस लेकर एंटिना के सहारे चलने वाले बेतार टेलीफोन कनेक्शन जारी किए थे। उस जमाने में वायरलेस फोन पर बतियाने का ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा क्रेज था। इसलिए निजी क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस इंडिया मोबाइल (रिम) ने भी सीडीएमए का लाइसेंस लेकर बगैर सिम वाले तमाम कनेक्शन जारी किए थे। दूरसंचार की टू जी सेवा प्रभावी होने पर रिम बहुत पहले सीडीएमए फोन नेटवर्क बंद कर चुकी है।
थ्री जी सेवा प्रभावी होने पर बीएसएनएल के तमाम सीडीएमए ग्राहकों ने अपने कनेक्शन कटवाकर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने शुरू कर दिए, लेकिन अभी तक विभाग के रिकार्ड में लगभग 250-300 सीडीएमए कनेक्शन प्रभावी हैं। जिला प्रबंधक दूरसंचार सौरभ मिश्रा ने बताया कि सीडीएमए कनेक्शन अब चालू हालत में नहीं हैं, लेकिन विभाग के रिकार्ड में उनका अस्तित्व बना हुआ है। टीडीएम मिश्रा के अनुसार बीएसएनएल प्रबंधन सीडीएमए फ्रीक्वेंसी का लाइसेंस सरकार को वापस लौटा रहा है। इसलिए संबंधित उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे जीएसएम कनेक्शन लेकर विभागीय दूरसंचार सेवा का लाभ ले सकते हैं।
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0 जीएसएम से जुड़ेंगे मृतप्राय पड़े लगभग 300 कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। दूरसंचार की अत्याधुनिक फोर जी और फाइव जी तकनीक अस्तित्व में आने के बाद सरकारी सेक्टर की टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड के कोड डिवीजनल मल्टीपल एक्सेस (सीडीएमए) तकनीक पर आधारित टेलीफोन कनेक्शन आगामी पांच सितंबर से बंद हो जाएंगे। संबंधित उपभोक्ता अपने सीडीएमए कनेक्शन ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल (जीएसएम) तकनीक में परिवर्तित करा सकेंगे।
मोबाइल फोन सेवा अस्तित्व में आने से पहले दूरसंचार विभाग ने वायरलेस इन लोकल लूप (डब्ल्यूएलएल) सेवा का लाइसेंस लेकर एंटिना के सहारे चलने वाले बेतार टेलीफोन कनेक्शन जारी किए थे। उस जमाने में वायरलेस फोन पर बतियाने का ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा क्रेज था। इसलिए निजी क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस इंडिया मोबाइल (रिम) ने भी सीडीएमए का लाइसेंस लेकर बगैर सिम वाले तमाम कनेक्शन जारी किए थे। दूरसंचार की टू जी सेवा प्रभावी होने पर रिम बहुत पहले सीडीएमए फोन नेटवर्क बंद कर चुकी है।
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थ्री जी सेवा प्रभावी होने पर बीएसएनएल के तमाम सीडीएमए ग्राहकों ने अपने कनेक्शन कटवाकर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने शुरू कर दिए, लेकिन अभी तक विभाग के रिकार्ड में लगभग 250-300 सीडीएमए कनेक्शन प्रभावी हैं। जिला प्रबंधक दूरसंचार सौरभ मिश्रा ने बताया कि सीडीएमए कनेक्शन अब चालू हालत में नहीं हैं, लेकिन विभाग के रिकार्ड में उनका अस्तित्व बना हुआ है। टीडीएम मिश्रा के अनुसार बीएसएनएल प्रबंधन सीडीएमए फ्रीक्वेंसी का लाइसेंस सरकार को वापस लौटा रहा है। इसलिए संबंधित उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे जीएसएम कनेक्शन लेकर विभागीय दूरसंचार सेवा का लाभ ले सकते हैं।
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