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सिंचाई कर लौट रहे किसान की रामगंगा में डूबकर मौत
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:00 AM IST
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मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। बुधवार देर शाम घने कोहरे में रास्ता भटके एक किसान की रामगंगा पार करते समय उसमें डूबकर मौत हो गई। बृहस्पतिवार को गोताखोरों ने उनका शव नदी से निकाला। किसान के नदी में डूबने की सूचना परिजनों ने पुलिस को दे दी है।
जरीनपुर ग्राम पंचायत के मजारा टेढा निवासी सीताराम ने बताया कि उसका छोटा भाई 45 वर्षीय रुकुम सिंह बुधवार को दोपहर रामगंगा के पार खेत में गेहूं की फसल की सिंचाई करने गया था। शाम तक वापस नहीं लौटा। रात में ही उसकी तलाश की गई। तब रामगंगा के पार फसलों की रखवाली कर रहे गांव के लोगों ने बताया कि रुकुम तो देर शाम घर चले गए थे। इस पर परिजनों ने खोजबीन की तो रामगंगा किनारे रुकुम सिंह की चप्पल और साथ ले जाई गई डीजल की पिपिया नदी में तैरती दिखी। अनुमान है कि बुधवार को घने कोहरे में रुकुम रामगंगा को पैदल पार करने वाली जगह भूल गये और नदी में जहां अथाह पानी था, वहीं नदी को पार करने के लिए उतर गये। मृतक के भाई ने बताया कि रुकुम तैर नहीं पाते थे। गहरे पानी में चले जाने से वह नदी में डूब गये। सुबह रुकुम के नदी में डूबने की सूचना थाना पुलिस को देने के साथ ही गोताखोर बुलाए गए। गोताखोरों ने तीन घंटे के अथक परिश्रम के बाद ग्राम पहरूआ के निकट नदी से रुकुम के शव को बाहर निकाला। शव मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। शव मिलने की सूचना पर थाना इंचार्ज आलोक मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
रूकुम की नहीं हुई थी शादी
मिर्जापुर। नदी में डूबे रुकुम सिंह तीन भाइयों सीताराम व मेवाराम से छोटे थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। वह अपने भाइयों के साथ रहकर खेतीबाड़ी करते थे। चाचा के अचानक नदी में डूबने से उनकी भतीजी और दोनों भाभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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जरीनपुर ग्राम पंचायत के मजारा टेढा निवासी सीताराम ने बताया कि उसका छोटा भाई 45 वर्षीय रुकुम सिंह बुधवार को दोपहर रामगंगा के पार खेत में गेहूं की फसल की सिंचाई करने गया था। शाम तक वापस नहीं लौटा। रात में ही उसकी तलाश की गई। तब रामगंगा के पार फसलों की रखवाली कर रहे गांव के लोगों ने बताया कि रुकुम तो देर शाम घर चले गए थे। इस पर परिजनों ने खोजबीन की तो रामगंगा किनारे रुकुम सिंह की चप्पल और साथ ले जाई गई डीजल की पिपिया नदी में तैरती दिखी। अनुमान है कि बुधवार को घने कोहरे में रुकुम रामगंगा को पैदल पार करने वाली जगह भूल गये और नदी में जहां अथाह पानी था, वहीं नदी को पार करने के लिए उतर गये। मृतक के भाई ने बताया कि रुकुम तैर नहीं पाते थे। गहरे पानी में चले जाने से वह नदी में डूब गये। सुबह रुकुम के नदी में डूबने की सूचना थाना पुलिस को देने के साथ ही गोताखोर बुलाए गए। गोताखोरों ने तीन घंटे के अथक परिश्रम के बाद ग्राम पहरूआ के निकट नदी से रुकुम के शव को बाहर निकाला। शव मिलते ही मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। शव मिलने की सूचना पर थाना इंचार्ज आलोक मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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रूकुम की नहीं हुई थी शादी
मिर्जापुर। नदी में डूबे रुकुम सिंह तीन भाइयों सीताराम व मेवाराम से छोटे थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। वह अपने भाइयों के साथ रहकर खेतीबाड़ी करते थे। चाचा के अचानक नदी में डूबने से उनकी भतीजी और दोनों भाभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
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