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जेबें खाली कर देगा बैंकों में चार दिन का अवकाश
Updated Wed, 09 Aug 2017 07:03 PM IST
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शाहजहांपुर। बैंकों में शनिवार से मंगलवार तक लगातार चार दिन छुट्टियां रहने पर निजी खर्चे पूरे करने के लिए जन सामान्य को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है। द्वितीय शनिवार के बाद रविवार, अगले दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और मंगलवार को स्वतंत्रता दिवस के अवकाश के चलते बैंकों के कैश काउंटर बंद रहने पर एटीएम के भी खाली होने की आशंका है।
जिले में राष्ट्रीयकृत और निजी क्षेत्र की 31 बैंकों की 258 शाखाएं बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं। इनमें से सर्वाधिक 68 शाखाएं अग्रणी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा की हैं। बैंकों के कैश काउंटरोें पर भीड़ रोकने के लिए विभिन्न बैंकों की लगभग 300 आटो टेलर मशीनें (एटीएम) भी विभिन्न स्थानों पर लगाई गई हैं। बैंक शाखाओं के अनुरूप बॉब के एटीएम भी सर्वाधिक हैं, लेकिन लीड बैंक के अधिकांश एटीएम गत वर्ष नवंबर में लागू हुई नोटबंदी के बाद से दिखावटी साबित हो रहे हैं।
नोटबंदी के दौरान एसबीआई समेत निजी क्षेत्र की एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक प्रबंधकों ने अपने एटीएम की कैसेट्स दो हजार और पांच सौ के नए नोट फीड करने के लिए अपडेट करा लीं, लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा के अफसर इस काम के लिए मुख्यालय से टेक्निकल टीम के आने का इंतजार करते रहे। बैंक शाखाओं में नोट बदलने और कैश निकालने वालों की लंबी कतारें लगने के दौर में केवल एसबीआई और निजी र्बैंकों के एटीएम काम आ सके।
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त्यौहार और राष्ट्रीय पर्व के दौरान बैंकों में चार दिनी अवकाश के चलते एटीएम में कैश का संकट पैदा होने की आशंका इसलिए भी गहरा गई है कि अभी तक बॉब के सारे एटीएम चालू नहीं हो पाए हैं। बैंकों की छुट्टियां होने पर खाली हुए एटीएम में नोट भरने की कोई कारगर व्यवस्था नहीं की जाती। इसीलिए बैंक खातों से कैश निकालने के लिए खातेदारों की भीड़ जुटने लगी है।
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डिजिटल बैंकिंग का दौर शुरू हो जाने से ऑनलाइन ट्रांजक्शन ने लोगों की कैश की जरूरतें सीमित कर दी हैं। जिले मेें रोजाना औसतन पांच-छह लाख रुपये कैश की मांग है। नगदी की मांग कम होने से नोट भरने के बाद एटीएम चार-पांच दिन में खाली हो पाते हैं। एटीएम में कैश भरने का काम शुक्रवार शाम तक पूरा कर लिया जाएगा। इसलिए नगदी को लेकर जन सामान्य को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
-चंद्रशेखर जोशी, अग्रणी बैंक प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा
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जिले में राष्ट्रीयकृत और निजी क्षेत्र की 31 बैंकों की 258 शाखाएं बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं। इनमें से सर्वाधिक 68 शाखाएं अग्रणी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा की हैं। बैंकों के कैश काउंटरोें पर भीड़ रोकने के लिए विभिन्न बैंकों की लगभग 300 आटो टेलर मशीनें (एटीएम) भी विभिन्न स्थानों पर लगाई गई हैं। बैंक शाखाओं के अनुरूप बॉब के एटीएम भी सर्वाधिक हैं, लेकिन लीड बैंक के अधिकांश एटीएम गत वर्ष नवंबर में लागू हुई नोटबंदी के बाद से दिखावटी साबित हो रहे हैं।
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नोटबंदी के दौरान एसबीआई समेत निजी क्षेत्र की एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक प्रबंधकों ने अपने एटीएम की कैसेट्स दो हजार और पांच सौ के नए नोट फीड करने के लिए अपडेट करा लीं, लेकिन बैंक ऑफ बड़ौदा के अफसर इस काम के लिए मुख्यालय से टेक्निकल टीम के आने का इंतजार करते रहे। बैंक शाखाओं में नोट बदलने और कैश निकालने वालों की लंबी कतारें लगने के दौर में केवल एसबीआई और निजी र्बैंकों के एटीएम काम आ सके।
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त्यौहार और राष्ट्रीय पर्व के दौरान बैंकों में चार दिनी अवकाश के चलते एटीएम में कैश का संकट पैदा होने की आशंका इसलिए भी गहरा गई है कि अभी तक बॉब के सारे एटीएम चालू नहीं हो पाए हैं। बैंकों की छुट्टियां होने पर खाली हुए एटीएम में नोट भरने की कोई कारगर व्यवस्था नहीं की जाती। इसीलिए बैंक खातों से कैश निकालने के लिए खातेदारों की भीड़ जुटने लगी है।
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डिजिटल बैंकिंग का दौर शुरू हो जाने से ऑनलाइन ट्रांजक्शन ने लोगों की कैश की जरूरतें सीमित कर दी हैं। जिले मेें रोजाना औसतन पांच-छह लाख रुपये कैश की मांग है। नगदी की मांग कम होने से नोट भरने के बाद एटीएम चार-पांच दिन में खाली हो पाते हैं। एटीएम में कैश भरने का काम शुक्रवार शाम तक पूरा कर लिया जाएगा। इसलिए नगदी को लेकर जन सामान्य को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
-चंद्रशेखर जोशी, अग्रणी बैंक प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा