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राजनीतिक पोस्ट को लाइक करना भी माना जाएगा चुनाव प्रचार
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शाहजहांपुर। लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजने के साथ प्रशासन चुनाव आचार संहिता का पालन कराने की कवायद में जुट गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम अमृत त्रिपाठी ने इसके लिए 72 घंटे की टाइम लाइन दी है। उनके निर्देश पर अधिकारियों ने सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे राजनीतिक बैनर पोस्टर सूचीबद्ध करने और उन्हें हटाने का अभियान छेड़ रखा है। प्रचार मेें प्लास्टिक के झंडों का इस्तेमाल करने पर संबंधित दल अथवा प्रत्याशी से प्रति झंडा 25000 रुपये जुर्माना वसूल किया जाएगा। डीएम ने आचार संहिता के अनुपालन को नियुक्त किए गए विभिन्न विभागों के अधिकारियों से सोमवार को कार्यवाही आख्या तलब की है।
आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही रविवार रात से सभी अधिकारी शहर भ्रमण कर सड़कों के किनारे लगे विभिन्न पार्टियों के बैनर-होर्डिंग उतरवाने में जुट गए। डीएम ने कई स्थानों पर अपने सामने प्रचार सामग्री उतरवाई, जिसे नगर निगम के कर्मचारियों ने जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया। प्रचार सामग्री हटाने का यह अभियान सोमवार को दिन भर जारी रहा और इस दौरान बरेली मोड़ से लेकर रोडवेज स्टेशन, पुवायां रोड पर रामनगर तिराहा तक और निगोही रोड पर शहबाजनगर मोड़ तक लगे कई पार्टियों के फ्लैक्सी बैनर हटाए गए।
आचार संहिता के अनुपालन के साथ ही निर्वाचन संबंधी बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। डीएम ने सबसे पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आचार संहिता के प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पार्टी अथवा प्रत्याशियों के प्रचार के लिए सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म उपयोग किए जाने पर चुनाव व्यय उनके खाते में जोड़ा जाएगा। डीएम ने कहा कि इस बारे में पार्टी पदाधिकारी अपने समर्थकों को सचेत कर दें क्योंकि किसी भी राजनीतिक पोस्ट को लाइक करने का बटन दबाने पर इसे भी प्रचार अभियान का हिस्सा माना जाएगा।
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जुलूस और प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य
डीएम ने कहा कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए लागू की गई निषेधाज्ञा का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इसलिए किसी भी राजनीतिक दल, अभ्यर्थी, उसके निर्वाचन अभिकर्ता अथवा किसी कार्यकर्ता द्वारा जनसभा समेत जुलूस एवं प्रदर्शन के लिए सिटी मजिस्ट्रेट सहित संबंधित एसडीएम और सहायक निर्वाचन अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। अन्यथा इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को सचेत किया कि उनके निर्वाचन अभिकर्ता अथवा किसी कार्यकर्ता द्वारा प्लास्टिक की प्रचार सामग्री का उपयोग करते पाए जाने पर भारी जुर्माना के तौर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एसपी डॉ. शिवा सिम्मी चन्नप्पा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह, नगर आयुक्त विद्या शंकर सिंह, एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी, अपर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दिनेश चंद्र शर्मा, सहायक नगर आयुक्त एसके सिंह, विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता आदि अधिकारी मौजूद रहे।
सोशल मीडिया की निगरानी करेंगे सूचना विज्ञान अधिकारी
डीएम त्रिपाठी ने सोशल मीडिया के प्लेटफार्म फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप और न्यूज पोर्टल पर होने वाली पार्टी प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की गतिविधियों की निगरानी का दायित्व जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जॉय शुक्ला को दिया है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के फोटो अथवा अन्य सामग्री ट्विटर एकाउंट पर डाले जाने की दशा में संबंधितों पर विधिक कार्रवाई होगी। इसी तरह बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति शाक्य को पत्रकारों की मॉनीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही रविवार रात से सभी अधिकारी शहर भ्रमण कर सड़कों के किनारे लगे विभिन्न पार्टियों के बैनर-होर्डिंग उतरवाने में जुट गए। डीएम ने कई स्थानों पर अपने सामने प्रचार सामग्री उतरवाई, जिसे नगर निगम के कर्मचारियों ने जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया। प्रचार सामग्री हटाने का यह अभियान सोमवार को दिन भर जारी रहा और इस दौरान बरेली मोड़ से लेकर रोडवेज स्टेशन, पुवायां रोड पर रामनगर तिराहा तक और निगोही रोड पर शहबाजनगर मोड़ तक लगे कई पार्टियों के फ्लैक्सी बैनर हटाए गए।
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आचार संहिता के अनुपालन के साथ ही निर्वाचन संबंधी बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। डीएम ने सबसे पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आचार संहिता के प्रावधानों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पार्टी अथवा प्रत्याशियों के प्रचार के लिए सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म उपयोग किए जाने पर चुनाव व्यय उनके खाते में जोड़ा जाएगा। डीएम ने कहा कि इस बारे में पार्टी पदाधिकारी अपने समर्थकों को सचेत कर दें क्योंकि किसी भी राजनीतिक पोस्ट को लाइक करने का बटन दबाने पर इसे भी प्रचार अभियान का हिस्सा माना जाएगा।
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जुलूस और प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य
डीएम ने कहा कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए लागू की गई निषेधाज्ञा का कड़ाई से पालन किया जाएगा। इसलिए किसी भी राजनीतिक दल, अभ्यर्थी, उसके निर्वाचन अभिकर्ता अथवा किसी कार्यकर्ता द्वारा जनसभा समेत जुलूस एवं प्रदर्शन के लिए सिटी मजिस्ट्रेट सहित संबंधित एसडीएम और सहायक निर्वाचन अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। अन्यथा इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को सचेत किया कि उनके निर्वाचन अभिकर्ता अथवा किसी कार्यकर्ता द्वारा प्लास्टिक की प्रचार सामग्री का उपयोग करते पाए जाने पर भारी जुर्माना के तौर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एसपी डॉ. शिवा सिम्मी चन्नप्पा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह, नगर आयुक्त विद्या शंकर सिंह, एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी, अपर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दिनेश चंद्र शर्मा, सहायक नगर आयुक्त एसके सिंह, विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता आदि अधिकारी मौजूद रहे।
सोशल मीडिया की निगरानी करेंगे सूचना विज्ञान अधिकारी
डीएम त्रिपाठी ने सोशल मीडिया के प्लेटफार्म फेसबुक, ट्विटर, वाट्सएप और न्यूज पोर्टल पर होने वाली पार्टी प्रत्याशियों और उनके प्रतिनिधियों की गतिविधियों की निगरानी का दायित्व जिला सूचना विज्ञान अधिकारी जॉय शुक्ला को दिया है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के फोटो अथवा अन्य सामग्री ट्विटर एकाउंट पर डाले जाने की दशा में संबंधितों पर विधिक कार्रवाई होगी। इसी तरह बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति शाक्य को पत्रकारों की मॉनीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।