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पिता का संपति में बेटी का भी बराबर का हक
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पिता की संपत्ति में बेटी का भी बराबर का हक
पुवायां (शाहजहांपुर)। अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत मंगलवार को कैंब्रिज कॉन्वेंट स्कूल में कार्यशाला का आयोजन कर छात्राओं को राजस्व, सिविल और सीआरपीसी धाराओं की जानकारी दी गई।
संचालक अखिलेश कुमार ने सबसे पहले अपराजिता कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद अधिवक्ता रीता रानी गुप्ता ने छात्राओं को महिला सुरक्षा के तमाम कानूनों के बारे में बताते हुए कहा कि घरेलू हिंसा पर महिलाओं को तमाम सुरक्षा हासिल है। इसके अलावा पति के छोड़ देने पर गुजारा भत्ता देने आदि का भी प्रावधान भी है। उन्होंने कहा कि छात्राएं किसी भी तरह के उत्पीड़न पर चुप न रहें और उसका मुंहतोड़ जवाब दें। पूर्व शासकीय अधिवक्ता अरविंद मिश्रा ने बताया कि पिता की संपत्ति में बेटियों का बराबर का हक है। इसके लिए वर्ष 2008 में कानून बनाया जा चुका है। इसके अलावा पति के न रहने पर महिला ससुर की संपत्ति में भी हिस्सेदार है।
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सिविल बार संघ के पूर्व महामंत्री ओमपाल सिंह यादव ने बताया कि महिला सुरक्षा के लिए वूमैन पावर लाइन, 1090, 181 जैसी सुविधाएं हैं और यूपी-100 पुलिस किसी भी सूचना पर कुछ ही देर में पहुंच जाती है। स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. एएन शर्मा ने कहा कि छात्राएं अपने घर काम करने वाली महिलाओं, पड़ोस की महिलाओं को भी इन कानूनों के बारे में जानकारी देकर जागरूक करें। स्कूल डॉयरेक्टर डॉ. रचित अग्रवाल, विनायक अग्रवाल ने अमर उजाला के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लगातार होते रहना चाहिए, जिससे नारी शक्ति जागरूक हो सके।
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