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प्रयोगशाला से खेत तक पहुंचाएं तकनीक: डीएम
Updated Thu, 02 Aug 2018 11:20 PM IST
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प्रयोगशाला से खेत तक पहुंचाएं तकनीक: डीएम
गन्ना शोघ परिषद में राष्ट्रीय स्तरीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
बिहार, छत्तीसगढ़, यूपी समेत कई राज्यों के किसान पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। गन्ना शोध परिषद में गुरूवार से राष्ट्रीय स्तरीय किसान प्रशिक्षण का शुभारंभ हो गया। पांच अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड समेत कई राज्यों के किसान प्रतिभाग करने पहुंचे हैं। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ डीएम अमृत त्रिपाठी, एसपी डॉ. एस चन्नप्पा और परिषद के निदेशक डॉ. जे सिंह ने किया। निदेशक ने बताया कि शिविर में किसानों को तकनीकी खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि किसानों की उपज बढ़ने के साथ उनकी आमदनी में इजाफा हो सके। डीएम अमृत त्रिपाठी ने कहा कि कृषि तकनीक को प्रयोगशाला से खेत तक ले जाने की जरूरत है।
प्रशिक्षण के पहले दिन डीएम अमृत त्रिपाठी ने 'गन्ना एवं चीनी उत्पादन में सार्थक वृद्वि हेतु तकनीकी प्रषिक्षण’ पुस्तक का विमोचन भी किया। पुस्तक का संपादन निदेशक डॉ. जे सिंह के निर्देशन में एसके पाठक, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अजय सिंह ने किया है। निदेशक ने परिषद के संक्षिप्त इतिहास के बारे में बताते हुए यहां चल रहे शोध कार्यों और प्राथमिकताओं के बारे में बताया। डीएम अमृत त्रिपाठी ने कहा कि शिविर में कई राज्यों समेत नेपाल के किसान प्रशिक्षण लेने आए हैं। यह शाहजहांपुर के लिए गर्व की बात है। प्रशिक्षण सार्थक तभी होगा जब किसान वैज्ञानिकों से मिली जानकारी को पूरी एकाग्रता से आत्मसात करें और इसे खेत तक ले जाने के साथ अन्य किसानों को भी लाभांवित करें। गन्ना शोध परिषद देश भर में गन्ना की उन्नतशील प्रजातियां देने के लिए विख्यात है।
एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने कहा कि अंधाधुंध रसायनों के इस्तेमाल से भूमि की उर्वरक क्षमता प्रभावित हो रही है। उन्होंने जैविक उर्वरकों के इस्तेमाल पर जोर दिया। अपर निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने भी विचार रखे। इस मौके पर डॉ. अतुल सिंह, डॉ. संभाष चंद्र सिंह, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अजय तिवारी, डॉ. सुजीत प्रताप,वीसी जादौन, राजेंद्र मिश्र आदि रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रचार अधिकारी संजीव पाठक ने किया।
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प्रयोगशाला से खेत तक पहुंचाएं तकनीक: डीएम
गन्ना शोघ परिषद में राष्ट्रीय स्तरीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
बिहार, छत्तीसगढ़, यूपी समेत कई राज्यों के किसान पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। गन्ना शोध परिषद में गुरूवार से राष्ट्रीय स्तरीय किसान प्रशिक्षण का शुभारंभ हो गया। पांच अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, झारखंड समेत कई राज्यों के किसान प्रतिभाग करने पहुंचे हैं। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ डीएम अमृत त्रिपाठी, एसपी डॉ. एस चन्नप्पा और परिषद के निदेशक डॉ. जे सिंह ने किया। निदेशक ने बताया कि शिविर में किसानों को तकनीकी खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि किसानों की उपज बढ़ने के साथ उनकी आमदनी में इजाफा हो सके। डीएम अमृत त्रिपाठी ने कहा कि कृषि तकनीक को प्रयोगशाला से खेत तक ले जाने की जरूरत है।
प्रशिक्षण के पहले दिन डीएम अमृत त्रिपाठी ने 'गन्ना एवं चीनी उत्पादन में सार्थक वृद्वि हेतु तकनीकी प्रषिक्षण’ पुस्तक का विमोचन भी किया। पुस्तक का संपादन निदेशक डॉ. जे सिंह के निर्देशन में एसके पाठक, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. अजय सिंह ने किया है। निदेशक ने परिषद के संक्षिप्त इतिहास के बारे में बताते हुए यहां चल रहे शोध कार्यों और प्राथमिकताओं के बारे में बताया। डीएम अमृत त्रिपाठी ने कहा कि शिविर में कई राज्यों समेत नेपाल के किसान प्रशिक्षण लेने आए हैं। यह शाहजहांपुर के लिए गर्व की बात है। प्रशिक्षण सार्थक तभी होगा जब किसान वैज्ञानिकों से मिली जानकारी को पूरी एकाग्रता से आत्मसात करें और इसे खेत तक ले जाने के साथ अन्य किसानों को भी लाभांवित करें। गन्ना शोध परिषद देश भर में गन्ना की उन्नतशील प्रजातियां देने के लिए विख्यात है।
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एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने कहा कि अंधाधुंध रसायनों के इस्तेमाल से भूमि की उर्वरक क्षमता प्रभावित हो रही है। उन्होंने जैविक उर्वरकों के इस्तेमाल पर जोर दिया। अपर निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने भी विचार रखे। इस मौके पर डॉ. अतुल सिंह, डॉ. संभाष चंद्र सिंह, डॉ. अनिल सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अजय तिवारी, डॉ. सुजीत प्रताप,वीसी जादौन, राजेंद्र मिश्र आदि रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रचार अधिकारी संजीव पाठक ने किया।
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