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कस्तूरबा छात्रावास और किशोर गृह पर अफसरों का छापा
Updated Wed, 08 Aug 2018 12:14 AM IST
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कस्तूरबा छात्रावास और किशोर गृह पर अफसरों का छापा
बालिकाओं की कराई काउंसलिंग, किया गया स्वास्थ्य परीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मुजफ्फरपुर और देवरिया के बालिका गृहों में दुष्कर्म की शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन के स्तर से बालिकाओं के रहने के ठिकानों पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच का अभियान मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रखा गया। डीएम अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर एसडीएम सदर रामजी मिश्रा ने पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर बलदेव सिंह खनेड़ा के साथ भावल खेड़ा ब्लॉक के गांव बेहटी जाकर वहां के कस्तूरबा स्कूल के छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया और बालिकाओं की काउंसलिंग कराई। बाद मेें अधिकारियों ने राजकीय किशोर गृह पर छापा मारा और वहां के वार्डन को संवासी बच्चों के पतों का सत्यापन कराकर उन्हें उनके घर भिजवाने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने कस्तूरबा छात्रावास की जांच करने पर पाया कि वहां 100 बालिकाएं रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने भांवलखेड़ा पीएचसी की डॉ. जीवन ज्योति और बाल विकास विभाग की सीडीपीओ कमलेश को भी वहीं बुलवा लिया और उनसे बालिकाओं की काउंसलिंग कराकर उनसे यह जानने का प्रयास किया कि छात्रावास में कभी किसी स्तर से अनधिकृत प्रवेश की चेष्टा तो नहीं की गई। डॉ. जीवन ज्योति ने बालिकाओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। सीडीपीओ ने बालिकाओं के खान पान की जांच की।
हालांकि, छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था ठीक पाई गई। इसके बावजूद सीओ खनेड़ा ने थाना सेहरामऊ दक्षिणी के प्रभारी निरीक्षक को रात में डायल 100 की एक गाड़ी छात्रावास के पास खड़ी कराने के निर्देश दिए। सुरक्षा के लिहाज से हास्टल वार्डन को एसडीएम ने सीसीटीवी कैमरे भी लगवाने के निर्देश दिए। बाद में अधिकारियों की टीम नेे नवादा इंदेपुर जाकर वहां के राजकीय किशोर गृह पर छापा मारा। एसडीएम ने बताया कि वहां 22 बच्चे पंजीकृत पाए गए और सभी मौके पर मौजूद मिले। इनमें कई बच्चे अनाथ हैं। वहां के अधीक्षक से कहा गया कि जिन बच्चों के घरों के बारे में जानकारी मिल गई है, उनके पतों की पुष्टि कराकर संबंधित बच्चों को उनके घर भिजवाने की व्यवस्था कराएं।
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बालिकाओं की कराई काउंसलिंग, किया गया स्वास्थ्य परीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। मुजफ्फरपुर और देवरिया के बालिका गृहों में दुष्कर्म की शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन के स्तर से बालिकाओं के रहने के ठिकानों पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच का अभियान मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रखा गया। डीएम अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर एसडीएम सदर रामजी मिश्रा ने पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर बलदेव सिंह खनेड़ा के साथ भावल खेड़ा ब्लॉक के गांव बेहटी जाकर वहां के कस्तूरबा स्कूल के छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया और बालिकाओं की काउंसलिंग कराई। बाद मेें अधिकारियों ने राजकीय किशोर गृह पर छापा मारा और वहां के वार्डन को संवासी बच्चों के पतों का सत्यापन कराकर उन्हें उनके घर भिजवाने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
एसडीएम ने कस्तूरबा छात्रावास की जांच करने पर पाया कि वहां 100 बालिकाएं रहकर पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने भांवलखेड़ा पीएचसी की डॉ. जीवन ज्योति और बाल विकास विभाग की सीडीपीओ कमलेश को भी वहीं बुलवा लिया और उनसे बालिकाओं की काउंसलिंग कराकर उनसे यह जानने का प्रयास किया कि छात्रावास में कभी किसी स्तर से अनधिकृत प्रवेश की चेष्टा तो नहीं की गई। डॉ. जीवन ज्योति ने बालिकाओं के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। सीडीपीओ ने बालिकाओं के खान पान की जांच की।
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हालांकि, छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था ठीक पाई गई। इसके बावजूद सीओ खनेड़ा ने थाना सेहरामऊ दक्षिणी के प्रभारी निरीक्षक को रात में डायल 100 की एक गाड़ी छात्रावास के पास खड़ी कराने के निर्देश दिए। सुरक्षा के लिहाज से हास्टल वार्डन को एसडीएम ने सीसीटीवी कैमरे भी लगवाने के निर्देश दिए। बाद में अधिकारियों की टीम नेे नवादा इंदेपुर जाकर वहां के राजकीय किशोर गृह पर छापा मारा। एसडीएम ने बताया कि वहां 22 बच्चे पंजीकृत पाए गए और सभी मौके पर मौजूद मिले। इनमें कई बच्चे अनाथ हैं। वहां के अधीक्षक से कहा गया कि जिन बच्चों के घरों के बारे में जानकारी मिल गई है, उनके पतों की पुष्टि कराकर संबंधित बच्चों को उनके घर भिजवाने की व्यवस्था कराएं।
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