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पुवायां पुलिस ने गठित कर दी फर्जी ग्राम सुरक्षा समितियां
Updated Tue, 29 Aug 2017 06:43 PM IST
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पुवायां (शाहजहांपुर)। एसडीएम अजय तिवारी के निरीक्षण में मंगलवार को कोतवाली पुलिस पूरी तरह फेल हो गई। यह हाल तक है जब जल्द ही एडीजी पुवायां कोतवाली का निरीक्षण करने वाले हैं। फर्जीवाड़े में माहिर यहां की पुलिस ने ग्राम सुरक्षा समितियां ही फर्जी बना डालीं।
एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान ग्राम सुरक्षा समितियों के बारे में जानकारी ली और अभिलेख देखे तो पहली ही नजर में फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। कई नामों के आगे उनके मोबाइल नंबर नहीं लिखे थे। जो मोबाइल नंबर लिखे थे, उन पर जब कॉल की गई तो कॉल रिसीव करने वाले ने खुद के ग्राम सुरक्षा समिति का सदस्य होने की जानकारी से इंकार कर दिया। इस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद दरोगाओं से उनके क्षेत्र के चौकीदारों के नाम और मोबाइल नंबर पूछे गए तो सभी बगलें झांकने लगे। इस पर भी एसडीएम ने असंतोष जताते हुए कहा कि ऐसे में क्राइम कंट्रोल की शासन की मंशा कैसे पूरी हो सकेगी।
जांच में समाधान दिवस और जन सुनवाई पोर्टल की शिकायतों का निस्तारण भी संतोषजनक नहीं पाया गया। हिस्ट्रीशीट के मुआयने में पाया गया कि उसे मार्च से अपडेट ही नहीं किया गया है। हलका नंबर एक में बीट सूचना कम दर्ज पाए जाने और अन्य हलकों में बीट सूचना पर कार्रवाई नहीं होने पर भी एसडीएम नाराज हुए। चरित्र प्रमाणपत्र के बहुत से संदर्भ लंबित पाए गए। सम्मन वारंट की तामीली भी संतोषजनक नहीं मिली। एसडीएम ने व्यापारियों को दुकानों के आगे सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए प्रेरित करने और महिला उत्पीड़न के मामलों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मैस, कार्यालय, बैरक आदि का निरीक्षण कर साफ-सफाई बनाए रखने को कहा।
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एसडीएम ने निरीक्षण के दौरान ग्राम सुरक्षा समितियों के बारे में जानकारी ली और अभिलेख देखे तो पहली ही नजर में फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। कई नामों के आगे उनके मोबाइल नंबर नहीं लिखे थे। जो मोबाइल नंबर लिखे थे, उन पर जब कॉल की गई तो कॉल रिसीव करने वाले ने खुद के ग्राम सुरक्षा समिति का सदस्य होने की जानकारी से इंकार कर दिया। इस पर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। इसके बाद दरोगाओं से उनके क्षेत्र के चौकीदारों के नाम और मोबाइल नंबर पूछे गए तो सभी बगलें झांकने लगे। इस पर भी एसडीएम ने असंतोष जताते हुए कहा कि ऐसे में क्राइम कंट्रोल की शासन की मंशा कैसे पूरी हो सकेगी।
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जांच में समाधान दिवस और जन सुनवाई पोर्टल की शिकायतों का निस्तारण भी संतोषजनक नहीं पाया गया। हिस्ट्रीशीट के मुआयने में पाया गया कि उसे मार्च से अपडेट ही नहीं किया गया है। हलका नंबर एक में बीट सूचना कम दर्ज पाए जाने और अन्य हलकों में बीट सूचना पर कार्रवाई नहीं होने पर भी एसडीएम नाराज हुए। चरित्र प्रमाणपत्र के बहुत से संदर्भ लंबित पाए गए। सम्मन वारंट की तामीली भी संतोषजनक नहीं मिली। एसडीएम ने व्यापारियों को दुकानों के आगे सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए प्रेरित करने और महिला उत्पीड़न के मामलों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मैस, कार्यालय, बैरक आदि का निरीक्षण कर साफ-सफाई बनाए रखने को कहा।
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