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हादसों से सड़कें हो रहीं लाल, फिर भी कान पर मोबाइल

Wed, 21 Feb 2018 10:00 AM IST
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:00 AM IST
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हादसों से सड़कें हो रहीं लाल, फिर भी कान पर मोबाइल
फोटो-19, 20
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हादसों से सड़कें हो रहीं लाल, फिर भी कान पर मोबाइल
औपचारिकताओं तक सिमट कर रह जाती है हर कार्रवाई

शाहजहांपुर। लापरवाही से दौड़ते बेकाबू वाहन लगभग हर दिन जिले की सड़कों को खून से लाल कर रहे हैं। सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग के तमाम दावों के बावजूद दुर्घटनाओं में मौत का ग्राफ हर साल बढ़ता जा रहा है और घायलों की संख्या भी कम नहीं हो रही है। पुलिस द्वारा समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। बिना हेलमेट तेज रफ्तार बाइक और कान पर मोबाइल तो मानो टीन एजर्स का शगल बन गया है। अभिभावक भी इन पर नियंत्रण नहीं रखते। नेशनल और स्टेट हाईवे पर यातायात के संकेत सूचकों के बारे में भी जानकारी दी जाती है। वाहन चालकों की मनमानी के चलते यह व्यवस्था ढेर हो रही है।
वाहन चालाते समय मोबाइल के इस्तेमाल पर एमवी एक्ट में 10 हजार रुपये जुर्माना है। तमाम लोगों को तेज रफ्तार बाइक पर कान में मोबाइल लगाए देखा जा सकता है। कार्रवाई के नाम पर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस सिर्फ औपचारिकताओं को पूरा करते हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने के मामले में मात्र मात्र के लोगों पर भी कार्रवाई नहीं होती। हादसे रोकने के लिए बनाई गई रणनीति एक तरह से फेल नजर आती है। खेलने-कूदने और पढ़ने की उम्र में नाबालिग बच्चे दो पहिया वाहनों से लेकर चारपहिया वाहनों की रफ्तार से खेल रहे हैं। रफ्तार का यह कहर मोहल्ले, गांव की गलियों से लेकर नेशनल और स्टेट हाईवे पर देखने को मिल रहा है। दुखद स्थिति यह है कि अभिभावकों की नासमझी और बच्चों के लाड़-प्यार के चलते मासूम हाथ हाईटेक वाहन लेकर सड़कों पर रफ्तार से खेलने के लिए घर से निकल जाते हैं। इसे अभिभावक भी नजरअंदाज कर रहे हैं।
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सावधानी हटी, दुर्घटना घटी, सिर्फ स्लोगन
यात्रा के दौरान सावधानी हटी, दुर्घटना घटी की बात चरितार्थ हो रही है। लेकिन यह बात सिर्फ स्लोगन बन कर रह गया है। बाइक चलाने के दौरान मोबाइल का प्रयोग, कान में ईयर फोन लगाकर म्यूजिक सुनना शान बन गया है। हेलमेट नहीं पहनने के कारण अधिकांश बाइक सवारों की जान सड़क हादसे में चली जाती है।
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सड़क पर पार्किंग, जानलेवा साबित हो रहे ब्रेकर
शहर में तमाम स्थानों पर सड़कों पर ही लोग अपने वाहनों को पार्क कर देते हैं। मोटर वाहन एक्ट के तहत इस पर भी जुर्माना है। इसके बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा। कई बार बेढंग सड़कों की पार्किंग हादसों का कारण बन जाती है। यहां भी यातायात पुलिस की कार्रवाई औपचारिकताओं तक सिमटी नजर आती है।

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एमवीआई के तहत दंड राशि (रुपये में )
- ट्रिपुल राइडिंग- 100 से 500
- बिना हेलमेट- 100 से 500
- बिना डीएल- 500 से 1000
- बिना इंश्योरेस- 100 से 1000
- ड्राइविंग के दौरान मोबाइल प्रयोग- 1000
- नशे में ड्राइव- 1000 से 10000
- वर्जित स्थान पर पार्किंग-500
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वर्जन-
फोटो-21
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। टीनएजर्स को लेकर उनके अभिभावकों का भी हक बनता है कि वह उनको समझाएं। वाहन चालकों को यातायात नियमों को लेकर खुद भी जागरुक होना होगा।-
-दिनेश त्रिपाठी, एएसपी सिटी
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