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खेत की रखवाली कर रहे श्रमिक पर बाघ ने किया हमला
Updated Sun, 26 Nov 2017 11:16 PM IST
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ख्ाेत पर माौजूद लाोग
- फोटो : अमर उजाला
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बंडा (शाहजहांपुर)। खेत पर फसल की रखवाली कर रहे एक श्रमिक पर रविवार सुबह नौ बजे बाघ ने हमला कर दिया। यह देख श्रमिक के साथ वहां मौजूद कुत्ते ने बाघ पर हमला कर दिया। उधर, श्रमिक के शोर मचाने पर बाघ गन्ने के खेत में जाकर छिप गया।
गांव पिपरिया दुलई निवासी 50 वर्षीय मोतीलाल गांव गहलुइया के हरपाल सिंह के यहां नौकरी करता है। इन दिनों वह गांव से कुछ दूर खन्नौत नदी के जग्गू घाट के पास हरपाल सिंह के गन्ने के खेत पर रखवाली करता है। रविवार सुबह करीब नौ बजे मोतीलाल गन्ने की खेत की मेड़ पर बैठा था। अचानक गन्ने से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया। सिर पर बाघ का पंजा लगने से मोतीलाल खेत में गिर पड़ा। बाघ दूसरा झपट्टा मारता कि इससे पहले ही मोतीलाल के साथ खेत पर मौजूद कुत्ते ने बाघ पर हमला कर दिया। मोतीलाल ने भी शोर मचा दिया, इस पर बाघ वापस गन्ने के खेत में चला गया। कुत्ते के भौंकने और मोतीलाल के शोर मचाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे और हरपाल सिंह को सूचना दी। हरपाल सिंह ने मोतीलाल को एक निजी डॉक्टर के यहां भिजवाया। उसकी हालत ठीक है।
सूचना पर मौके पर वन दरोगा संजीव कुमार, फारेस्ट गार्ड रामप्रसाद, वन वाचर मोरपाल, चंद्रपाल मौके पर पहुंचे और गांव के लोगों के साथ शोर शराबा कर बाघ को गन्ने से खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। वन दरोगा ने लोगों को खेत पर समूह में जाने और देर रात खेत पर काम करने के लिए नहीं जने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सुबह जल्दी भी खेत पर न आएं और काम करने के दौरान आपस में बातचीत करते रहे। बच्चों को सुनसान रास्तों पर अकेले स्कूल न भेजें।
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गांव पिपरिया दुलई निवासी 50 वर्षीय मोतीलाल गांव गहलुइया के हरपाल सिंह के यहां नौकरी करता है। इन दिनों वह गांव से कुछ दूर खन्नौत नदी के जग्गू घाट के पास हरपाल सिंह के गन्ने के खेत पर रखवाली करता है। रविवार सुबह करीब नौ बजे मोतीलाल गन्ने की खेत की मेड़ पर बैठा था। अचानक गन्ने से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया। सिर पर बाघ का पंजा लगने से मोतीलाल खेत में गिर पड़ा। बाघ दूसरा झपट्टा मारता कि इससे पहले ही मोतीलाल के साथ खेत पर मौजूद कुत्ते ने बाघ पर हमला कर दिया। मोतीलाल ने भी शोर मचा दिया, इस पर बाघ वापस गन्ने के खेत में चला गया। कुत्ते के भौंकने और मोतीलाल के शोर मचाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे और हरपाल सिंह को सूचना दी। हरपाल सिंह ने मोतीलाल को एक निजी डॉक्टर के यहां भिजवाया। उसकी हालत ठीक है।
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सूचना पर मौके पर वन दरोगा संजीव कुमार, फारेस्ट गार्ड रामप्रसाद, वन वाचर मोरपाल, चंद्रपाल मौके पर पहुंचे और गांव के लोगों के साथ शोर शराबा कर बाघ को गन्ने से खदेड़ने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। वन दरोगा ने लोगों को खेत पर समूह में जाने और देर रात खेत पर काम करने के लिए नहीं जने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सुबह जल्दी भी खेत पर न आएं और काम करने के दौरान आपस में बातचीत करते रहे। बच्चों को सुनसान रास्तों पर अकेले स्कूल न भेजें।
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