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Shahjahanpur News: जेल में 800 बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी
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जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए लाइन में लगीं बहने। संवाद
शाहजहांपुर। रक्षाबंधन पर जिला कारागार में शुक्रवार को भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बहनों ने जेल के अंदर बंद भाइयों की कलाई पर राखियां बांधीं तो दोनों के आंसू छलक आए। भाई ने बहन के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देकर विदा किया। शाम चार बजे तक आठ सौ महिलाओं ने जेल में भाइयों से मुलाकात की।
सुबह सात बजे से ही भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जेल गेट पर महिलाओं का पहले पंजीकरण किया गया। इसके बाद उन्हें समूह में जेल के अंदर प्रवेश दिया गया। अधिक भीड़ होने पर करीब 60 महिलाओं के समूह को भेजा गया, जबकि भीड़ कम होने पर 20 से 25 महिलाओं को भी प्रवेश दिया गया।
महिलाओं के साथ लाए गए सामान की तलाशी लेने के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया गया। जिला कारागार परिसर में पेड़ों की छांव के नीचे बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखियां बांधीं। बहन ने भाई के माथे पर तिलक लगाया तो दोनों की आंखों से आंसू छलक आए। इसके बाद बहन ने भाई को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया।
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भाई-बहन के इस भावुक मिलन से जेल परिसर का माहौल भी गमगीन हो गया। लंबे समय बाद मिले भाई-बहनों ने एक-दूसरे का हालचाल जाना और परिवार की कुशलता के बारे में बातचीत की। जेल अधीक्षक जेपी तिवारी ने बताया कि सुबह आठ बजे से मुलाकात का क्रम प्रारंभ हो गया था। शाम चार बजे तक करीब 800 बहनों ने जिला कारागार में प्रवेश कर अपने बंदी भाइयों को राखी बांधी। इस बीच सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।
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सुबह सात बजे से ही भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए बहनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। जेल गेट पर महिलाओं का पहले पंजीकरण किया गया। इसके बाद उन्हें समूह में जेल के अंदर प्रवेश दिया गया। अधिक भीड़ होने पर करीब 60 महिलाओं के समूह को भेजा गया, जबकि भीड़ कम होने पर 20 से 25 महिलाओं को भी प्रवेश दिया गया।
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महिलाओं के साथ लाए गए सामान की तलाशी लेने के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया गया। जिला कारागार परिसर में पेड़ों की छांव के नीचे बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखियां बांधीं। बहन ने भाई के माथे पर तिलक लगाया तो दोनों की आंखों से आंसू छलक आए। इसके बाद बहन ने भाई को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराया।
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भाई-बहन के इस भावुक मिलन से जेल परिसर का माहौल भी गमगीन हो गया। लंबे समय बाद मिले भाई-बहनों ने एक-दूसरे का हालचाल जाना और परिवार की कुशलता के बारे में बातचीत की। जेल अधीक्षक जेपी तिवारी ने बताया कि सुबह आठ बजे से मुलाकात का क्रम प्रारंभ हो गया था। शाम चार बजे तक करीब 800 बहनों ने जिला कारागार में प्रवेश कर अपने बंदी भाइयों को राखी बांधी। इस बीच सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे।