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रहस्यमयी बुखार से बालक सहित दो की मौत
Updated Mon, 14 Aug 2017 09:11 PM IST
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जलालाबादश (शाहजहांपुर)। मनोरथपुर सहसोबारी के बाद क्षेत्र के आसपास गांवों में भी रहस्यमय बुखार ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। रविवार की रात पड़ोसी गांव पूर्वी हरेवा के युवक व जिगनेरा गांव के एक बालक ने जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई गांवों में कैंप लगाकर लोगों का चेकअप कर उन्हें दवाइयां वितरित की गई। इस दौरान कई बीमार जिला अस्पताल रेफर किए गए।
शुक्रवार को मनोरथपुर सहसोबारी गांव के पास ही पूर्वी हरेवा गांव निवासी सत्यपाल के 26 वर्षीय पुत्र रामसागर को तेज बुखार के साथ गर्दन में दर्द की शिकायत होने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए। सुधार नहीं होने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया ,जहां रविवार शाम उसकी मौत हो गई। मृतक की अभी तीन साल पहले ही शादी हुई थी। इसी गांव में 35 वर्षीय मुलायम, नेत्रपाल का 14 वर्षीय बेटा रोहित उसकी बहन नीरजा व 60 वर्षीय रामप्यारी बुखार की चपेट में हैं। सोमवार को इस गांव में सीएचसी प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र, डॉ. रुपक गुप्ता टीम समेत गांव पहुंचे और कैंप लगाकर लोगों का चेकअप किया। इस दौरान 18 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित मिले। डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि इस गांव के रामसरन के दस साल के लड़के अवधेश को व मनोरथपुर की 40 वर्षीय वीरावती को जिला अस्पताल भेजा गया है। उधर, गांव जिगनेरा निवासी विजपाल के आठ वर्षीय बेटे नितेश को बुखार आने पर शनिवार को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। गर्दन में सूजन के साथ तेज बुखार था। विजपाल ने बताया कि इलाज के दौरान बुखार कम हुआ, लेकिन गर्दन की सूजन बढ़ती गई। रविवार शाम इलाज के दौरान उसके बेटे की मौत हो गई। मृतक नितेश गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा दो में पढ़ता था।
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शुक्रवार को मनोरथपुर सहसोबारी गांव के पास ही पूर्वी हरेवा गांव निवासी सत्यपाल के 26 वर्षीय पुत्र रामसागर को तेज बुखार के साथ गर्दन में दर्द की शिकायत होने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए। सुधार नहीं होने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया ,जहां रविवार शाम उसकी मौत हो गई। मृतक की अभी तीन साल पहले ही शादी हुई थी। इसी गांव में 35 वर्षीय मुलायम, नेत्रपाल का 14 वर्षीय बेटा रोहित उसकी बहन नीरजा व 60 वर्षीय रामप्यारी बुखार की चपेट में हैं। सोमवार को इस गांव में सीएचसी प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र, डॉ. रुपक गुप्ता टीम समेत गांव पहुंचे और कैंप लगाकर लोगों का चेकअप किया। इस दौरान 18 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित मिले। डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि इस गांव के रामसरन के दस साल के लड़के अवधेश को व मनोरथपुर की 40 वर्षीय वीरावती को जिला अस्पताल भेजा गया है। उधर, गांव जिगनेरा निवासी विजपाल के आठ वर्षीय बेटे नितेश को बुखार आने पर शनिवार को जिला अस्पताल रेफर किया गया था। गर्दन में सूजन के साथ तेज बुखार था। विजपाल ने बताया कि इलाज के दौरान बुखार कम हुआ, लेकिन गर्दन की सूजन बढ़ती गई। रविवार शाम इलाज के दौरान उसके बेटे की मौत हो गई। मृतक नितेश गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा दो में पढ़ता था।
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