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अर्थ व्यवस्था में सुधार का माध्यम बनेगा जीएसटी

Sun, 02 Jul 2017 07:19 PM IST
Updated Sun, 02 Jul 2017 07:19 PM IST
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अर्थ व्यवस्था में सुधार का माध्यम बनेगा जीएसटी
शाहजहांपुर। भारत विकास परिषद की सहयोग शाखा ने एक देश एक कर प्रणाली के तहत लागू किए गुड्स सर्विस टैक्स को भारतीय अर्थ व्यवस्था में सुधार की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया है। संस्था की ओर से रविवार को आयोजित समारोह में जीएसटी की मुक्त कंठ से सराहना की गई।
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इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. अमित वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्य सरकारों से सामंजस्य बनाकर जिस तरह 17 विभिन्न करों को जीएसटी में समाहित किया, उससे आने वाले दिनों में जबरदस्त आर्थिक सुधार दिखाई देंगे। सचिव विनीत सराफ ने कहा कि ऐसा कोई तंत्र नहीं, जिसे लागू करते वक्त शुरुआती पांच-छह माह में दिक्कतेें नहीं हों, इसलिए जीएसटी से जुड़ी व्यापारियों की चिंताएं भी समय बीतने के साथ समाप्त हो जाएंगी।
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इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से हुआ। बच्चों ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गायन करके जीएसटी को राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ा। इसके साथ ही संस्था के सदस्यों ने अच्छी एवं सरल कर प्रणाली के प्रचार-प्रसार का संकल्प किया।
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उधर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी एवं नमकीन निर्माताओं ने जीएसटी में जेल की सजा को व्यापारियों के साथ सरासर अन्याय बताते हुए रविवार को एकल कर प्रणाली पर पर विरोध की आवाज बुलंद की। भाकपा और होटल हलवाई कंफैक्शनरी नमकीन निर्माता संघ की रोशनगंज में हुई बैठक में वक्ताओं ने जीएसटी को व्यापारियों के उत्पीड़न का सरकार द्वारा सृजित किया गया हथियार बताया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए भाकपा के जिला सह सचिव रामशंकर लाल ने कहा कि विश्व के अन्य देशों की तुलना में भारत में जीएसटी की सर्वाधिक ऊंची दर 28 प्रतिशत नियत करके सरकार ने व्यापारी वर्ग के लिए संकट पैदा करने वाला कदम उठाया है। प्रदेश मंत्री सुरेश कुमार ने कहा कि जीएसटी में जेल की सजा का प्रावधान बर्बरता का परिचायक है, जिसे तत्काल प्रभाव से वापस लेने के साथ जीएसटी की दरों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। बैठक में रविशंकर, गोविंद गुप्ता, राजकुमार, राजू गुप्ता, लाला गुप्ता, अनुज कुमार, हरि किशन, रामकुमार, जगदीश चंद्र आदि शामिल रहे।
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