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तीस हजार रुपये के लिए पति से कर ली दोवारा शादी
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30 हजार रकम के लिए शादीशुदा भी खेल रहे शादी-शादी
पुवायां (शाहजहांपुर)। जिस सिंदूर को लगाकर महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु की कामना करती है, उसी सिंदूर को कुछ युवतियों ने तीस हजार रुपये के लालच में न सिर्फ धो डाला, बल्कि दूसरी बार अपने ही पति से शादी भी रचाई। अमर उजाला ने इस मामले की पड़ताल की तो फर्जीवाड़ा करने वाली युवतियों और जिम्मेदार कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
शाहजहांपुर में दस दिसंबर को ओसीएफ रामलीला मैदान पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सर्व धर्म शादी समारोह का आयोजन प्रशासन की ओर से किया गया था। शादी के लिए 175 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन आयोजन के दिन 145 शादियां कराई गईं। शेष आवेदनकर्ता शादी के लिए नहीं पहुंचे। शादी करने वाले जोड़ों को शासन की और समाजसेवियों की ओर से पायल, बिछिया, मोबाइल, डिनर सेट, कपड़े, साड़ी, बर्तन, ट्राली बैग आदि गृहस्थी का समान उपहार के रूप में दिया गया था। इस सामान की कीमत प्रति जोड़ा लगभग दस हजार थी। इसके अलावा बीस हजार रुपये का चेक भी शादी करने वालों को दिया जाना है। शादी के लिए वर, वधू के आवेदन लेने और उनकी जांच का काम समाज कल्याण विभाग का था। इसके लिए संबंधित ब्लाकों के एडीओ को जिम्मेदारी दी गई थी। इसी में खेल हो गया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में खुटार के गांव टाह खुर्द कला निवासी रमाकांत और उसकी पत्नी आरती देवी ने मुरादपुर की शिवानी के नाम से पहुंचकर शादी कर ली। गांव सिहुरा खुर्द कलां की गायत्री देवी की शादी एक वर्ष पहले हो चुकी है, लालच में उसकी भी अपने ही पति से दूसरी बार शादी करा दी गई। एक शादी गांव मुरादपुर के ही वासुदेव की पुत्री शिवानी की भी हुई है, जबकि गांव मुरादपुर में कोई वासुदेव रहते ही नहीं हैं। प्रधान के अनुसार वासुदेव काफी पहले गांव में रहते थे और उनकी मौत हो चुकी है, उनका परिवार भी वर्षों पूर्व यहां से चला गया था।
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लक्ष्य पूरा करने को होता है फर्जीवाड़ा
पुवायां। चर्चा है कि सामूहिक शादी के आयोजनों में शादी करने से लोग कतराते रहते हैं। जबकि शासन की ओर से लक्ष्य पूरा करने का दबाव रहता है। इसका लाभ उठाकर कुछ लोग फर्जीवाड़ा कर दूसरी बार तक शादी कर योजना का लाभ उठाते हैं।
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मुझे मामले की जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में पहले से शादीशुदा लोगों ने शादी की है तो जांच कराई जाएगी और कार्रवाई कराई जाएगी।
सत्यप्रिय सिंह, एसडीएम पुवायां
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आवेदन मिले थे जो अग्रसारित कर दिए गए। ग्राम पंचायत स्तर से चयन सचिव करते हैं। लोगों ने फर्जीवाड़ा किया है तो मुझे जानकारी नहीं है।
अश्विनी कुमार सचान, एडीओ (सी) खुटार
पुवायां (शाहजहांपुर)। जिस सिंदूर को लगाकर महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु की कामना करती है, उसी सिंदूर को कुछ युवतियों ने तीस हजार रुपये के लालच में न सिर्फ धो डाला, बल्कि दूसरी बार अपने ही पति से शादी भी रचाई। अमर उजाला ने इस मामले की पड़ताल की तो फर्जीवाड़ा करने वाली युवतियों और जिम्मेदार कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
शाहजहांपुर में दस दिसंबर को ओसीएफ रामलीला मैदान पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सर्व धर्म शादी समारोह का आयोजन प्रशासन की ओर से किया गया था। शादी के लिए 175 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन आयोजन के दिन 145 शादियां कराई गईं। शेष आवेदनकर्ता शादी के लिए नहीं पहुंचे। शादी करने वाले जोड़ों को शासन की और समाजसेवियों की ओर से पायल, बिछिया, मोबाइल, डिनर सेट, कपड़े, साड़ी, बर्तन, ट्राली बैग आदि गृहस्थी का समान उपहार के रूप में दिया गया था। इस सामान की कीमत प्रति जोड़ा लगभग दस हजार थी। इसके अलावा बीस हजार रुपये का चेक भी शादी करने वालों को दिया जाना है। शादी के लिए वर, वधू के आवेदन लेने और उनकी जांच का काम समाज कल्याण विभाग का था। इसके लिए संबंधित ब्लाकों के एडीओ को जिम्मेदारी दी गई थी। इसी में खेल हो गया।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में खुटार के गांव टाह खुर्द कला निवासी रमाकांत और उसकी पत्नी आरती देवी ने मुरादपुर की शिवानी के नाम से पहुंचकर शादी कर ली। गांव सिहुरा खुर्द कलां की गायत्री देवी की शादी एक वर्ष पहले हो चुकी है, लालच में उसकी भी अपने ही पति से दूसरी बार शादी करा दी गई। एक शादी गांव मुरादपुर के ही वासुदेव की पुत्री शिवानी की भी हुई है, जबकि गांव मुरादपुर में कोई वासुदेव रहते ही नहीं हैं। प्रधान के अनुसार वासुदेव काफी पहले गांव में रहते थे और उनकी मौत हो चुकी है, उनका परिवार भी वर्षों पूर्व यहां से चला गया था।
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लक्ष्य पूरा करने को होता है फर्जीवाड़ा
पुवायां। चर्चा है कि सामूहिक शादी के आयोजनों में शादी करने से लोग कतराते रहते हैं। जबकि शासन की ओर से लक्ष्य पूरा करने का दबाव रहता है। इसका लाभ उठाकर कुछ लोग फर्जीवाड़ा कर दूसरी बार तक शादी कर योजना का लाभ उठाते हैं।
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मुझे मामले की जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में पहले से शादीशुदा लोगों ने शादी की है तो जांच कराई जाएगी और कार्रवाई कराई जाएगी।
सत्यप्रिय सिंह, एसडीएम पुवायां
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आवेदन मिले थे जो अग्रसारित कर दिए गए। ग्राम पंचायत स्तर से चयन सचिव करते हैं। लोगों ने फर्जीवाड़ा किया है तो मुझे जानकारी नहीं है।
अश्विनी कुमार सचान, एडीओ (सी) खुटार