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रोजा नगर पंचायत में सौर ऊर्जा प्लांट घोटाले की आहट!
Updated Thu, 15 Jun 2017 07:07 PM IST
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रोजा (शाहजहांपुर)।
नगर पंचायत रोजा के सौर ऊर्जा प्लांट घोटाले में सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए डीएम को 15 जून तक रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं। जिससे इस घोटाले में फं से अधिकारियों और नेताओं के गले पानी नहीं उतर रहा है।
बीते साल रोजा नगर पंचायत में एक करोड़ बीस लाख रुपये की लागत से 40 किलोवाट का सौर ऊर्जा प्लांट लगाया गया था। जिसकी गुणवत्ता और मानक को लेकर भाजपा जिला उपाध्यक्ष सर्वेशपाल और नगर पंचायत सदस्य विमला मौर्या ने शासन से शिकायत की थी।
जिले में कुछ दिन पहले आए सिंचाई मंत्री लक्ष्मी नरायन चौधरी से भी इस घोटाले की शिकायत की गई थी। मंत्री ने डीएम नरेंद्र सिंह को जांच कर रिपोर्ट एक सप्ताह में शासन को भेजने के निर्देश दिए थे।
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एक माह बीत जाने के बाद भी जांच के नाम पर कोई कार्रवाई न होते देख एक बार शिकायत कर्ताओं ने लखनऊ जाकर शासन का दरवाजा खटखटाया। नगर विकास सचिव कुमार कमलेश ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम से 15 जून तक रिपोर्ट शासन को भेजने का निर्देश दिया है।
नगर पंचायत अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि सौर ऊर्जा प्लांट के निर्माण में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। जिसके लिए संबंधित जेई और एई तक के अफ सरान जिम्मेदार हैं। जांच चल रही है। जिस पर अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी है।
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नगर पंचायत रोजा के सौर ऊर्जा प्लांट घोटाले में सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए डीएम को 15 जून तक रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं। जिससे इस घोटाले में फं से अधिकारियों और नेताओं के गले पानी नहीं उतर रहा है।
बीते साल रोजा नगर पंचायत में एक करोड़ बीस लाख रुपये की लागत से 40 किलोवाट का सौर ऊर्जा प्लांट लगाया गया था। जिसकी गुणवत्ता और मानक को लेकर भाजपा जिला उपाध्यक्ष सर्वेशपाल और नगर पंचायत सदस्य विमला मौर्या ने शासन से शिकायत की थी।
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जिले में कुछ दिन पहले आए सिंचाई मंत्री लक्ष्मी नरायन चौधरी से भी इस घोटाले की शिकायत की गई थी। मंत्री ने डीएम नरेंद्र सिंह को जांच कर रिपोर्ट एक सप्ताह में शासन को भेजने के निर्देश दिए थे।
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एक माह बीत जाने के बाद भी जांच के नाम पर कोई कार्रवाई न होते देख एक बार शिकायत कर्ताओं ने लखनऊ जाकर शासन का दरवाजा खटखटाया। नगर विकास सचिव कुमार कमलेश ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम से 15 जून तक रिपोर्ट शासन को भेजने का निर्देश दिया है।
नगर पंचायत अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि सौर ऊर्जा प्लांट के निर्माण में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। जिसके लिए संबंधित जेई और एई तक के अफ सरान जिम्मेदार हैं। जांच चल रही है। जिस पर अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी है।