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डीएम ने सीडीओ को सौंपी जांच
शादीशुदा लोगों के फिर से शादी करने का मामला
मुख्यमंत्री विवाह योजना का लाभ लेने को रचा गया खेल
पुवायां (शाहजहांपुर)। मुख्यमंत्री शादी समारोह में 30 हजार रुपये के लालच शादीशुदा लोगों के शादी करने के मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए जांच सीडीओ को सौंप दी है। डीएम ने कहा कि तीन स्तर पर जांच के बाद भी शादी योजना में गड़बड़ी हुई है तो कर्मचारी, अधिकारी और इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि दस दिसंबर को जिला मुख्यालय स्थित ओसीएफ रामलीला मैदान पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था। शादी केे लिए 175 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन मौके पर पहुंचे 145 जोड़ों की शादी कराई गई थी। कुछ शादीशुदा जोड़ों ने योजना का लाभ उठाने के लिए फिर से शादी कर फर्जीवाड़ा कर लाभ उठा लिया। इस मामले में अभी तक खुटार ब्लॉक के जोड़ों के नाम सामने आए हैं। खुटार के गांव टाह खुर्द कलां निवासी आरती देवी ने अपनी पति के साथ गांव मुरादपुर की शिंपी पुत्री मलिखान बनकर शादी कर शासन और समाजसेवियों की ओर से पायल, बिछिया, मोबाइल, डिनर सेट, कपड़े, बर्तन, ट्रॉली बैग आदि गृहस्थी का सामान प्राप्त कर लिया तो गांव सिहुरा खुर्द कलां की गायत्री देवी के नाम से भी शादी हुई, जबकि गायत्री की शादी पहले ही हो चुकी थी।
अमर उजाला ने बुधवार को इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो डीएम ने खबर को गंभीरता से लेते हुए जांच सीडीओ प्रेरणा शर्मा को सौंप दी है। डीएम ने कहा कि मामला गंभीर है। गरीबों के लिए आने वाली योजना में सेंध लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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बुधवार को अखबार के माध्यम से जानकारी मिली है। सीडीओ को जांच सौंपी गई है। तीन स्तर पर जांच के बाद ही लाभार्थियों का चयन होता है। किसी अपात्र का चयन किया गया है तो जिस अधिकारी ने चयन किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी और पूरी धनराशि वसूली जाएगी और जो लोग गलत सूचना देकर शादी कार्यक्रम में लाभान्वित हुए हैं उन पर भी कार्रवाई होगी।
अमृत त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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फोटो-22,बुधवार को अवकाश के बाद भी खुला एडीओ का दफ्तर
छुट्टी के बाद भी खुला रहा एडीओ का दफ्तर
खुटार। रकम के लिए शादीशुदा भी खेल रहे शादी-शादी शीर्षक के खबर छपने के बाद गलत आवेदन करने वालों और आवेदनों की जांच में खेल करने वालों की हवाइयां उड़ गई हैं। बुधवार को अवकाश के बाद भी खुटार में एडीओ का दफ्तर खोला गया और शादी आवेदन की फाइलों को निकालकर बचाव की बारीकियों को तलाश गया। कर्मचारी गांवों में भी दौड़े और जांच को आने वाली टीम को क्या बयान देने हैं यह रटाया गया। सीडीओ को जांच मिलने के बाद घोटाला करने वालों का फंसना तय माना जा रहा है।
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सचिव और एक एडीओ के बीच हुई नोकझोंक
खुटार। शादी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन सबसे पहले ग्राम पंचायत सचिव के पास जमा होते हैं और यहां से एडीओ के पास से होते हुए अन्य अधिकारियों को भेजे जाते हैं। बुधवार को एडीओ ने सचिव पर फंसा देने का आरोप लगाया तो सचिव ने एडीओ पर तमाम आरोप जड़ दिए। दोनों के बीच जमकर हॉटटॉक हुई।
शादीशुदा लोगों के फिर से शादी करने का मामला
मुख्यमंत्री विवाह योजना का लाभ लेने को रचा गया खेल
पुवायां (शाहजहांपुर)। मुख्यमंत्री शादी समारोह में 30 हजार रुपये के लालच शादीशुदा लोगों के शादी करने के मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए जांच सीडीओ को सौंप दी है। डीएम ने कहा कि तीन स्तर पर जांच के बाद भी शादी योजना में गड़बड़ी हुई है तो कर्मचारी, अधिकारी और इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि दस दिसंबर को जिला मुख्यालय स्थित ओसीएफ रामलीला मैदान पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था। शादी केे लिए 175 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन मौके पर पहुंचे 145 जोड़ों की शादी कराई गई थी। कुछ शादीशुदा जोड़ों ने योजना का लाभ उठाने के लिए फिर से शादी कर फर्जीवाड़ा कर लाभ उठा लिया। इस मामले में अभी तक खुटार ब्लॉक के जोड़ों के नाम सामने आए हैं। खुटार के गांव टाह खुर्द कलां निवासी आरती देवी ने अपनी पति के साथ गांव मुरादपुर की शिंपी पुत्री मलिखान बनकर शादी कर शासन और समाजसेवियों की ओर से पायल, बिछिया, मोबाइल, डिनर सेट, कपड़े, बर्तन, ट्रॉली बैग आदि गृहस्थी का सामान प्राप्त कर लिया तो गांव सिहुरा खुर्द कलां की गायत्री देवी के नाम से भी शादी हुई, जबकि गायत्री की शादी पहले ही हो चुकी थी।
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अमर उजाला ने बुधवार को इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो डीएम ने खबर को गंभीरता से लेते हुए जांच सीडीओ प्रेरणा शर्मा को सौंप दी है। डीएम ने कहा कि मामला गंभीर है। गरीबों के लिए आने वाली योजना में सेंध लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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बुधवार को अखबार के माध्यम से जानकारी मिली है। सीडीओ को जांच सौंपी गई है। तीन स्तर पर जांच के बाद ही लाभार्थियों का चयन होता है। किसी अपात्र का चयन किया गया है तो जिस अधिकारी ने चयन किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी और पूरी धनराशि वसूली जाएगी और जो लोग गलत सूचना देकर शादी कार्यक्रम में लाभान्वित हुए हैं उन पर भी कार्रवाई होगी।
अमृत त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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फोटो-22,बुधवार को अवकाश के बाद भी खुला एडीओ का दफ्तर
छुट्टी के बाद भी खुला रहा एडीओ का दफ्तर
खुटार। रकम के लिए शादीशुदा भी खेल रहे शादी-शादी शीर्षक के खबर छपने के बाद गलत आवेदन करने वालों और आवेदनों की जांच में खेल करने वालों की हवाइयां उड़ गई हैं। बुधवार को अवकाश के बाद भी खुटार में एडीओ का दफ्तर खोला गया और शादी आवेदन की फाइलों को निकालकर बचाव की बारीकियों को तलाश गया। कर्मचारी गांवों में भी दौड़े और जांच को आने वाली टीम को क्या बयान देने हैं यह रटाया गया। सीडीओ को जांच मिलने के बाद घोटाला करने वालों का फंसना तय माना जा रहा है।
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सचिव और एक एडीओ के बीच हुई नोकझोंक
खुटार। शादी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन सबसे पहले ग्राम पंचायत सचिव के पास जमा होते हैं और यहां से एडीओ के पास से होते हुए अन्य अधिकारियों को भेजे जाते हैं। बुधवार को एडीओ ने सचिव पर फंसा देने का आरोप लगाया तो सचिव ने एडीओ पर तमाम आरोप जड़ दिए। दोनों के बीच जमकर हॉटटॉक हुई।