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फंदे पर लटक गया तंदूरी रोटी का कारीगर
Updated Sun, 11 Mar 2018 06:20 PM IST
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शाहजहांपुर। थाना जलालाबाद क्षेत्र के गांव बरूआरी में शनिवार रात लेखराज यादव के 16 वर्षीय बेटे पंकज यादव ने शनिवार रात गले में प्लास्टिक की रस्सी का फंदा डालकर जान दे दी। घटना की जानकारी परिजनों को रविवार सुबह हुई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
पंकज यादव जलालाबाद में एक होटल पर तंदूरी रोटी का कारीगर था। रात करीब 12 बजे से दिन के 12 बजे तक वह होटल पर काम करता था। शनिवार एक बजे वह घर आ गया। दिन में परिवार वालों को उसके चेहरे पर किसी तरह की कोई शिकन नहीं दिखाई दी। शाम को खाना खाने के बाद छत पर बने कमरे में रोजाना की तरह सोने चला गया। अंदर से कमरा बंद करके टीवी चला ली। इसके बाद उसने प्लास्टिक की रस्सी से गले में फंदा कसा और पंखे के कुंडे से लटक गया। रविवार सुबह आठ बजे पिता लेखराज उसे चाय पीने के लिए जगाने गया तो अंदर से दरवाजा बंद था। टीवी चल रही थी। दरवाजा खोलने के लिए उसे कई बार आवाज लगाई, लेकिन न तो पंकज का जवाब मिला और न ही दरवाजा अंदर से खोला गया। दरवाजे की दराज से झांक कर देखा तो कमरे में उसका शव फांसी के फंदे पर लटका था। कुंडी तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मां मंजू देवी, भाई आकाश, पवन, विपिन और पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। भाइयों में पंकज तीसरे नंबर का था। उसके दो बड़े भाइयों की शादी हो गई है। सबसे छोटा भाई विपिन 14 वर्ष का है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। खुदकुशी के बारे में पुलिस पड़ताल कर रही है। वहीं परिजनों का कहना है कि पंकज थोड़ा तुनकमिजाजी था, लेकिन शनिवार को परिवारवालों से ऐसी कोई बात भी नहीं हुई जो जिससे उसने जान दे दी।
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पंकज यादव जलालाबाद में एक होटल पर तंदूरी रोटी का कारीगर था। रात करीब 12 बजे से दिन के 12 बजे तक वह होटल पर काम करता था। शनिवार एक बजे वह घर आ गया। दिन में परिवार वालों को उसके चेहरे पर किसी तरह की कोई शिकन नहीं दिखाई दी। शाम को खाना खाने के बाद छत पर बने कमरे में रोजाना की तरह सोने चला गया। अंदर से कमरा बंद करके टीवी चला ली। इसके बाद उसने प्लास्टिक की रस्सी से गले में फंदा कसा और पंखे के कुंडे से लटक गया। रविवार सुबह आठ बजे पिता लेखराज उसे चाय पीने के लिए जगाने गया तो अंदर से दरवाजा बंद था। टीवी चल रही थी। दरवाजा खोलने के लिए उसे कई बार आवाज लगाई, लेकिन न तो पंकज का जवाब मिला और न ही दरवाजा अंदर से खोला गया। दरवाजे की दराज से झांक कर देखा तो कमरे में उसका शव फांसी के फंदे पर लटका था। कुंडी तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मां मंजू देवी, भाई आकाश, पवन, विपिन और पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। भाइयों में पंकज तीसरे नंबर का था। उसके दो बड़े भाइयों की शादी हो गई है। सबसे छोटा भाई विपिन 14 वर्ष का है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। खुदकुशी के बारे में पुलिस पड़ताल कर रही है। वहीं परिजनों का कहना है कि पंकज थोड़ा तुनकमिजाजी था, लेकिन शनिवार को परिवारवालों से ऐसी कोई बात भी नहीं हुई जो जिससे उसने जान दे दी।
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