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अब डीजल इंजन से दौडेंगी लंबी दूरी से चार जोड़ी ट्रेन
Updated Fri, 29 Jun 2018 12:46 AM IST
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- फोटो : डेमो
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लंबी दूरी की चार जोड़ी से ज्यादा एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के टाइम टेबल को सुधारने के लिए अब इनमें डीजल इंजन लगाए जाएंगे। अब तक यह ट्रेनें इलेक्ट्रिक और डीजल इंजन दोनों से चलाई जाती हैं। इसके लिए दो बार इंजन बदलना होता है। इंजन बदलने में संटिंग के दौरान करीब 45 मिनट खराब चले जाते हैं। अगर ट्रेन सिर्फ डीजल इंजन से ही चलेंगी तब यह 45 मिनट बचेंगे। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि सियालदाह एक्सप्रेस, पंजाब मेल समेत चार चोरी रेलगाड़ियों को एक जुलाई से डीजल इंजन से चलाया जाएगा।
दिल्ली, पंजाब, बिहार और कोलकाता के बीच चलने वाली उत्तर रेलवे की तमाम रेलगाड़ियां घंटों देरी से चल रही हैं। इनमें 13151/13152-सियालदाह एक्सप्रेस, 13005/13006-पंजाब मेल, 14523/14524-हरिहरनाथ एक्सप्रेस, 18103/18104-जलियांवाला बाग एक्सप्रेस घंटों देरी से चल रही हैं। इन ट्रेनों के लेट होने की एक वजह यह भी है कि इनके इंजन लखनऊ और मुगलसराय में बदले जाते हैं। दरअसल, लखनऊ से हावड़ा के लिए तीन रूट वाया बाराबंकी-फैजाबाद, राय बरेली-प्रतापगढ़ और वाया सुल्तानपुर हैं। इनमें वाया सुल्तानपुर रूट ही पूरा इलेक्ट्रिक रूट है। बाकी दो रूट पूरे इलेक्ट्रिक नहीं हैं। सियालदाह, हरिहरनाथ, जलियांवाला बाग एक्सप्रेस और पंजाब मेल इन्हीं रूट से होकर गुजरती हैं।
लखनऊ से मुगलसराय तक रेल रूट इलेक्ट्रिक न होने की वजह से इन ट्रेन से लखनऊ में इलेक्ट्रिक इंजन हटा कर डीजल इंजन लगाया जाता है। मुगल सराय से आगे का रूट इलेक्ट्रिक है। ऐसे में मुगल सराय में एक बार फिर से इंजन बदल कर इलेक्ट्रिक इंजन लगाया जाता है। दोनों बाद इंजन बदलने में करीब 45 मिनट का वक्त लगता है। लखनऊ में रेल ट्रैफिक काफी ज्यादा होने की वजह से कई बार लाइन क्लियर नहीं होती। इससे ज्यादा वक्त भी लग जाता है। इसका सीधा असर इन ट्रेनों के साथ पीछे आने वाली अन्य ट्रेनों के टाइम टेबल पर भी होता है। डीजल इंजन होने से संटिंग का वक्त बचेगा। इससे ट्रेनों के टाइम टेबल में सुधार होगा।
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हिमगिरी, श्रमजीवी इलेक्ट्रिक इंजन से ही दौड़ेंगी
हावड़ा से जम्मू के बीच चलने वाली सुपरफास्ट 12331/12332-हिमगिरी एक्सप्रेस और राजगीर से नई दिल्ली के बीच चलने वाली 12391/12392- सुपरफास्ट श्रमजीवी एक्सप्रेस इलेक्ट्रिक इंजन से ही चलेंगी। यह दोनों रेलगाड़ियां वाया सुल्तानपुर होकर चलती हैं। यह पूरा रेल रूट इलेक्ट्रिक है। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि बाकी चार जोड़ी रेलगाड़ियों से इलेक्ट्रिक इंजन एक जुलाई को हटा दिए जाएंगे।
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दिल्ली, पंजाब, बिहार और कोलकाता के बीच चलने वाली उत्तर रेलवे की तमाम रेलगाड़ियां घंटों देरी से चल रही हैं। इनमें 13151/13152-सियालदाह एक्सप्रेस, 13005/13006-पंजाब मेल, 14523/14524-हरिहरनाथ एक्सप्रेस, 18103/18104-जलियांवाला बाग एक्सप्रेस घंटों देरी से चल रही हैं। इन ट्रेनों के लेट होने की एक वजह यह भी है कि इनके इंजन लखनऊ और मुगलसराय में बदले जाते हैं। दरअसल, लखनऊ से हावड़ा के लिए तीन रूट वाया बाराबंकी-फैजाबाद, राय बरेली-प्रतापगढ़ और वाया सुल्तानपुर हैं। इनमें वाया सुल्तानपुर रूट ही पूरा इलेक्ट्रिक रूट है। बाकी दो रूट पूरे इलेक्ट्रिक नहीं हैं। सियालदाह, हरिहरनाथ, जलियांवाला बाग एक्सप्रेस और पंजाब मेल इन्हीं रूट से होकर गुजरती हैं।
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लखनऊ से मुगलसराय तक रेल रूट इलेक्ट्रिक न होने की वजह से इन ट्रेन से लखनऊ में इलेक्ट्रिक इंजन हटा कर डीजल इंजन लगाया जाता है। मुगल सराय से आगे का रूट इलेक्ट्रिक है। ऐसे में मुगल सराय में एक बार फिर से इंजन बदल कर इलेक्ट्रिक इंजन लगाया जाता है। दोनों बाद इंजन बदलने में करीब 45 मिनट का वक्त लगता है। लखनऊ में रेल ट्रैफिक काफी ज्यादा होने की वजह से कई बार लाइन क्लियर नहीं होती। इससे ज्यादा वक्त भी लग जाता है। इसका सीधा असर इन ट्रेनों के साथ पीछे आने वाली अन्य ट्रेनों के टाइम टेबल पर भी होता है। डीजल इंजन होने से संटिंग का वक्त बचेगा। इससे ट्रेनों के टाइम टेबल में सुधार होगा।
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हिमगिरी, श्रमजीवी इलेक्ट्रिक इंजन से ही दौड़ेंगी
हावड़ा से जम्मू के बीच चलने वाली सुपरफास्ट 12331/12332-हिमगिरी एक्सप्रेस और राजगीर से नई दिल्ली के बीच चलने वाली 12391/12392- सुपरफास्ट श्रमजीवी एक्सप्रेस इलेक्ट्रिक इंजन से ही चलेंगी। यह दोनों रेलगाड़ियां वाया सुल्तानपुर होकर चलती हैं। यह पूरा रेल रूट इलेक्ट्रिक है। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि बाकी चार जोड़ी रेलगाड़ियों से इलेक्ट्रिक इंजन एक जुलाई को हटा दिए जाएंगे।