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बंडा के अस्पताल में दवाएं जलाने का मामला
Updated Thu, 28 Sep 2017 07:27 PM IST
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बंडा (शाहजहांपुर)। सीएचसी पर दवाएं जलाए जाने के मामले में बृहस्पतिवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. लक्ष्मण प्रसाद ने बंडा पहुंचकर दवाओं का स्टाक और वितरण रजिस्टर चेक किया। जांच अधिकारी ने सबसे पहले औषधि भंडार में रखी दवाओं को चेक किया। इसके बाद वितरण रजिस्टर और स्टाक का मिलान कराया। उन्होंने कमरे के अंदर अस्पताल के प्रभारी सहित तमाम स्वास्थ्यकर्मियों के अलग-अलग बयान दर्ज कर सच्चाई जानने की कोशिश की।
जांच के बाद डिप्टी सीएमओ बाहर निकले तो भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष मंजीत सिंह, नरेश सिंह आदि ने आरोप लगाया कि सीएचसी पर इंजेक्शन लगाने, पट्टी बांधने और ब्लड की जांच कराने पर रुपये वसूले जाते हैं। दवा वितरण और पट्टी बांधने के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लगाया गया है, जो सही दवा नहीं दे पाते हैं। डिप्टी सीएमओ ने कर्मचारियों को सही से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी सीएमओ ने बताया कि एक्सपायर दवा जला दी जाती है। दवाएं जलाने के दौरान कुछ कर्मचारियों ने जान बूझकर एक्सपायर नहीं होने के बाद भी कुछ दवा जला दी है। जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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जांच के बाद डिप्टी सीएमओ बाहर निकले तो भाकियू के ब्लाक अध्यक्ष मंजीत सिंह, नरेश सिंह आदि ने आरोप लगाया कि सीएचसी पर इंजेक्शन लगाने, पट्टी बांधने और ब्लड की जांच कराने पर रुपये वसूले जाते हैं। दवा वितरण और पट्टी बांधने के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लगाया गया है, जो सही दवा नहीं दे पाते हैं। डिप्टी सीएमओ ने कर्मचारियों को सही से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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डिप्टी सीएमओ ने बताया कि एक्सपायर दवा जला दी जाती है। दवाएं जलाने के दौरान कुछ कर्मचारियों ने जान बूझकर एक्सपायर नहीं होने के बाद भी कुछ दवा जला दी है। जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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