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Shahjahanpur News: 12 ट्रेड में होगी तिलहर आईटीआई में पढ़ाई
Mon, 15 Apr 2024 03:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 15 Apr 2024 03:28 AM IST
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आईटीआई तिलहर का भवन। संवाद
शाहजहांपुर। तिलहर में नवनिर्मित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर संचालित किया जाएगा। यहां 12 ट्रेड में पढ़ाई होगी। इसको ध्यान में रखकर ही भवन का निर्माण कराया गया है।
6 करोड़ 94 लाख रुपये से निर्मित भवन को इसी वर्ष 29 मार्च को आईटीआई के लिए हैंडओवर किया गया था। उसी दिन आईटीआई को शासन के निर्देशानुसार पीपीपी मॉडल के तहत डॉ. भीमराव आंबेडकर तराई किसान महाविद्यालय लखीमपुर खीरी को सौंप दिया गया, जोकि इसका संचालन करेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को अपनाया गया था।
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राजकीय आईटीआई रोजा में इन ट्रेड में हो रही पढ़ाई
राजकीय आईटीआई रोजा में फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग टेक्निशियन, ड्राफ्टमैन मैकेनिकल, इलेक्ट्रीशियन पॉवर डिस्ट्रीब्यूटर, मैकेनिक मोटर व्हीकल, इलेक्ट्रीशियन डीएसटी, स्टेनोग्राफर एंड सेक्रेटियल असिस्टेंट हिंदी (महिला) वायरमैन, पेंशनर जनरल, वेल्डर, सेविंग टेक्नोलॉजी, सेविंग टेक्नोलॉजी(महिला), सरफेस ऑटोमेटेशन टेक्निक्स इंब्रोडेरी (महिला) ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी तरह तिलहर में युवा और उद्योगों की जरूरत के हिसाब से ट्रेड का निर्धारण किया जाएगा।
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-सरकारी संस्थानों से कई गुना अधिक होगा शुल्क
जिले में रोजा, पुवायां और जलालाबाद में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं, जिनमें प्रवेश लेने पर छात्र-छात्राओं से मात्र 40 रुपये प्रति महीना शुल्क लिया जाता है। जबकि, निजी संस्थानों में इंजीनियरिंग ट्रेड में प्रवेश लेने पर 18000 और नॉन इंजीनियरिंग ट्रेड में 15,400 रुपये शुल्क लिया जाता है। निजी संस्थान पंजीकरण शुल्क अलग से लेते हैं। तिलहर में पीपीपी मॉडल के तहत संचालित होने पर आईटीआई की फीस भी इसी तरह से तय होने की संभावना है।
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तिलहर में नवनिर्मित आईटीआई का भवन पीपीपी मॉडल के तहत संचालित करने के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर तराई किसान महाविद्यालय लखीमपुर खीरी को दिया गया है। इसमें चलने वाली ट्रेड और शुल्क उसी संस्था की ओर से तय किया जाएगा। इसका संचालन वर्ष 2024 में ही शुरू होना प्रस्तावित है।
-नरेंद्र सिंह, प्राचार्य, राजकीय आईटीआई रोजा
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6 करोड़ 94 लाख रुपये से निर्मित भवन को इसी वर्ष 29 मार्च को आईटीआई के लिए हैंडओवर किया गया था। उसी दिन आईटीआई को शासन के निर्देशानुसार पीपीपी मॉडल के तहत डॉ. भीमराव आंबेडकर तराई किसान महाविद्यालय लखीमपुर खीरी को सौंप दिया गया, जोकि इसका संचालन करेगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को अपनाया गया था।
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राजकीय आईटीआई रोजा में इन ट्रेड में हो रही पढ़ाई
राजकीय आईटीआई रोजा में फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग टेक्निशियन, ड्राफ्टमैन मैकेनिकल, इलेक्ट्रीशियन पॉवर डिस्ट्रीब्यूटर, मैकेनिक मोटर व्हीकल, इलेक्ट्रीशियन डीएसटी, स्टेनोग्राफर एंड सेक्रेटियल असिस्टेंट हिंदी (महिला) वायरमैन, पेंशनर जनरल, वेल्डर, सेविंग टेक्नोलॉजी, सेविंग टेक्नोलॉजी(महिला), सरफेस ऑटोमेटेशन टेक्निक्स इंब्रोडेरी (महिला) ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी तरह तिलहर में युवा और उद्योगों की जरूरत के हिसाब से ट्रेड का निर्धारण किया जाएगा।
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-सरकारी संस्थानों से कई गुना अधिक होगा शुल्क
जिले में रोजा, पुवायां और जलालाबाद में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं, जिनमें प्रवेश लेने पर छात्र-छात्राओं से मात्र 40 रुपये प्रति महीना शुल्क लिया जाता है। जबकि, निजी संस्थानों में इंजीनियरिंग ट्रेड में प्रवेश लेने पर 18000 और नॉन इंजीनियरिंग ट्रेड में 15,400 रुपये शुल्क लिया जाता है। निजी संस्थान पंजीकरण शुल्क अलग से लेते हैं। तिलहर में पीपीपी मॉडल के तहत संचालित होने पर आईटीआई की फीस भी इसी तरह से तय होने की संभावना है।
तिलहर में नवनिर्मित आईटीआई का भवन पीपीपी मॉडल के तहत संचालित करने के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर तराई किसान महाविद्यालय लखीमपुर खीरी को दिया गया है। इसमें चलने वाली ट्रेड और शुल्क उसी संस्था की ओर से तय किया जाएगा। इसका संचालन वर्ष 2024 में ही शुरू होना प्रस्तावित है।
-नरेंद्र सिंह, प्राचार्य, राजकीय आईटीआई रोजा