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पशुओं को गोसदन में रखने को लेकर नोकझोंक

Fri, 26 Apr 2019 12:34 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 26 Apr 2019 12:34 AM IST
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पशुओं को गोसदन में रखने को लेकर नोकझोंक
खुटार(शाहजहांपुर)। गुरुवार को कई किसान पशु लेकर गांव सिमरा वीरान स्थित राजकीय गोसदन पहुंचे, लेकिन गोसदन के व्यवस्थापक ने पशु रखे जाने से इंकार कर दिया। इस पर उनकी किसानों से नोकझोंक हुई।
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गांव सिल्हुआ निवासी अनुपम दीक्षित, बबली दीक्षित, गौरव पाठक, ज्ञानेश पाठक सहित कई किसान 14 पशु लेकर गोसदन पहुंचे। किसानों ने बताया कि आवारा पशु गन्ने की फसल को चर रहे हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान हो रहा है। गोसदन में ग्वालों ने पशु रखने से इंकार कर दिया। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इस बीच गांव टाह खुर्द कलां के कई लोग मौके पर आ पहुंचे और किसानों से कहा कि आसपास के लोग पशु लेकर गोसदन आते हैं। रात में गोसदन के कर्मचारी पशुओं को भगा देते हैं, जिससे पशु उनके खेतों में नुकसान पहुंचा रहे हैं। गोसदन में पशुओं के लिए चारे, भूसे की कोई व्यवस्था नहीं है।
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विवाद बढ़ने पर किसी ने यूपी-100 पर सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच गोसदन के पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. विवेक शुक्ला भी मौके पर पहुंचे और पशुओं की संख्या अधिक होने की बात कहते हुए पशुओं को रखने से इंकार कर दिया। इस पर किसान भड़क उठे और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने पशुधन प्रसार अधिकारी को चुनाव तक पशुओं को गोसदन में रखने के निर्देश दिए, इसके बाद मामला शांत हो सका।
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383 एकड़ जमीन, फिर भी पशु रखने में समस्या
पुवायां (शाहजहांपुर)। खुटार ब्लॉक के गांव सिमरा वीरान स्थित राजकीय गोसदन में पशुओं की संख्या हमेशा सौ से सवा सौ के बीच ही रहती है। जबकि गोसदन में 383 एकड़ जमीन है और प्रति वर्ष लगभग डेढ़ सौ एकड़ जमीन को ठेके पर भी दिया जाता है। गोसदन के बैंक और डाकघर के खातों में बड़ी रकम जमा है लेकिन इसके बाद भी यहां पशुओं की संख्या न बढ़ाया जाना समझ से परे है। राजकीय गोसदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक आ चुके हैं। 25 फरवरी 17 को गोसदन में उन्होंने पशुओं की संख्या बढ़ाए जाने सहित कई चीजों पर जोर दिया था। बाद में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कृष्णाराज ने यहां गोकुल ग्राम भी स्वीकृत कराया, लेकिन गोसदन की स्थित में कोई बदलवा नहीं आया है। वर्षों से यहां गोवंश की संख्या मात्र सौ से सवा सौ के बीच ही रही है, जबकि क्षेत्र में सैकड़ों आवारा पशु घूम रहे हैं और किसानों की फसलों को चर रहे हैं। गोसदन में एक गोदाम में बंडा के पशु अस्पताल के प्रभारी ने 18 पशु कई दिन से रखे हुए हैं। पशुओं को चारा, भूसा नहीं दिया जा रहा है। गोसदन में बंद पशु भी तपती धूप में हांफते मिले।

गोसदन का एक गोदाम हैंडओवर नहीं हुआ है। उन्हें वहां बंद पशुओं से कोई लेना देना नहीं है।
डॉ. विवेक शुक्ला, पशुधन प्रसार अधिकारी गोसदन सिमरा वीरान
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