{"_id":"5c6d6046bdec22105574f644","slug":"111550671942-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कसा शिकंजा पीडब्लूडी की जमीन खरीदने, बेचने वालों पर होगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कसा शिकंजा पीडब्लूडी की जमीन खरीदने, बेचने वालों पर होगी रिपोर्ट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुवायां (शाहजहांपुर)। खुटार में सरकारी जमीन बेचे जाने का बड़ा मामला पकड़ में आने के बाद डीएम अमृत त्रिपाठी ने कड़ा रुख अख्त्यिार करते हुए पीडब्लूडी के एक्सईएन को जमीन बेचने और खरीदने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। जमीन भी पीडब्लूडी के नाम दर्ज की जाएगी, इससे जमीन खरीदने वालों में खलबली मच गई है।
खुटार कसबे के बीच में मेन रोड के किनारे पीडब्लूडी ने वर्ष 1965 में दस खातों में बंटी 19 लोगों की 25 एकड़ से अधिक जमीन को अधिग्रहीत किया था और इसका मुआवजा भी दे दिया गया था। वर्ष 1975 में जमीन पीडब्लूडी को अभ्यर्पित भी हो गई, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते जमीन का दाखिल खारिज नहीं कराया गया और जमीन किसानों के ही नाम चलती रही। रोड के किनारे होने के कारण जमीन की कीमत काफी बढ़ गई तो बाद में किसानों ने जमीन को बेचना शुरू कर दिया। इसके बाद भी पीडब्लूडी के अधिकारी सोते रहे और बेशकीमती जमीन पर दुकानें, मकान, सिनेमा हाल बनता देखते रहे। गेस्ट हाउस को छोड़कर शेष सारी भूमि बेची जा चुकी है और इस पर तमाम मकान आदि बने खड़े हैं।
वर्ष 2014 में पीडब्लूडी अधिकारियों की नींद टूटी और जमीन के दाखिल खारिज के लिए तहसीलदार के यहां वाद दायर किया गया। मुकदमें सात खातेदारों ने आपत्ति दर्ज की शेष ने कोई आपत्ति भी नहीं की। बुधवार को डीएम अमृत त्रिपाठी ने पीडब्लूडी के एक्सईएन आरके पिथौरिया को जमीन बेचने और खरीदने वालों पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बेची गई जमीन को भी पीडब्लूडी के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
कई करोड़ की है जमीन, इन लोगों से हुआ था अधिग्रहण
पुवायां (शाहजहांपुर)। वर्तमान में अवैध रूप से बेची गई जमीन की कीमत कई करोड़ है। जमीन पर लगभग 50 दुकानें, इतने ही घर बने खड़े हैं। कुछ लोगों ने जमीन खरीद कर व्यवसायिक हॉल भी बनवाकर किराए पर उठा रखे हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा भी इसी जमीन पर बने भवन में चल रहा है। जमीन को उर्मिला देवी, सुशीला देवी, छुटन्ने, कृष्ण कुमार, भगवानदास, लक्ष्मीशंकर, गिरिजाशंकर, देवीशंकर, तौलेराम, पूरनलाल, डोरे, सुमेर, सुक्खा, रहम अली, रामनारायण, द्वारिका प्रसाद, बाबूराम, संतकुमार से जमीन अधिग्रहीत की गई थी। छह मई 1973 को जिला भूमि अध्यापित अधिकारी ने जमीन का प्रतिकर भी दिया। इसके बाद भी जमीन का दाखिल खारिज नहीं कराया गया।
खुलेआम होती रही वर्षों तक प्लाटिंग
पुवायां (शाहजहांपुर)। पीडब्लूडी भूमि पर माफिया वर्षों तक बोर्ड लगाकर खुलेआम प्लाटिंग कर बिक्री करते रहे, लेकिन पीडब्लूडी अधिकारियों ने कोई संज्ञान लेने की जरूरत नहीं समझी। कई बार तो यहां तक चर्चा रही कि तत्कालीन अधिकारियों से मिलकर प्लाट बेचे जा रहे हैं। अब सारी जमीन बिकने के बाद कार्रवाई हो रही है। डीएम की सख्ती से माफिया और जमीन खरीदने वालों में खलबली मची हुई है।
बंडा में भाजपा समर्थक कर रहे कब्जा
पुवायां (शाहजहांपुर)। बंडा में पीडब्लूडी के गेस्ट हाउस पर एक भाजपा नेता अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पीडब्लूडी के एक्सईएन आरके पिथौरिया ने बुधवार को पूरे मामले से डीएम को अवगत कराते हुए कहा कि भाजपा समर्थक गेस्ट हाउस की बाउंड्री नहीं बनने दे रहे हैं और बंडा पुलिस भी विभाग की मदद नहीं कर रही है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
खुटार कसबे के बीच में मेन रोड के किनारे पीडब्लूडी ने वर्ष 1965 में दस खातों में बंटी 19 लोगों की 25 एकड़ से अधिक जमीन को अधिग्रहीत किया था और इसका मुआवजा भी दे दिया गया था। वर्ष 1975 में जमीन पीडब्लूडी को अभ्यर्पित भी हो गई, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते जमीन का दाखिल खारिज नहीं कराया गया और जमीन किसानों के ही नाम चलती रही। रोड के किनारे होने के कारण जमीन की कीमत काफी बढ़ गई तो बाद में किसानों ने जमीन को बेचना शुरू कर दिया। इसके बाद भी पीडब्लूडी के अधिकारी सोते रहे और बेशकीमती जमीन पर दुकानें, मकान, सिनेमा हाल बनता देखते रहे। गेस्ट हाउस को छोड़कर शेष सारी भूमि बेची जा चुकी है और इस पर तमाम मकान आदि बने खड़े हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2014 में पीडब्लूडी अधिकारियों की नींद टूटी और जमीन के दाखिल खारिज के लिए तहसीलदार के यहां वाद दायर किया गया। मुकदमें सात खातेदारों ने आपत्ति दर्ज की शेष ने कोई आपत्ति भी नहीं की। बुधवार को डीएम अमृत त्रिपाठी ने पीडब्लूडी के एक्सईएन आरके पिथौरिया को जमीन बेचने और खरीदने वालों पर रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बेची गई जमीन को भी पीडब्लूडी के नाम दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
कई करोड़ की है जमीन, इन लोगों से हुआ था अधिग्रहण
पुवायां (शाहजहांपुर)। वर्तमान में अवैध रूप से बेची गई जमीन की कीमत कई करोड़ है। जमीन पर लगभग 50 दुकानें, इतने ही घर बने खड़े हैं। कुछ लोगों ने जमीन खरीद कर व्यवसायिक हॉल भी बनवाकर किराए पर उठा रखे हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा भी इसी जमीन पर बने भवन में चल रहा है। जमीन को उर्मिला देवी, सुशीला देवी, छुटन्ने, कृष्ण कुमार, भगवानदास, लक्ष्मीशंकर, गिरिजाशंकर, देवीशंकर, तौलेराम, पूरनलाल, डोरे, सुमेर, सुक्खा, रहम अली, रामनारायण, द्वारिका प्रसाद, बाबूराम, संतकुमार से जमीन अधिग्रहीत की गई थी। छह मई 1973 को जिला भूमि अध्यापित अधिकारी ने जमीन का प्रतिकर भी दिया। इसके बाद भी जमीन का दाखिल खारिज नहीं कराया गया।
खुलेआम होती रही वर्षों तक प्लाटिंग
पुवायां (शाहजहांपुर)। पीडब्लूडी भूमि पर माफिया वर्षों तक बोर्ड लगाकर खुलेआम प्लाटिंग कर बिक्री करते रहे, लेकिन पीडब्लूडी अधिकारियों ने कोई संज्ञान लेने की जरूरत नहीं समझी। कई बार तो यहां तक चर्चा रही कि तत्कालीन अधिकारियों से मिलकर प्लाट बेचे जा रहे हैं। अब सारी जमीन बिकने के बाद कार्रवाई हो रही है। डीएम की सख्ती से माफिया और जमीन खरीदने वालों में खलबली मची हुई है।
बंडा में भाजपा समर्थक कर रहे कब्जा
पुवायां (शाहजहांपुर)। बंडा में पीडब्लूडी के गेस्ट हाउस पर एक भाजपा नेता अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। पीडब्लूडी के एक्सईएन आरके पिथौरिया ने बुधवार को पूरे मामले से डीएम को अवगत कराते हुए कहा कि भाजपा समर्थक गेस्ट हाउस की बाउंड्री नहीं बनने दे रहे हैं और बंडा पुलिस भी विभाग की मदद नहीं कर रही है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।